December 07, 2016

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राज बब्बर बोले- कांग्रेस के रणनीतिकार नहीं हैं प्रशांत किशोर

कांग्रेस की तरफ से शुक्रवार (4 नवंबर) को कहा गया कि रणनीतिकार प्रशांत किशोर समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव से अपने मर्जी से मिले थे और उस मुलाकात में कांग्रेस पार्टी का कोई रोल नहीं था।

यूपी कांग्रेस के अध्यक्ष राज बब्बर

कांग्रेस की तरफ से शुक्रवार (4 नवंबर) को कहा गया कि रणनीतिकार प्रशांत किशोर समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव से अपने मर्जी से मिले थे और उस मुलाकात में कांग्रेस पार्टी का कोई रोल नहीं था। पार्टी की तरफ से यह बात यूपी कांग्रेस के अध्यक्ष राज बब्बर ने कही। राज बब्बर ने यह भी कहा कि पार्टी ने किशोर को चुनाव का रणनीतिकार बनाने के लिए नहीं लिया है। बब्बर ने कहा, ‘प्रशांत जी हमारी पार्टी के रणनीतिकार नहीं हैं बल्कि उन्हें पार्टी की विचारधारा को आगे ले जाने के लिए रखा गया है। उसके लिए उन्हें नई तकनीकों के माध्यम से पार्टी को लोगों तक पहुंचाना है। आखिरकार में हमारी पार्टी के कार्यकर्ता हैं जो ग्रासरूट लेवल पर काम करते हैं। लोगों को नई चीजों को समझने में वक्त लगता है। लेकिन अब पार्टी में लोगों को समझ आ गया है कि किस शख्स का क्या काम है।’

इसके आगे उन्होंने कहा, ‘जहां तक मुलायम से उनकी मुलाकात की बात है उसपर मैं यही कहा सकता हूं कि बातचीत में गठबंधन को लेकर कोई बात नहीं हुई थी। ना ही इसके लिए हमने किसी से बात की और ना ही किसी ने हमसे बात की। प्रशांत किशोर ने भी हम लोगों से कहा कि उनकी बातचीत हमारे लिए नहीं की गई थी।’

वीडियो: “जो अहंकार कांग्रेस को लेकर डूबा था, वह बीजेपी को भी लेकर डूबेगा”

गौरतलब है कि बीच में खबर आई थी कि रणनीतिकार प्रशांत किशोर आने वाले वक्त में कांग्रेस से नाता तोड़ सकते हैं। उत्तरप्रदेश में चुनाव की तैयारियों को लेकर उनकी पार्टी के कुछ लोगों से नोकझोंक होती रहती है। इतना ही नहीं पंजाब में भी कई कांग्रेसी प्रशांत के खिलाफ हैं। ऐसे में अंदाजा लगाया जा रहा है कि राहुल गांधी से अच्छे रिलेशन होने के बावजूद प्रशांत किशोर कांग्रेस से अपनी राहें अलग कर सकते हैं। सूत्रों से इंडियन एक्सप्रेस को पता लगा है कि पंजाब कांग्रेस के प्रमुख कैप्टन अमरिंदर सिंह भी प्रशांत से खुश नहीं हैं। यूपी में बहस का मुद्दा प्रियंका का कैंपेन प्लान है। एक तरफ किशोर प्रियंका का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर और आक्रामक तरीके से करना चाहते हैं लेकिन पार्टी के लोग इससे इत्तेफाक नहीं रखते। वहीं पंजाब में अमरिंदर और किशोर का काम करने का तरीका बिल्कुल अलग है।

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First Published on November 5, 2016 4:46 pm

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