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भोपाल मुठभेड़ पर मुनव्‍वर राणा बोले- जब तक 5-10 पुलिसवाले न मरे तब तक कैसा एनकाउंटर

शायर मुनव्‍वर राणा ने भोपाल में सिमी के संदिग्‍ध आतंकियों के एनकाउंटर को फर्जी बताया है।
मशहूर शायर मुनव्वर राना

शायर मुनव्‍वर राणा ने भोपाल में सिमी के संदिग्‍ध आतंकियों के एनकाउंटर को फर्जी बताया है। वाराणसी में एक कार्यक्रम के बाद उन्‍होंने पत्रकारों से कहा कि एनकाउंटर में जब तक 5-10 पुलिसवाले और 15-20 लोग ना मारे जाए, तब तक एनकाउंटर कैसा? पहले भी इस तरह के एनकाउंटर होते रहे हैं। मुनव्‍वर राणा ने कहा कि आजकल लोगों की मांग पर एनकाउंटर होने लगे हैं। लोगों की मर्जी से फांसी दे दी जाती है। किसी की जेब से ऊर्दू में लिखा खत मिल जाता है तो उसे आतंकी करार दे दिया जाता है। यह सब राजनेताओं को खुश करने के लिए किया जाता है। गौरतलब है कि मुनव्‍वर राणा का यह बयान भोपाल में जेल तोड़कर भागे सिमी के आठ संदिग्‍ध आतंकियों के एनकाउंटर के संबंध में था।मुनव्‍वर राणा ने पिछले साल असहिष्‍णुता के मुद्दे पर अवार्ड भी लौटा दिया था। इस बारे में उन्‍होंने कहा कि देश में अभी भी यह माहौल है।

राणा ने अपने पाकिस्‍तान दौरे का जिक्र करते हुए बताया कि वहां पर कार्यक्रम के दौरान उनका नंबर अलसुबह आया। उस समय अजान शुरू हो गई। इस पर उन्‍होंने अजान के चलते बोलने से मना कर दिया। दूसरे दिन मीडिया में यह खबर बनी। वहां अखबार में लिखा गया कि भारतीय कलाकार ने पाकिस्‍तान को तहजीब सिखाई। अवार्ड वापस करने पर उन्‍होंने कहा कि वे अपनी बात पर कायम हैं। वे अब कभी भी भविष्‍य में सरकारी सम्‍मान नहीं लेंगे। मुनव्‍वर राणा ने कहा कि सेना को राजनीति से दूर रखा जाना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सर्जिकल स्‍ट्राइक को कुछ ज्‍यादा ही आगे बढ़ा रहे हैं। सेना काम करना जानती है। इस पर राजनीति करने की जरुरत नहीं है।

राणा ने पाकिस्‍तानी कलाकारों के भारत में काम करने की भी पैरवी की। उन्‍होंने कहा कि कलाकारों के काम करने में कोई बुराई नहीं है। फिल्‍मों के साथ ही हॉकी और क्रिकेट के मैच भी होने चाहिए। कश्‍मीर के मुद्दे पर उन्‍होंने कहा कि बातचीत से ही इस समस्‍या का हल निकल सकता है। बंदूक के साये में कोई मसला हल नहीं होता। उ त्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री अखिलेश यादव पर चुटकी लेते हुए कहा मुनव्‍व्‍र राणा ने कहा, “अखिलेश यादव को अपने पिता और चाचा का आशीर्वाद लेना चाहिए। जो अपने बाप और चाचा का नहीं हुआ, वो प्रदेश का क्या होगा।”

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  1. A
    Amit Yadav
    Nov 4, 2016 at 12:15 pm
    क्या कहते हो सर जी मैं तो आप की ग़ज़लों का फैन हूं लकिन आप का ये बयान दिल तोड़ दिया, जो भी हो रहा है अच्छे के लिए ही हो रहा है मुन्नवर राना, ध्यान दीजिये देश बदल रहा है....
    Reply
    1. A
      Anmol Phutela
      Nov 4, 2016 at 5:28 am
      Aap kaun bhai sahab??
      Reply
      1. A
        ASHOK KUMAR
        Nov 4, 2016 at 12:39 pm
        मुनव्वल राणा जी ! आप के इस बयान से कि " किसी के जेब मे उर्दू लिखी पर्ची मिल जाए तो उसे पुलिस आतंकवादी समझ लेती है" यदि ऐसा रहता तो आप कबके सलाखों के अंदर शायर नही "मोजरा" गा रहे सोते। जनाब आप कह रहे हो अवार्ड वापस कर दिए और और अब भविष्य मे कोई भी अवार्ड नही लोगों, तो आप जैसे गद्दारों को पाकिस्तान मे जा कर बस जाना चाहिए क्यों हिंदुस्तान का नमक खा कर नमक करते हो।
        Reply
        1. Y
          yudhbeer singh
          Nov 4, 2016 at 11:51 am
          ये महाशय दो शब्द अपनी कौम के भटके हुए नौजवानों को सुधरने लिए कहते तो शायद आतंकवाद में कुछ कमी आ सकती थी परन्तु जब आतंकवादी निर्दोष लोगों को मारतें हैं ,तो ये चुप रहते हैं , पता नहीं क्यों ? या तो ये डरते है या ये खुद भी यही चाहतें हैं . परतुं जैसे ही कोई आतंकवादी मरता है चाहे उसे फांसी दी जाय या एनकाउंटर में मार जाय ,इनके सीनें में दर्द होने लगता है . इनको अिष्णुता नज़र आने लगती हैं . ऐसे बुद्धिजीवी लोगो के चलते ही इस्लामिक आतंकवाद बढ़ता ही जा रहा है
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          1. H
            harish joshi
            Nov 4, 2016 at 6:14 am
            बेचारे को दुःख तो होना लाजमी है... आखिर वे आठों इनके और इनके जैसे कई आतंकी समर्थकों के अब्बा जो थे..... भावनाओ को समझो बेचारे का बाप गया 72 ो के पास...
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            1. N
              Nitin Raval
              Nov 3, 2016 at 6:50 pm
              पहले तो यह रोती सूरत के फोटो के नीचे लिखा "मश" हटा लीजिए, अबे काहेका मश, भाइ? दूसरा, इनके कहनेके मुताबिक "किसी की जेब से ऊर्दू में लिखा खत मिल जाता है तो उसे आतंकी करार दे दिया जाता है। " तो यह बात बिल्कुल वाजिब है, सुधर जाओ, नहीं तो कल कहीं उर्दू में शायरी पढते सुने गए तो मारे जाने की संभावना है.
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              1. A
                Anmol Phutela
                Nov 4, 2016 at 5:29 am
                Aap kaun bhai sahab??
                Reply
              2. S
                shivshankar
                Nov 4, 2016 at 12:27 pm
                आप तो हिटलर के सागे लगते हैं आदमी को चाहिए के वक्त से दर कर रहे कौन जाने किस घडी वक्त का बदले मिज़ाज़
                Reply
                1. S
                  shivshankar
                  Nov 4, 2016 at 12:22 pm
                  हाँ देश बदल रहा है अब एनकाउंटर का मतलब है निहाठोंको मारना राणा जी नया राज है नयी भाषा है समय के साथ शब्दों के अर्थ बदलते हैं
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                  सबरंग