March 30, 2017

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मुलायम चाहते हैं अध्यक्ष पद, अखिलेश देना नहीं चाहते

अखिलेश यादव ने अपने पिता मुलायम सिंह यादव के पांव छुए और बोले, आप हमारे नेता हैं। आप हमारे गुरु हैं।

Author लखनऊ | January 11, 2017 01:11 am
अखिलेश यादव, शिवपाल सिंह यादव और मुलायम सिंह यादव। (फाइल फोटो)

समाजवादी पार्टी में सुलह का रास्ता अब सूझता नजर नहीं आ रहा है। मुलायम सिंह यादव दोबारा अखिलेश यादव से पार्टी के अध्यक्ष पद की कुर्सी वापस लेना चाहते हैं। उसके बदले में वे अखिलेश यादव को वह सब देने को राजी हैं जिसके छिन जाने के बाद रार के कगार पर पहुंच चुकी थी सपा। लेकिन अखिलेश यादव अध्यक्ष पद त्यागने पर अब राजी नहीं। उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी सूरत में वे समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष पद की कुर्सी छोड़ेंगे नहीं। सूत्रों के मुताबिक मुलायम ने अखिलेश से पार्टी के चुनाव निशान ‘साइकिल’ पर दावे के सिलसिले में चुनाव आयोग को दिये गये अपना प्रतिवेदन को वापस लेने की भी मांग की। दरअसल मुलायम सिंह यादव अपने ‘चरखा’ दांव में इस बार खुद फंस चुके हैं। सैफई में पहलवानी के अखाड़े में आजमाए गए इस दांव की आजमाइश उन्होंने देश की सियासत में भी खूब की। कभी उनके इस दांव में चंद्रशेखर आए तो कभी चौधरी चरण सिंह। लालू प्रसाद यादव, ममता बनर्जी, नीतीश कुमार, शरद यादव औरर मायावती सरीखे अनेक राजनेता हैं जिन्हें मुलायम के ‘चरखा’ दांव की याद आज भी ताजा है।  अखिलेश यादव की तारीफ कर उन्होंने इसी दांव की आजमाइश उन पर भी करने की कोशिश की लेकिन इस बार उनका यह दांव उत्तर प्रदेश की राजनीति के नौजवान मुख्यमंत्री ने पहले ही पढ़ लिया। यही वजह है कि समाजवादी पार्टी दो धड़ों और दो खेमों में बंटकर उत्तर प्रदेश के सियासी समर में ताल ठोकने की तैयारी कर रही है।

मंगलवार को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मुलायम सिंह यादव के आवास पहुंचकर उनसे मुलाकात की। मुलायम के आवास पर मौजूद सूत्र बताते हैं कि इस मुलाकात में मुख्यमंत्री के साथ उनकी दोनों बेटियां भी थीं। सोमवार को मुलायम सिंह यादव ने अपनी बड़ी पौत्री से शिकायत की थी कि उनके पिता बेहद जिद्दी हैं। इस शिकायत के अगले ही दिन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव अपनी दोनों बेटियों के साथ नेताजी के आवास पर पहुंचे। वहां दोनों के बीच लंबी बातचीत हुई। सूत्र बताते हैं कि मुलायम ने अखिलेश से कहा कि वे उन्हें मुख्यमंत्री के तौर पर पेश करने को राजी हैं। इसमें उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। वे प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी भी उन्हें देने पर संजीदगी से विचार कर सकते हैं। बशर्ते उन्हें उनका पुराना राष्टÑीय अध्यक्ष का खिताब वापस कर दिया जाय। लेकिन अखिलेश मुलायम के इस भावुक ‘चरखा’ दांव से बेहद चतुराई से बच निकले।

सूत्रों का कहना है कि अखिलेश यादव ने अपने पिता मुलायम सिंह यादव के पांव छुए और बोले, आप हमारे नेता हैं। आप हमारे गुरु हैं। आप हमारे पिता हैं। मेरे जीवन पर सबसे अधिक अधिकार और सम्मान यदि किसी का है तो वह आप हैं। आप सदैव हमारे मार्गदर्शक रहे हैं और आगे भी रहेंगे। लेकिन राष्टÑीय अध्यक्ष मैं ही रहूंगा क्योंकि पार्टी की प्रतिनिधि सभा ने मुझे यह पद प्रदान किया है। सूत्र बताते हैं कि मुलायम सिंह यादव अब भी पार्टी के राष्टÑीय अध्यक्ष का पद वापस पाने पर अड़े हैं। इस वक्त समाजवादी पार्टी के बीच मचे घमासान के शांत न होने की असल वजह भी यही है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक बैठक के दौरान न तो मुख्यमंत्री के राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी बन चुके उनके चाचा शिवपाल यादव और न ही परिवार में झगड़े की जड़ कहे जा रहे राज्यसभा सदस्य अमर सिंह मौजूद थे। विक्रमादित्य मार्ग पर मुलायम सिंह यादव से बेनतीजा रही बातचीत के बाद अपने सरकारी आवास पर लौटे अखिलेश यादव ने वहां मौजूद सपा के कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे अपने विधानसभा क्षेत्रों में जाकर पार्टी के प्रचार कार्य में जुट जाएं। जिनको टिकट देने को कहा गया है, टिकट उन्हीं को दिया जाएगा। बहुत जल्द उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी जाएगी।

 

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First Published on January 11, 2017 1:11 am

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