December 11, 2016

ताज़ा खबर

 

‘भाजपा का खुमार उतार देगी गाज़ीपुर में होने जा रही मुलायम की रैली’

अफजाल अंसारी ने कहा कि पूर्वांचल में जनसमर्थन के हिसाब से मुलायम और मोदी के बीच कोई तुलना नहीं है। मोदी का गाजीपुर में कुछ नहीं है।

Author लखनऊ | November 17, 2016 16:26 pm
कौमी एकता दल (कौएद) के मुखिया अफजाल अंसारी। (फाइल फोटो)

हाल ही में अपने कौमी एकता दल का सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी (सपा) में विलय करने वाले अफजाल अंसारी का कहना है कि भाजपा का मंसूबा सपा के गढ़ में सेंध लगाने का है, लेकिन आगामी 23 नवम्बर को गाजीपुर में होने जा रही सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव की रैली के बाद उसे जमीनी हकीकत का अंदाजा हो जाएगा। अंसारी ने कहा कि पिछली 14 नवम्बर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गाजीपुर के आरटीआई मैदान में हर लिहाज से असफल रैली को सम्बोधित किया था। पूर्वांचल में राजनीतिक सत्ता पर कब्जा करने का मंसूबा लिये भाजपा के नेताओं के लिये यह एक बड़ा झटका है, जिसे वे दबे लहजे में ही सही, लेकिन स्वीकार कर रहे हैं। अब 23 नवम्बर को इसी मैदान पर सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ऐतिहासिक रैली के जरिये अपने चुनाव अभियान का आगाज करेंगे। इस रैली के बाद भाजपा को क्षेत्र में अपनी हैसियत का अंदाजा हो जाएगा।

उन्होंने दावा किया कि पूर्वांचल में जनसमर्थन के हिसाब से मुलायम और मोदी के बीच कोई तुलना नहीं है। मोदी का गाजीपुर में कुछ नहीं है। मोदी की रैली में अपेक्षा के लिहाज से 40 प्रतिशत भीड़ भी नहीं आयी थी। मुलायम की रैली मोदी की रैली के मुकाबले बहुत बड़ी होगी। इस रैली को लेकर किसानों, गरीब तबके के लोगों और नौजवानों में काफी उत्साह है। अंसारी ने बताया कि सपा मुखिया मुलायम पूर्वांचल को पहले भी तवज्जो देते रहे हैं। वह हमेशा कहते रहे हैं कि इटावा के बाद गाजीपुर उनका घर है। अपने चुनावी अभियान की शुरुआत के लिये गाजीपुर को चुनकर उन्होंने यह साबित भी किया है। वहां की अवाम में भी उनके प्रति मुहब्बत जाहिर करने का उत्साह है। उन्होंने बताया कि इस बार भाजपा ने पूर्वांचल फतह करने के लिये काफी जोर लगाया है। यह मानते हुए जोर लगाया है कि यह मुलायम का गढ़ है। अब जाहिर सी बात है कि कोई दूसरा घुसपैठ करना चाहता है तो आदमी अपनी फस्लों की रखवाली के लिये मुस्तैद हो जाता है।

अंसारी ने बताया कि इस रैली में चन्दौली, वाराणसी, जौनपुर, बलिया, मऊ, बलिया, गाजीपुर तथा भदोही समेत आठ जिलों के नेता तथा कार्यकर्ता शामिल होंगे। मालूम हो कि भाजपा ने राजभर मतदाताओं की खासी संख्या वाले पूर्वांचल में चुनाव जीतने के लिये सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी से गठबंधन किया है। सपा ने वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में पूर्वांचल के चार प्रमुख जिलों मऊ, गाजीपुर, बलिया और आजमगढ़ की 28 में से 22 सीटें जीती थीं। माफिया से राजनेता बने मऊ से विधायक मुख्तार अंसारी के भाई अफजाल ने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा कि शाह उत्तर प्रदेश में हाल की अपनी रैलियों में उनके तथा उनके भाई मुख्तार के बहाने सपा को ‘गुंडों की पार्टी’ होने का प्रमाणपत्र दे रहे हैं और अपनी पार्टी में एक भी गुंडा ना होने की बात कह रहे हैं। सचाई जानने के लिये शाह खुद को और अपनी पार्टी को आईने में देखें।

उन्होंने कहा, ‘हमें पूर्व में तड़ीपार तक किये जा चुके और हत्या जैसे मुकदमों में आरोपी रह चुके शाह से चरित्र प्रमाणपत्र नहीं चाहिये। जहां तक भाजपा में एक भी आपराधिक पृष्ठभूमि का व्यक्ति मौजूद नहीं होने के उनके दावे का सवाल है तो उनकी पार्टी की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य के रिकॉर्ड पर नजर डाली जानी चाहिये, जिन पर 10 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं।’ अंसारी ने कहा, ‘जिस तरह शाह और मौर्य को देश की किसी अदालत ने दोषी नहीं ठहराया है, उसी तरह उन्हें और उनके भाई मुख्तार को भी किसी न्यायालय ने मुजरिम करार नहीं दिया है। शाह को यह बात याद रखनी चाहिये।’

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

First Published on November 17, 2016 4:26 pm

सबरंग