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एंटी-रोमियो स्क्वाड ने दर्ज की एफआईआर, युवक का आरोप- छेड़छाड़ नहीं, मुसलमान होने के चलते मुझे हिंदुओं ने मारा

वसीम ने बताया, "मैं शास्त्रीनगर अपना सामान लेने आया था क्योंकि मैं वो कमरा छोड़ चुका हूं। अचानक ही कुछ लोग मेरा नाम पूछते हुए आए। ज्यों ही मैंने अपना नाम मोहम्मद वसीम बताया उन्होंने मुझे मारना शुरू कर दिया।
तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीक के तौर पर किया गया है। (AP Photo/Muhammed Muheisen)

मेरठ में मंगलवार (11 अप्रैल) को कथित एंटी-रोमियो ने 25 वर्षीय मोहम्मद वसीम को घर में घुसकर पिटाई की। वसीम का आरोप है कि उसे “आरएसएस के स्थानीय लोगों ने मुझे मुसलमान होने के कारण मारा।” वहीं पुलिस का कहना है कि वसीम “महिला को छेड़ रहा था” और उस पर सार्जवनिक जगह पर अश्लील हरकत करने के लिए धारा 294 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का बयान स्थानीय लोगों की शिकायतों पर आधारित है।

बुधवार (12 अप्रैल) को मीडिया में इस बाबत कई रिपोर्टें चलीं जिनमें  कहा गया है कि वसीम पर हिन्दू युवा वाहिनी के लोगों ने हमला किया था। इस वाहिनी की स्थापना उत्तर प्रदेश के मौजूदा मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने की थी। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार हिन्दू युवा वाहिनी के लोगों युवक के किराए के कमरे पर धावा बोला जहां वो कथित रूप से एक हिन्दू युवती के साथ था। रिपोर्ट के अनुसार युवक युवती का जबरदस्ती “धर्म परिवर्तन” कराना चाहता है। इन लोगों का आरोप था कि ये “लव जिहाद” का मामला है। घटना का वीडिया सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। लेकिन वसीम इस पूरे घटनाक्रम से इनकार करते हैं।

वसीम ने बताया, “मैं शास्त्रीनगर अपना सामान लेने आया था क्योंकि मैं वो कमरा छोड़ चुका हूं। अचानक ही कुछ लोग मेरा नाम पूछते हुए आए। ज्यों ही मैंने अपना नाम मोहम्मद वसीम बताया उन्होंने मुझे मारना शुरू कर दिया और मुझ पर महिलाओं के शोषण का आरोप लगाने लगे….पहले 8-10 लोग थे बाद में 20 और लोग आ गए। जब पुलिस आई तभी उन्होंने मुझे जाने दिया।” वसीम ने इंडियन एक्सप्रेस से बुधवार को जमानत पर रिहा होने के बाद बात की।

वसीम ने इस बात से इनकार किया कि उसके साथ कोई महिला भी थी। पुलिस ने कहा है  कि किसी स्थानीय महिला ने उनसे शिकायत की थी। पुलिस के अनुसार जब वो शिकायत के बाद मौके पर पहुंची तो वहां एक युवक अश्लील गाने गा रहा था। कांस्टेबल सुनील शर्मा द्वारा दर्ज एफआईआर में कहा गया है कि वसीम एक महिला से कह रहा था कि “मेरी जान तुम बहुत खूबसूरत दिख रही हो।” पुलिस सब-इंस्पेक्टर मोहन सिंह कहते हैं कि उन्हें लव-जिहाद या धर्मांतरण के बारे में कोई सूचना नहीं है और पुलिस को मौके पर कोई हिन्दू या कोई लड़की नहीं मिली। सिंह के अनुसार पुलिस ने उसे लड़की छेड़ते देखा था और उसने भी ये बात मानी थी।

वहीं हिंदू युवा वाहिनी ने घटना का बिल्कुल अलग ब्योरा दिया है। वाहिनी के पश्चिमी यूपी के प्रमुख नागेंद्र प्रताप सिंह तोमर कहते हैं,”हम पड़ोस में हनुमान जयंती मना रहे थे जब हमें खबर मिली की शास्त्री नगर में अभद्रता हो रही है।  हम पांच लोग वहां गए लेकिन जब तक हम लोग पहुंचे पुलिस उसे ले जा चुकी थी। हम थाने गये और पुलिस से मांग की कि मकान मालिक और युवक के खिलाप जांच की जाए। पडो़सियों के अनुसार उसके पास बहुत सी महिलाएं आती थीं और वो पहले भी महिलाओं के साथ अपने कमरे में पकड़ा जा चुका है।” हिंदू युवा वाहिनी के सचिन मित्तल कहते हैं, “जब पुलिस ने उससे नाम पूछा तो उसने सोनू बताया। अगर ये मामला लव जिहाद का नहीं है तो उसने मुस्लिम होकर गलत नाम क्यों बताया।”

एक अन्य पड़ोसी नीरज पुंडीर कहते हैं, “यहां अक्सर महिलाएं आया करती हैं…मंगलवार को मैं वहां 20-25 महिलाओं के साथ गयी और उन्हें दरवाजा खोलने के लिए मजबूर किया। वहां एक लड़की थी…हमने उसे छुआ भी नहीं और पुलिस के हवाले कर दिया।” वसीम की पड़ोसी रूबी परवीन कहती हैं, “मैंने उसके साथ लड़की देखी थी फिर मैंने दूसरों को खबर करने का फैसला किया।” वसीम के मकान मालिक ने घटना पर कोई टिप्पणी करने से मना कर दिया। वसीम कहते हैं, “आरएसएस के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने की मेरी कोई योजना नहीं है, मैं अपनी एमसीए की पढ़ाई पर ध्यान देना चाहता हूं।”

 

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