December 10, 2016

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सपा-बसपा साठगांठ के प्रधानमंत्री के आरोप सिर्फ़ झूठे प्रचार: मायावती

मायावती ने कहा कि सरकार में रहते हुए भी उनकी पार्टी की सरकार ने सपा के भ्रष्टाचार और उसके द्वारा राजनीति के अपराधीकरण का डटकर विरोध किया है।

Author लखनऊ | October 26, 2016 17:58 pm
सहारनपुर में पार्टी सम्मेलन के दौरान मंच से कार्यकर्ताओं की ओर हाथ उठाकर अभिवादन स्वीकार करतीं बसपा सुप्रीमो मायावती। (पीटीआई फोटो/11 सितंबर, 2016/फाइल)

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) मुखिया मायावती ने बुधवार (26 अक्टूबर) को भ्रष्टाचार के मुद्दे पर समाजवादी पार्टी (सपा) और बसपा की साठगांठ के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आरोप को ‘मिथ्या एवं भ्रामक प्रचार’ करार दिया है। मायावती ने यहां जारी एक बयान में कहा कि प्रधानमंत्री ने गत 24 अक्तूबर को महोबा जिले में अपनी रैली के दौरान सपा और बसपा की मिलीभगत का आरोप लगाया है। मोदी अपनी पार्टी भाजपा की तरह ही, मिथ्या तथा भ्रामक प्रचार करने में अभी से ही जुट गए हैं। उन्होंने कहा कि दो जून 1995 को लखनऊ के स्टेट गेस्ट हाऊस में सपा नेतृत्व द्वारा उन पर कराए गए जानलेवा हमले के ‘अक्षम्य अपराध’ के बाद बसपा ने कभी भी सपा से कोई नाम मात्र का भी सियासी मेल-जोल नहीं रखा है। तब से लेकर आज तक बसपा हर मोर्चें पर सपा के आपराधिक चाल, चरित्र व चेहरे का लगातार विरोध करती रही है।

बसपा मुखिया ने कहा कि पार्टी के स्तर के साथ-साथ सरकार में रहते हुए भी उनकी पार्टी की सरकार ने सपा के भ्रष्टाचार और उसके द्वारा राजनीति के अपराधीकरण का डटकर विरोध किया है तथा इस सम्बन्ध में अनेक सख़्त फैसले लेकर कानूनी कार्रवाई भी की है। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री ने गत 24 अक्तूबर को महोबा में आयोजित ‘परिवर्तन महारैली’ में कहा था कि चुनाव प्रचार में बसपा और सपा एक-दूसरे पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते रहते हैं लेकिन सत्ता में आने पर उन्होंने कभी दूसरी पार्टी के भ्रष्टाचारियों को जेल नहीं भेजा। ये दोनों पार्टियां जनता को भ्रमित करने का खेल खेलकर कुर्सी हथियाती हैं।

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First Published on October 26, 2016 5:53 pm

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