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गोरक्षा के नाम पर दलितों का उत्पीड़न हो रहा है : मायावती

संघ प्रमुख को जवाब देते हुए कहा कि इन आपराधिक तत्वों की तारीफें देशहित का काम नहीं हो सकती।
Author लखनऊ | October 12, 2016 05:07 am
BSP मायावती

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत के गोरक्षकों की प्रशंसा करने पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए बसपा सुप्रीमो मायावती ने आज कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार बनने के बाद से गोरक्षा के नाम पर पहले मुसलमानों और अब दलितों का देश भर में उत्पीड़न किया जा रहा है। मायावती ने यहां एक बयान में कहा, ‘गौरक्षकों द्वारा आपराधिक, असामाजिक और जातिवादी हिंसक कृत्यों की अनेक दर्दनाक घटनाओं के सामने आने के बावजूद जनभावना के खिलाफ जाकर इन आपराधिक तत्वों की तारीफ करना निश्चित रूप से देशहित का काम नहीं हो सकता है।’

उन्होंने कहा, ‘वास्तव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार बनने के बाद देश में गौरक्षा के नाम पर पहले मुसलमानों को और अब दलितों को हर प्रकार की जुल्म, ज्यादती और उत्पीड़न का जबर्दस्त शिकार बनाया जा रहा है। इसके बावजूद संघ प्रमुख द्वारा गौरक्षकों को संरक्षण प्रदान करना समाज और देश को जोड़ने का काम नहीं हो सकता।’असली और नकली गोरक्षक की पहचान करने के भागवत के आह्वानको गलत, संकीर्ण और कट्टरवादी सोच की उपज बताते हुए मायावती ने कहा कि संघ को ‘गौरक्षा’ के बजाय सेवा भाव एवं अहिंसा पर आधारित ‘गौसेवा’ पर बल देना चाहिए क्योंकि गौरक्षा के कार्य में हिंसा निहित है। उन्होंने कहा कि इसी का दुष्परिणाम है कि गुजरात में अत्यंत दर्दनाक ऊना दलित उत्पीड़न कांड के सार्वजनिक होने पर पूरा देश आक्रोशित हुआ।

गोरक्षा के नाम पर भाजपा शासित राज्यों गुजरात, मध्य प्रदेश, हरियाणा, छत्तीसगढ़, झारखंड में लगातार हिंसक वारदातें हो रही हैं। उत्तर प्रदेश के दादरी कांड में तो पीट पीट कर मार भी दिया जाता है। मायावती ने कहा कि केद्र के भाजपा शासन और भाजपा शासित विभिन्न राज्यों में व्यापक भ्रष्टाचार के कारण विकास के मद में आने वाले सरकारी धन के गबन की वास्तविकता को संघ प्रमुख द्वारा मंगलवार अपने भाषण में स्वीकारने से बसपा का आरोप और इस बारे में आम धारणा को बल मिलता है कि कांग्रेस की तरह भाजपा शासनकाल में भी विकास का धन कहां चला जाता है, किसी को पता नहीं। उन्होंने कहा कि भाजपा नेतृत्व और प्रधानमंत्री मोदी की सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि देश की जनता को इस आरोप पर जवाब दें। बसपा सुप्रीमो ने गोरखपुर में दो दलितों को जलाकर मारने के प्रयास की निंदा करते हुए कहा कि ये सपा सरकार की जातिवादी नीतियों और कार्यकलापों का परिणाम है कि इस तरह की जघन्य घटनाएं समाज के कमजोर वर्गों के साथ काफी बढ़ गई हैं।

 

 

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