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अनुप्रिया को मंत्री बनाने से अपना दल में पड़ी फूट, मां कृष्णा पटेल का खेमा BJP से हुआ अलग

अपना दल की स्थापना अनुप्रिया के पिता सोनेलाल पटेल ने 1995 में की थी। 2009 में उनकी मृत्यु के बाद उनकी पत्नी कृष्णा पटेल पार्टी की अध्यक्ष बनी और छोटी बेटी अनुप्रिया को राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया।
Author लखनऊ | July 7, 2016 20:51 pm
अनुप्रिया 2012 के विधानसभा चुनाव में वाराणसी की रोहनियां सीट से चुनी गयी थी।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मंत्रिपरिषद के दूसरे विस्तार में अपना दल कोटे से मंत्री बनायी गयी अनुप्रिया पटेल की मां कृष्णा पटेल के नेतृत्व वाले धडे ने भाजपा से गठबंधन तोडने का एलान करते हुए 21 अगस्त को वाराणसी में एक रैली करने का निर्णय किया है। पार्टी प्रवक्ता आर. बी. सिंह पटेल ने ‘भाषा’ से आज यहां कहा ‘‘अपना दल की राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने भाजपा से अपना गठबंधन तोडने का निर्णय किया है ्र क्योंकि इसने गठबंधन धर्म नहीं निभाया। भाजपा ने अनुप्रिया को अपना दल से निकाल दिये जाने के निर्णय की अनदेखी करते हुए उन्हें मंत्री बनाया है।’’

पटेल ने कहा कि भाजपा से संबंध तोडने का निर्णय राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में लिया गया और इसकी घोषणा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की उपस्थिति में पार्टी अध्यक्ष कृष्णा पटेल ने की है। उन्होंने आगे कहा ‘‘हम 2017 में होने वाला विधानसभा चुनाव लडेंगे और वाराणसी में 21 अगस्त को एक विशाल रैली का आयोजन किया जायेगा।’’ गौरतलब है कि अपना दल की स्थापना अनुप्रिया के पिता सोनेलाल पटेल ने 1995 में की थी। 2009 में उनकी मृत्यु के बाद उनकी पत्नी कृष्णा पटेल पार्टी की अध्यक्ष बनी और छोटी बेटी अनुप्रिया को राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया।

अनुप्रिया 2012 के विधानसभा चुनाव में वाराणसी की रोहनियां सीट से चुनी गयी थी। मगर वर्ष 2014 में भाजपा के साथ गठबंधन हो जाने के बाद उन्होंने विधानसभा से इस्तीफा देकर मिर्जापुर संसदीय सीट से लोकसभा चुनाव लडा और विजयी हुई। उनके साथ पार्टी के हरिवंश सिंह प्रतापगढ से चुनाव जीते। पिछले वर्ष पार्टी में कथित अधिकार को लेकर विवाद शुरू हो गया और अध्यक्ष कृष्णा पटेल ने अनुप्रिया को दल से निकालने की घोषणा की जब वे खुद को पार्टी का मुखिया बताने लगी। भाजपा के साथ गठबंधन में अपना दल के टिकट से जीते दूसरे सांसद फिलहाल अनुप्रिया के विरोधी खेमे उनकी मां कृष्णा पटेल के साथ हैं।

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