December 07, 2016

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सचिवालय में क्‍लर्क थीं मुलायम सिंह की दूसरी पत्‍नी साधना, 2012 में पति से लिया था अपने बेटे को अखिलेश के बराबर दर्जा देने का वादा

आमतौर पर परदे के पीछे रहने वाली साधना अखिलेश से तब से बहुत ज्यादा नाराज चल रही हैं, जब अखिलेश ने उनके करीबी गायत्री प्रजापति को मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर दिया था।

साधना गुप्ता (बाएं), प्रतीक यादव और मुलायम सिंह यादव (दाएं)।

रामायण में श्रीराम के पिता दशरथ की पत्नी कैकई का किरदार तो आपको याद ही होगा। कभी युद्ध में राजा दशरथ की जान बचाने के बदले उन्हें दशरथ ने वरदान दिए जिन्हें वो कभी भी मांग सकती थीं। फिर एक दिन, अपनी दासी मंथरा के कहने पर उन्होंने भगवान राम को 14 वर्षों का वनवास दिलाया था। हजारों सालों के बाद, समाजवादी परिवार में भी लोगों को मुलायम सिंह की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता में कैकई का किरदार नजर आने लगा है। दरअसल इसकी शुरुआत 12 सितंबर से दिखने लगी थी, जब मुलायम सिंह की 54 वर्षीय पत्नी साधना गुप्ता वाराणसी गई थीं। वहां वह एक साधु से मिलीं। इसके बाद से ही उत्तर प्रदेश की सरकार डगमगानेे लगी थी। कुछ घंटों के भीतर ही, 12 अक्टूबर की शाम को यूपी के मुख्यमंत्री और मुलायम सिंह के बेटे अखिलेश यादव ने साधना गुप्ता के करीबी मंत्री जी.पी. प्रजापति को हटाया था। इससे अगले दिन, मुलायम सिंह यादव ने प्रदेश अध्यक्ष पद से अखिलेश यादव को हटा दिया और अखिलेश के चाचा शिवपाल यादव को नियुक्त कर दिया। उसी दिन शाम को अखिलेश यादव ने शिवपाल यादव से कई मंत्रालय छीन लिए। हालांकि कुछ मंत्रालय उन्हें बाद में लौटा दिए गए, लेकिन अखिलेश ने रविवार के दिन शिवपाल यादव को मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर दिया। बाद में अखिलेश ने प्रजापति को मंत्रिमंडल में वापस लिया, लेकिन खनन की जगह ट्रांसपोर्ट मिनिस्ट्री का कार्यभार दिया।

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एक चर्चा यह भी है कि 2012 में अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री बनने के समय साधना ने पति मुलायम सिंह से एक वचन लिया था। साधना ने अपने बेटे प्रतीक को भी दो साल के भीतर अखिलेश के समान दर्जा दिए जाने का वादा लिया था। 2014 में दो साल बीत गए और ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। मुखर स्‍वभाव की साधना गुप्ता ने दो और साल इंतजार किया। कई लोगों का मानना है कि साधना को डर था कि समय के साथ मुलायम सिंह का पार्टी में कद घटता जा रहा है। उन्हें अपने 28 साल के बेटे प्रतीक के भविष्य को लेकर भी डर था। यही डर उनके सब्र का बांध टूटने का कारण बना।

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मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी साधना यादव (दाएं), शिवपाल यादव की पत्नी सरला यादव के साथ। मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी साधना यादव (दाएं), शिवपाल यादव की पत्नी सरला यादव के साथ।

मुलायम सिंह यादव के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति याचिका दायर करने वाले वकील विश्वनाथ चतुर्वेदी ने अंग्रेजी अखबार ‘द टेलीग्राफ’ को बताया, ‘मुलायम सिंह यादव और साधना गुप्‍ता की मुलाकात 1989 में हुई थी। उस समय प्रतीक 1 साल का था। साधना की पहली शादी फर्रुखाबाद के एक पंसारी चंद्र प्रकाश गुप्ता से 1986 में हुई थी। अखिलेश यादव के चाचा शिवपाल यादव तभी से साधना को जानते थे। साधना को सचिवालय में लिपिक का काम मिल गया और 1990 में उन्होंने पति से तलाक ले लिया।”

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साधना यादव के बेटे प्रतीक यादव। साधना यादव के बेटे प्रतीक यादव।

मुलायम सिंह की पहली शादी 18 वर्ष की उम्र में मालती देवी से हुई थी। शादी के पांच साल बाद गौना हुआ। इटावा के एक स्थानीय निवासी ने अखबार को बताया, “1973 में अखिलेश यादव का जन्म हुआ था, तब से मुलायम सिंह काफी यात्रा करने लगे थे। वह अपने गांव सैफई में भी कम रुकने लगे थे। 1990 के बाद वह जब भी सैफई आते थे तो धमेंद्र यादव के पिता और अपने भाई अभय राम यादव के घर रुका करते थे।” मुलायम परिवार को करीब से जानने वाले इस शख्स ने बताया, “हमें याद है मालती देवी बहुत ही साधारण महिला थीं। वह अधिकतर समय घर के काम में ही लगी रहती थीं। वह अस्थमा से पीड़ित थीं और 2003 में उनकी मृत्यु हो गई।”

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प्रतीक यादव की पत्नी अपर्णा। प्रतीक यादव की पत्नी अपर्णा।

मालती देवी की मृत्यु के चार साल बाद, 2007 में मुलायम ने अपने खिलाफ चल रहे आय से अधिक संपत्ति से संबंधित मुकदमे में सुप्रीम कोर्ट में एक शपथपत्र दिया, जिसमें उन्होंने साधना गुप्ता को पत्नी और प्रतीक कोो पुत्र के रूप में स्वीकार किया। एक सूत्र ने बताया कि साधना को मुलायम सिंह के साथ सबसे पहले 1999 में लखनऊ में हुए एक कार्यक्रम के दौरान देखा गया था। साधना अक्सर मीडिया की नजर से दूर ही रही हैं। लखनऊ के गलियारे में साधना गुप्ता को कैकेई कहा जा रहा है। आमतौर पर परदे के पीछे रहने वाली साधना अखिलेश से तब से बहुत ज्यादा नाराज चल रही हैं, जब अखिलेश ने उनके करीबी गायत्री प्रजापति को मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर दिया था।

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First Published on October 25, 2016 1:21 pm

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