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हार्दिक पटेल बोले, मंडल कमीशन की सिफारिशें पूरे देश में लागू हो

मोदी पर तंज कसते हुए हार्दिक ने कहा, 'पहले लोग कहते थे कि मनमोहन चुप बैठे हैं, लेकिन मोदी तो चुप ही नहीं बैठते। बहुत बोलते हैं, जरूरत से ज्यादा।'
Author लखनऊ | December 22, 2016 21:29 pm
पाटीदार आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल। (पीटीआई फाइल फोटो)

गुजरात के पाटीदार नेता हार्दिक पटेल गुरुवार (22 दिसंबर) को उत्तर प्रदेश की राजधानी पहुंचे। उन्होंने पूरे देश में मंडल कमीशन की सिफारिशें लागू करने की मांग उठाई। पटेल नवनिर्माण सेना (पनसे) के नेता ने कहा, ‘हमें प्रदेश और केंद्र में बैठे उन नेताओं से आजादी चाहिए, जो वर्षो से हमारा खून चूस रहे हैं। हमारी मांग है कि अब ओबीसी को वेटेज मिलनी चाहिए। पूरे देश में मंडल कमीशन की सिफारिशें लागू होनी चाहिए। देश में जिसकी जितनी हिस्सेदारी, उतनी भागीदारी मिलनी चाहिए।’ यहां के रामाधीन इंटर कॉलेज में आयोजित किसान प्रतिनिधि पंचायत में हार्दिक पटेल ने कहा, ‘मुझे नहीं पता कि बिड़ला व सहारा ने मोदी को रिश्वत दी। अगर इस बारे में पता रहता तो राहुल गांधी की जगह पर मैं ही हर जगह सभा करता और अपनी बातों से लोगों को यकीन करा देता।’ हार्दिक ने कहा, ‘मैं यहां नेता नहीं, यहां बेटा बनकर आया हूं।’ उन्होंने पटेल समुदाय से एकजुट होने का आह्वान करते हुए कहा कि वह बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ राजनीतिक नहीं, सामाजिक मंच साझा कर सकते हैं।”

हार्दिक ने कहा, ‘मुझे पता है कि देश का किसान कितना परेशान है। सबसे ज्यादा आत्महत्या भी किसान ही कर रहा है, लेकिन इससे किसी नेता को कोई फर्क नहीं पड़ता। देश में किसान कौम कमजोर हो रही है। मैं चाहता हूं कि यूपी में ओबीसी कैटगरी के लोग एकजुट हों, ताकि हमारी ताकत को कोई तोड़ न सके। देश ने कमल का जूस पी रखा है, जिसका स्वाद जाता ही नहीं।’ पटेल नेता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा और कहा कि उनके कारण ही गुजरात में कर्ज बढ़ा है। केंद्र सरकार ने नोटबंदी की आड़ में जिस तरह भ्रष्टाचारियों को बचाया है, उससे जनता को तकलीफ के सिवाय कुछ नहीं मिला। उन्होंने कहा, ‘मैं बीजेपी का विरोधी नहीं हूं, लेकिन गुजरात में अत्याचार होते देखा है।’ मोदी पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा, ‘पहले लोग कहते थे कि मनमोहन चुप बैठे हैं, लेकिन मोदी तो चुप ही नहीं बैठते। बहुत बोलते हैं, जरूरत से ज्यादा।’ हार्दिक ने योगगुरु रामदेव की भी चुटकी ली। उन्होंने कहा, ‘पता ही नहीं चलता कि वह योगगुरु हैं या बिजनेसमैन रामदेव। ताज्जुब की बात है, वह भी कालाधन के खिलाफ बोलते हैं।’

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