December 07, 2016

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क्‍या कांग्रेस से अलग होकर अखिलेश यादव के लिए काम करना चाहते हैं प्रशांत किशोर?

किशोर को राहुल गांधी ने उत्‍तर प्रदेश और पंजाब विधानसभा चुनावों के लिए रणनीति बनाने का जिम्‍मा सौंपा था।

रणनीतिकार प्रशांत किशोर

बताया जाता है कि कांग्रेस ने चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर से संबंध तोड़ लिए हैं। अटकलें ऐसी भी हैं कि वह अब सपा के साथ जा सकते हैं। उन्‍होंने सोमवार को उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री अखिलेश यादव से मुलाकात भी की। अखिलेश से उन्‍होंने तीन दिन पहले भी समय मांगा था लेकिन तब उन्‍हें समय नहीं दिया गया था। कुछ दिन पहले वे सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव, उत्‍तर प्रदेश सपा अध्‍यक्ष शिवपाल यादव से भी मिल चुके हैं। वैसे तो इन मुलाकातों को कांग्रेस और सपा को साथ लेने की कवायद बताया गया था। लेकिन अब संकेत मिल रहे हैं कि कांग्रेस ने प्रशांत किशोर की सेवाएं समाप्‍त करने का मन बनाया है। यूपी कांग्रेसियों का एक बड़ा खेमा शुरू से ही प्रशांत किशोर के खिलाफ रहा है। पंजाब कांग्रेस में भी तमाम बड़े नेता उनके खिलाफ ही हैं। वैसे अखिलेश यादव अपनी छवि सुधारने और प्रचार के लिए एक अमेरिकी प्रोफेसर की मदद ले रहे हैं।

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बताया जा रहा है कि प्रियंका गांधी को यूपी के चुनावी प्रचार मैदान में उतारने को लेकर कांग्रेस आलाकमान भी प्रशांत से सहमत नहीं हुआ और उनसे रिश्‍ता तोड़ने का विकल्‍प देखा जा रहा है। किशोर को राहुल गांधी ने उत्‍तर प्रदेश और पंजाब विधानसभा चुनावों के लिए रणनीति बनाने का जिम्‍मा सौंपा था। सूत्रों ने बताया कि किशोर ने मुलायम और अमर सिंह से मिलकर कांग्रेस पार्टी की लाइन को तोड़ा। इंडियन एक्‍सप्रेस ने पिछले दिनों रिपोर्ट दी थी कि प्रशांत किशोर और कांग्रेस अलग हो सकते हैं। उत्‍तर प्रदेश कांग्रेस अध्‍यक्ष राज बब्‍बर ने भी कहा था कि प्रशांत किशोर कांग्रेस के चुनाव रणनीतिकार नहीं है। उन्‍हें पार्टी की विचारधारा को आगे ले जाने के लिए रखा गया।

यूपी में कांग्रेस और प्रशांत किशोर के बीच बहस का मुद्दा प्रियंका का कैंपेन प्लान है। एक तरफ किशोर प्रियंका का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर और आक्रामक तरीके से करना चाहते हैं लेकिन पार्टी के लोग इससे इत्तेफाक नहीं रखते। कांग्रेस के कुछ सीनियर नेताओं ने नाम ना आने की शर्त पर यह तक कह दिया कि पार्टी शायद ही यूपी चुनाव में अच्छा परिणाम लेकर आ पाएगी। साथ ही उन्होंने प्रशांत किशोर को जल्द से जल्द बाहर का रास्ता खोजने की सलाह भी दे डाली। हालांकि, कांग्रेस के अंदर ही कुछ लोगों को इस बात का भी डर है कि अगर प्रशांत किशोर ने चुनाव से पहले कांग्रेस का साथ छोड़ दिया तो लोगों तक गलत संदेश जाएगा।

पंजाब कांग्रेस के प्रमुख कैप्टन अमरिंदर सिंह भी प्रशांत से खुश नहीं हैं। कांग्रेस के समर्थक और अमरिंदर सिंह प्रशांत से इसलिए नाराज हैं क्योंकि प्रशांत ने कांग्रेस से निकाले गए जगमीत बरार और बीर देवेंद्र सिंह से मुलाकात की थी। अमरिंदर सिंह ने उस वक्त सवाल उठाते हुए कहा भी था कि प्रशांत किशोर उनसे मीटिंग करने वाले कौन होते हैं?

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First Published on November 7, 2016 5:39 pm

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