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अभी तक प्राथमिक सदस्यों तक नहीं पहुंच पाई भाजपा

उत्तर प्रदेश के हर मतदाता तक अपनी पहुंच बनाने का सपना देख रही भारतीय जनता पार्टी अपने प्राथमिक सदस्यों के घरों तक नहीं पहुंच पाई है। जबकि उसे राज्य.
Author लखनऊ | November 18, 2015 01:22 am
मुजफ्फरनगर उपचुनावों में बीजेपी ने पूर्व नगर पालिका चेयरमैन कपिल देव को उतारा है।

उत्तर प्रदेश के हर मतदाता तक अपनी पहुंच बनाने का सपना देख रही भारतीय जनता पार्टी अपने प्राथमिक सदस्यों के घरों तक नहीं पहुंच पाई है। जबकि उसे राज्य के दो करोड़ ऐसे सदस्यों के घरों तक पहुंचने का काम अब तक पूरा कर लेना था। यह वे सदस्य हैं जिनके घरों तक पहुंच कर भारतीय जनता पार्टी प्रदेश के आधे से अधिक मतदाता तक पहुंचने का सपना पाले थी। इन सदस्यों के जिम्मे केंद्र सरकार की उन नीतियों का प्रचार करना भी था जिनको आधार बना कर पार्टी प्रदेश में विधानसभा चुनाव के दौरान परचम लहराने का सब्जबाग देख रही है।

सोलहवीं लोकसभा के चुनाव परिणामोंं से उत्साहित भारतीय जनता पार्टी ने देश भर में प्राथमिक सदस्य बनाने का अभियान शुरू किया था। इस अभियान के तहत पार्टी के प्रत्येक कार्यकर्ता को सौ सदस्य बनाने का लक्ष्य दिया गया था। इन सदस्यों से उन्हें पार्टी के टोल फ्री नंबर पर मिस्ड काल करवानी थी। भाजपा के वरिष्ठ नेता कहते हैं कि इस अभियान के तहत जिन दो करोड़ सदस्यों के घरों तक पहुंचने का लक्ष्य निर्धारित था, उनमें से एक चौथाई प्राथमिक सदस्यों के घरों तक पार्टी के कार्यकर्ता और वरिष्ठ नेता अब तक पहुंच नहीं पाए हैं। पार्टी के सूत्र बताते हैं कि जिन दो करोड़ लोगों से पार्टी के कार्यकर्ताओं ने मिस्ड काल करवा कर उन्हें प्राथमिक सदस्यता दिलवाई थी उनमें से 20 फीसद सदस्य ऐसे हैं, जिनके टेलीफोन नंबरों का सत्यापन तक नहीं हो पाया है।

राजनीति के जानकारों का कहना है कि जिन दो करोड़ प्राथमिक सदस्यों को अपने साथ जोड़ कर उत्तर प्रदेश में भाजपा करीब दस करोड़ मतदाताओं तक पहुंचने की जुगत लगा रही थी, उनकी वह रणनीति सवालों के घेरे में आ गई है। सूत्र बताते हैं कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने इस महासंपर्क अभियान की विस्तृत रिपोर्ट प्रदेश के नेताओं से तलब की है। इस रिपोर्ट को अमित शाह तक पहुंचाने की कवायद में जुटे भाजपा के एक वरिष्ठ नेता कहते हैं कि प्रदेश में भाजपा की हकीकत को दस्तावेज के तौर पर पार्टी अध्यक्ष के समक्ष पेश करने से वरिष्ठ नेता अचकचा रहे हैं। इन नेताओं को अब तक यह समझ नहीं आ रहा है कि आखिर वे महासंपर्क अभियान की उत्तर प्रदेश में खुली पोल की हकीकत भाजपा आलाकमान को कैसे बताएं?

भाजपा ने 2009 में चले सदस्यता अभियान के दौरान उत्तर प्रदेश में करीब 12 लाख प्राथमिक सदस्य बनाए थे। इनमें से प्रत्येक को पांच रुपए जमा करा कर पार्टी से जोड़ा गया था। 2012 में भाजपा ने करीब 18 लाख सदस्यों को अपने साथ जोड़ा और प्रदेश में अपना संख्या बल 30 लाख तक पहुंचा दिया। सोलहवीं लोकसभा के चुनाव में उत्तर प्रदेश में मिली आशातीत सफलता से उत्साहित पार्टी के प्रदेश नेताओं ने उत्तर प्रदेश में दो करोड़ सदस्यों को बनाने का दावा कर अपनी पीठ ठोकी। लेकिन अब इन दो करोड़ सदस्यों तक पहुंचने में नाकाम रह कर वह अपने दावों को खुद झुठलाने के आरोपों से किनारा करते नजर आ रहे हैं।

आखिर उत्तर प्रदेश में भाजपा के महासंपर्क अभिययान के फ्लाप शो साबित होने की वजह क्या है? की बाबत पार्टी के एक वरिष्ठ नेता कहते हैं कि बिहार में हुए विधानसभा चुनाव से पूर्व प्रदेश के हजारों कार्यकर्ताओं को प्रचार की कमान संभालने के लिए बिहार भेज दिया गया। बिहार में बूथ स्तर पर उनकी तैनाती की गई। इसका सीधा असर उत्तर प्रदेश में पार्टी के महासंपर्क अभियान पर पड़ा। कार्यकर्ताओं की कमी और लगातार बिहार चुनाव में प्रदेश के नेताओं की व्यस्तता से उत्तर प्रदेश के आधे मतदाताओं तक पहुंचने की पार्टी की रणनीति पर प्रतिकूल असर पड़ा।

फिलहाल उत्तर प्रदेश को केंद्र में रख कर रणनीति बनाने की कोशिश कर रहे अमित शाह को महासंपर्क अभियान की हकीकत से रू-ब-रू कराने से प्रदेश के भाजपाई कतरा रहे हैं। ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि आखिर सवा साल बाद राज्य में होने वाले विधानसभा चुनाव की रणनीति अब किन नए समीकरणों को ध्याान में रख कर तैयार की जाती है?

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