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भाजपा ने मायावती के कार्यकाल में हुए घोटालों और दलितों के उत्पीड़न का मुद्दा उठाया

उनके कार्यकाल के दौरान 2008 से मई 2011 के बीच दलितों के उत्पीड़न के 30 हजार से ज्यादा मामले हुए तथा देश में दलितों की हत्याओं के 30 प्रतिशत मामले उत्तर प्रदेश में हुए।
Author नई दिल्ली | September 5, 2016 23:31 pm
मायावती ।

उत्तर प्रदेश की सत्ता में आने पर अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के बसपा प्रमुख मायावती के बयान का भाजपा ने सोमवार (5 सितंबर) को उपहास किया और आरोप लगाया कि उनकी पार्टी में ही कई अपराधी हैं तथा उनके शासनकाल में ही एनआरएचएम तथा ताज गलियारा जैसे कई घोटाले हुए थे। एक बयान में भाजपा ने दलितों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता पर भी सवाल किए और कहा कि जब वह सत्ता में थीं, समुदाय को सबसे ज्यादा उत्पीड़न के मामलों का सामना करना पड़ा। भाजपा ने दावा किया कि मोदी सरकार के तहत ऐसे अपराधों की संख्या में कमी आयी है और सरकार ने उनके कल्याण के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं। भाजपा ने दावा किया कि उन्होंने अपनी पिछली सरकारें अपराधियों के साथ चलायीं और वे अब भी उनके साथ हैं। पार्टी ने कहा कि मायावती को यह कहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है कि जब वह सत्ता में आएंगी तो उन लोगों को जेल भेजेंगी।

पार्टी के राष्ट्रीय सचिव श्रीकांत शर्मा ने एक बयान में कहा कि उनके कार्यकाल में हुआ 8500 करोड़ रुपए का राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (एनएचआरएम) घोटाला भ्रष्टाचार की कहानी दर्शाता है। शर्मा ने कहा, पुलिस भर्ती, चीनी मिल, ताज गलियारा में घोटाले हुए, बसपा अपराधियों और भ्रष्ट लोगों का गठबंधन है। मायावती का यह कहना हास्यास्पद है कि वह अपराधियों को जेल की सलाखों के पीछे भेजेंगी।’ उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल के दौरान 2008 से मई 2011 के बीच दलितों के उत्पीड़न के 30 हजार से ज्यादा मामले हुए तथा देश में दलितों की हत्याओं के 30 प्रतिशत मामले उत्तर प्रदेश में हुए।

उन्होंने आरोप लगाया कि 2004-14 के बीच संप्रग सरकार के कार्यकाल में ऐसे मामलों में 1994-2003 की अपेक्षा 245 प्रतिशत की वृद्धि हुई जबकि कई मौके पर तत्कालीन सरकार को उनका समर्थन मिला। शर्मा ने दावा किया कि दलित के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यों की मायावती अनदेखी कर रही हैं क्योंकि इससे बसपा के टिकटों का ‘बाजार भाव’’ कम हो जाएगा।

उन्होंने आरोप लगाया कि बसपा और सत्तारूढ़ सपा आपस में मिले हुए हैं और यही कारण है कि उत्तर प्रदेश के मंत्री आजम खान के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई जिन्होंने बुलंदशहर की बलात्कार की घटना को ‘राजनीतिक साजिश’ कहा था वहीं बसपा नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी के खिलाफ भी कार्रवाई नहीं हुई जिन्होंने भाजपा के एक निष्कासित नेता की पत्नी और पुत्री के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि भाजपा उत्तर प्रदेश के लोगों को आश्वासत करना चाहती है कि अगर पार्टी सत्ता में आयी तो अपराधियों और भ्रष्ट लोगों को अपनी गतिविधियां या राज्य छोड़ना होगा क्योंकि उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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