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BSP विधायकों के आरोप से मायावती के पार्टी टिकट ‘‘बेचने’’ की बात सही साबित हुई: भाजपा

बलात्कार के 92 से अधिक मामले हैं जिनमें दलित महिलाएं पीड़िता हैं। मायावती किसी भी परिवार से मिलने नहीं गयीं और ना हीं सड़कों पर उतरीं।
Author नई दिल्ली | July 27, 2016 21:33 pm
दयाशंकर सिंह ने मायावती पर आपत्तिजनक बयान दिया था।

बसपा के दो विधायकों द्वारा आज पार्टी अध्यक्ष मायावती पर उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए टिकट बेचने का आरोप लगाने के बाद भाजपा ने कहा कि उनके आरोप से यह साबित हो गया कि बसपा के टिकट ‘‘बेचे जा रहे हैं।’’भाजपा के राष्ट्रीय सचिव श्रीकांत शर्मा ने कहा, ‘‘बसपा के दो विधायकों ने जो कहा उससे यह बात साबित हो गयी कि मायावती अपनी पार्टी के टिकट बेचती हैं। वह दलित की नहीं बल्कि ‘दौलत’ की बेटी हैं।’’

उन्होंने दलित मुद्दों को लेकर मायावती को घेरते हुए उनपर सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी के साथ ‘साठ गांठ’ करने का भी आरोप लगाया और कहा कि उन्होंने बलात्कार के मामलों सहित दलितों पर हो रहे अत्यचार की ‘‘बढ़ती घटनाओं’’ के बावजूद अखिलेश यादव सरकार के खिलाफ कोई बड़ा विरोध प्रदर्शन नहीं किया। बसपा में नयी बगावत करते हुए उसके विधायकों रोमी साहनी और बृजेश वर्मा ने भाजपा से निकाले गए नेता दयाशंकर सिंह के परिवार के खिलाफ नारेबाजी के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं की आलोचना की और पार्टी नेतृत्व पर 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए टिकटों के आवंटन की खातिर ‘‘भारी भरकम धनराशि मांगने’’ का आरोप लगाया।

शर्मा ने आरोप लगाया कि सपा सरकार ने एनआरएचएम घोटाले एवं पूर्ववर्ती बसपा सरकार की संलिप्तता में हुए चिकित्सा अधिकारियों की हत्या के मामलों सहित भ्रष्टाचार मामलों की जांच नहीं करायी और बदले में मायावती ने दलितों पर अत्याचारों को लेकर उसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन नहीं किए। उन्होंने कहा, ‘‘बलात्कार के 92 से अधिक मामले हैं जिनमें दलित महिलाएं पीड़िता हैं। मायावती किसी भी परिवार से मिलने नहीं गयीं और ना हीं सड़कों पर उतरीं। वह केवल तस्वीर खिंचवाने की राजनीति में विश्वास करती हैं।’’

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