December 06, 2016

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उत्तर प्रदेश: अखिलेश की रथयात्रा से होगी सपा में एकता के दावे की भी परख

सपा मुखिया के अखिलेश की ‘विकास से विजय तक रथयात्रा’ में शामिल होने को लेकर संदेह बना हुआ है।

Author लखनऊ | November 3, 2016 13:23 pm
अखिलेश यादव का हाईटेक समाजवादी विकास रथ आया सामने। (PTI Photo)

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की बहुप्रचारित रथयात्रा सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी (सपा) में जारी खींचतान पर विराम लगा पाएगी, इस पर संदेह अब भी बना हुआ है। इस रथयात्रा से सपा में एकता के दावों की वास्तविकता भी सामने आ जाएगी। सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के इस रथयात्रा में शरीक होने पर अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई है। वहीं, अखिलेश के प्रतिद्वंद्वी के तौर पर देखे जा रहे उनके चाचा सपा प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने भी मुख्यमंत्री की विकास रथयात्रा में शिरकत को लेकर अब तक अपना इरादा साफ नहीं किया है। अब सबकी निगाहें सपा मुखिया मुलायम और उनके अनुज शिवपाल पर टिकी हैं। मुख्यमंत्री की विकास रथयात्रा में उनकी मौजूदगी या गैरहाजिरी विधानसभा चुनाव से पहले सपा में एकजुटता की स्थिति साफ कर देगी।

शिवपाल ने बुधवार को संवाददाताओं से बातचीत में अखिलेश की रथयात्रा में हिस्सा लेने संबंधी सवालों को टालते हुए कहा कि मैं पांच नवंबर को सपा के रजत जयंती समारोह की तैयारियां कर रहा हूं। अगर तीन नवंबर को रथयात्रा है तो पांच नवंबर को सपा का रजत जयंती कार्यक्रम है। शिवपाल ने एक सवाल पर कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं को समाजवाद का इतिहास पढ़ना चाहिए। पार्टी में अनुशासन होना बहुत जरूरी है। आपने 24 अक्तूबर को देखा कि जिन लोगों को बैठक में नहीं बुलाया गया था, वे भी उसमें चले आए।

इस बीच, सपा मुखिया के अखिलेश की ‘विकास से विजय तक रथयात्रा’ में शामिल होने को लेकर संदेह बना हुआ है। हालांकि रथयात्रा की तैयारियों की जिम्मेदारी संभाल रहे विधान परिषद सदस्य सुनील यादव ने दावा किया कि मुलायम रथयात्रा को झंडी दिखाकर रवाना करेंगे और इस दौरान शिवपाल भी मौजूद रहेंगे। उधर सपा के एक नेता ने कहा कि रथयात्रा में मुलायम की शिरकत इस बात पर निर्भर करेगी कि वह अपने पिता को मनाने में किस हद तक कामयाब हो पाते हैं।

वीडियो: समाजवादी पार्टी की ‘विकास रथ यात्रा’ में एक साथ दिखे अखिलेश, शिवपाल और मुलायम; चुनाव प्रचार अभियान की हुई शुरुआत

अखिलेश यादव के करीबी बताए जाने वाले सपा से निष्कासित विधान परिषद सदस्य सुनील यादव ‘साजन’ ने बताया कि रथयात्रा की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। रथयात्रा के पहले चरण के प्रभारी साजन ने कहा कि रथयात्रा के दौरान हर दो किलोमीटर पर मुख्यमंत्री का स्वागत किया जाएगा। वह विभिन्न स्थानों पर जनता को संबोधित भी करेंगे। मुख्यमंत्री के काफिले में पांच हजार से ज्यादा वाहन शामिल होंगे। इस दौरान यह संदेश देने की कोशिश की जाएगी कि अखिलेश ही सपा का सर्वस्वीकार्य चेहरा हैं। लखनऊ से उन्नाव के बीच अखिलेश की रथयात्रा के 60 किलोमीटर से ज्यादा लंबे रास्ते पर दोनों ओर बैनर और पोस्टरों की भरमार है।

अखिलेश और शिवपाल की आपसी तल्खी जगजाहिर होने के बीच एक होर्डिंग में लिखा गया है- ‘शिवपाल कहें दिल से, अखिलेश का अभिषेक फिर से।’ वहीं, कई अन्य होर्डिंग और बैनरों पर अखिलेश सरकार के कार्यों की तारीफ की गई है। सपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि बैनर-होर्डिंग्स यह दिखाते हैं कि पार्टी में भ्रम की स्थिति है। यह सड़कों पर भी दिखाई दे रही है। हमारी इच्छा है कि भ्रम रथयात्रा की शुरुआत के साथ ही खत्म हो जाए। अखिलेश की रथयात्रा के साथ-साथ सपा पांच नवंबर को पार्टी के स्थापना की 25वीं सालगिरह मनाने की तैयारियों में भी जुटी है।

उसकी कोशिश अपने मंच पर समाजवादियों और चरणसिंहवादियों की जमात इकट्ठा कर व्यापक संदेश देने की है। इसके लिए सपा मुखिया मुलायम और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल ने पिछले सप्ताह जद (एकी) के नेता केसी त्यागी और रालोद के अध्यक्ष अजित सिंह से मुलाकात कर उन्हें सपा के रजत जयंती कार्यक्रम का न्योता दिया था। शिवपाल ने बताया कि कार्यक्रम में जद (सेकु) मुखिया एचडी देवगौड़ा, रालोद प्रमुख अजित सिंह और राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव शामिल होंगे।सांप्रदायिक ताकतों को रोकने के लिए जहां लोहियावादी और चरणसिंहवादी एकजुट हो रहे हैं, वहीं चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने मंगलवार को दिल्ली में सपा मुखिया मुलायम से करीब दो घंटे तक मुलाकात कर समान विचारों वाले दलों के गठबंधन की खबरों को हवा दे दी है।

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First Published on November 3, 2016 4:20 am

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