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घायल गायों के लिए किसी मसीहा से कम नहीं हैं जफरुद्दीन, 500 से ज्यादा गायों की कर चुके हैं मरहम पट्टी

डॉक्टर के पर्चे को लेकर किसी व्यापारी के पास जाते हैं और दवा खरीदने की गुहार लगाते है। इस तरह भी दवा का इंतजाम हो जाता है।
Author इटावा | July 5, 2017 06:14 am
प्रतीकात्मक तस्वीर

उत्तर प्रदेश के औरैया जिले के जफरुद्दीन घायल गायों के रखवाले बने हुए हैं। जफरुद्दीन के गाय प्रेम को देखकर समाजसेवी संस्थाओं के पदाधिकारी उनको सम्मानित करने का अनुरोध योगी सरकार से करने लगे हैं। जफरुद्दीन ने जनसत्ता को बताया कि करीब तीन साल पहले खेत की बाड़ में लगे कटीले तार से एक गाय घायल हो गई थी। जब वह उसके पास गए तो उसने हाथ पर जीभ फेरना शुरू कर दिया। उसके बाद जफरुद्दीन उसे अपने घर ले आए। वे बताते हंै कि घर लाने के बाद उसके जख्म पर घरेलू दवाई लगाकर उसका उपचार करना शुरू कर दिया। उनका कहना है कि इसी वाकये के बाद उनके मन में गाय की सेवा करने की दिली इच्छा पैदा हो गई। उस घायल गाय को जफरुद्दीन ने अपने घर पर रख लिया। फिर वह ठीक हो गई और कुछ दिन बाद दूध भी देने लगी। गाय का दूध मिलने के बाद उनके परिवार के लिए दूध का इंतजाम हो गया।

जफरुद्दीन बताते है कि उन्हें जो अभी घायल गाय दिखती है वो उसे अपने घर ले आते हैं। इलाज के दौरान गाय को पकड़ने के लिए पड़ोसियों की मदद लेते हैं। अब तक करीब 500 से ज्यादा गायों की मरहम पट्टी कर के इलाज कर चुके हैं। इन दिनों में अपने घर पर इलाज के बाद ठीक हुई तीन गायों को रखने के अलावा बाकी को छोड़ दिया है ।जफरुद्दीन के दोनों छोटे भाई सिलाई का काम करते हैं। कई बार उनकी मदद कर देते हैं। इससे जरूरत पूरी नहीं होती तो वह डॉक्टर के पर्चे को लेकर किसी व्यापारी के पास जाते हैं और दवा खरीदने की गुहार लगाते है। इस तरह भी दवा का इंतजाम हो जाता है।घायल गाय के लिए दवा का किसी तरह इंतजाम कर लेते हैं लेकिन कई बार चारे के लिए मशक्कत करनी पड़ती है। अस्पतालों से दवाई मांग कर लाते हैं। जो दवाएं नहीं मिलती हंै उसके लिए अपनी जान-पहचान वालों से सहयोग लेते हैं। उत्तर प्रदेश के औरैया के अछल्दा ब्लाक के हरचंदपुर निवासी जफरुद्दीन गरीब हैं। दिहाड़ी मजदूर हैं। परिवार में बूढ़े पिता और दो छोटे भाई के अलावा पत्नी और दो बच्चे हैं । खेतीबाड़ी है नहीं, इसलिए दिहाड़ी मजदूरी करते हैं। सुबह काम पर जाने से पहले और शाम को लौटने पर वह गायों की सेवा में जुट जाते हैं ।

इटावा के कानून के जानकार एडवोकेट मोहसिन अली का कहना है कि कि जफरुद्दीन का गाय प्रेम बहुत ही प्रशंसनीय है। मेरे शब्दकोश में शब्द नहीं है जो अपने विचारों को अभिव्यक्ति भाव से प्रकट कर सकूं। उनका कहना है कि इस वक्त देश में गाय को लेकर जो रस्साकसी चल रही है, उससे देश के वातावरण मे गर्मी पैदा हो रही है लेकिन जफरुद्दीन सरीखे लोग गाय को ना केवल इज्जत देते हैं बल्कि गाय के जरिये सम्मान के हकदार भी बन रहे हैं।जफरुद्दीन के गाय प्रेम को देखकर इटावा लोकसभा के पालक डा. रमाकांत शर्मा कहते हैं कि गाय बेहद उपयोगी है और अगर मुस्लिम समाज का कोई शख्स इस तरह से गाय की सेवा कर रहा है तो निश्चित ही वह संपूर्ण समाज और जनमानस के लिए एक संदेश देने का काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे गाय सेवा करने वालों को भारतीय जनता पार्टी की ओर से उचित मंच पर सम्मानित कराने का काम किया जाता है ताकि ऐसे गायसेवकों का उत्साहवर्द्धन हो सके और उनके जरिये समाज के दूसरे लोग भी गाय सेवा में जुटें।

 

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