ताज़ा खबर
 

अमेठी: भ्रष्टाचार के कारण गरीबों के घर में है अमीरों का बसेरा, समाजवादी लोहिया आवास योजना में धांधली

अमेठी में प्रधानमंत्री की 30 साल पुरानी संगठित विकास योजना के घरों में तीन सौ अमीर बस चुके हैं। अब इस योजना के नाम पर आंकड़ों को छोड़कर बाकी कुछ भी बचा नहीं है।
Author अमेठी | April 12, 2017 04:29 am
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव। (Photo Source-PTI)

प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की पुरानी निर्धन आवास योजना भ्रष्टाचार में डूब चुकी है। जिससे गरीब झोपड़ी में पड़ा है। अमेठी में प्रधानमंत्री की 30 साल पुरानी संगठित विकास योजना के घरों में तीन सौ अमीर बस चुके हैं। अब इस योजना के नाम पर आंकड़ों को छोड़कर बाकी कुछ भी बचा नहीं है। अखिलेश यादव सरकार में समाजवादी लोहिया आवास योजना आई थी। मगर इसका लाभ समाजवादियों के नाम था। बाकी मूक-बधिर, विधवा और विकलांग उपेक्षित पड़े हैं। 1985-86 में संगठित विकास योजना बनी थी। इस योजना में चार तरीके के भूखंड बनाए गए थे। इसमें दुर्लभ आय वर्ग, अल्प आय वर्ग, मध्यम आय वर्ग और उच्च आय वर्ग के लिए भूखंड बने थे ताकि बेघरों को छत मिल सके। परन्तु गरीबों के नाम की छत अमीरों की बन चुकी है। इसमें फौजी आवास भी भ्रष्टाचार में गुम हो चुका है, जबकि इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार दोनों ने सामूहिक धन खर्च किया था। लेकिन सरकारी धन पर बने फौजियों के आवास बाहरी लोगों को बेच दिए गए।

अमेठी में फौजियों के लिए तीन प्रकार के आवास बने थे जिसमें ए श्रेणी पर तीन लाख, बी श्रेणी पर दो लाख चालीस हजार और सी श्रेणी पर एक लाख सत्तर हजार रुपए की पूंजी खर्च की गई। इसका निर्माण 1985 में कराया गया था। आवास विकास के 300 भूखंडों में 90 भूखंड दुर्लभ आय वर्ग के परिवार को मिलने थे। इसके एवज में छह हजार पांच सौ रुपए किस्तों में अदा करने थे। मगर एक भी भूखंड दुर्लभ आय के परिवारों को नहीं मिले। इसके बाद अल्प आय के लिए 70 भूखंड थे। इनकी कीमत 15 हजार सात सौ रुपए थी। मध्यम आय के लिए 50 भूखंड 23 हजार रुपए में थे और उच्च आय परिवार के लिए 12 भूखंड 36 हजार रुपए में थे।

आवास विकास कालोनी की जिम्मेदारी नगर पंचायत अमेठी के पास है। नगर पंचायत के आवास विकास के प्रभारी अधिकारी ने बताया कि उस दौर में इसके प्रभारी पीपी यादव थे। इसलिए बहुत कुछ बता पाना संभव नहीं है। दुर्लभ आय के लिए बने भूखंड 8 से 10 लाख में बेचे गए। इसी तरीके से सभी प्रकार के भूखंड बेचे गए। इस कालोनी में बड़े व्यापारी, डॉक्टर इंजीनियर, प्रोफेसर ठेकेदार, विधायक, मंत्रियों के घर बन चुके हैं। यहां निजी स्कूल भी खुल गए हैं।इस पर केंद्रीय कपड़ा मंत्री के निजी सचिव विजय गुप्ता ने कहा कि मामला भ्रष्टाचार से जुड़ा है। इसलिए पूरी पत्रावली मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को भेजी जाएगी। कांग्रेस के राज्यसभा सांसद डॉक्टर संजय सिंह ने कहा कि इस कालोनी के निर्माण के बाद से उत्तर प्रदेश में कांग्रेस नहीं है, लेकिन वे इसका लेखा-जोखा सदन में ले रखेंगे। योगी के कैबिनेट मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि वे इसकी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को देंगे ताकि भ्रष्टाचार उजागर हो सके। दूधनाथ सिंह की जनसूचना रिपोर्ट में इस भ्रष्टाचार की पोल खुली है।

.

कौन हैं कुलभूषण जाधव? जानिए क्या हैं उन पर आरोप

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. No Comments.
सबरंग