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इटावा: फिर सुर्रा फेंका मुलायम के मुरीदों ने, शिवपाल को नेता मानते हुए लगाए बैनर-पोस्टर

एक बार फिर से उत्तर प्रदेश के इटावा में मुलायम के लोग नामक संगठन का जिन्न बाहर निकल आया है।
Author इटावा | July 18, 2017 03:49 am
इटावा रैली में मुलायम सिंह यादव, साथ में हैं शिवपाल यादव। ( Photo Source: PTI)

एक बार फिर से उत्तर प्रदेश के इटावा में मुलायम के लोग नामक संगठन का जिन्न बाहर निकल आया है। इस बार मुलायम के लोग संगठन के बडेÞ स्तर पर होर्डिंग और बैनर इटावा शहर के मुख्य मुख्य स्थानों पर लगाए गए हैं। रात के अंधेरे मे लगाए गए इन बैनर-पोस्टर और होर्डिंगों को देख लोग सकते में है। उनको समझ मे नहीं आ रहा है कि मुलायम के लोग संगठन वाले इन सबके जरिए क्या संदेश देने के मूड में हंै । सुबह होते-होते टहलने वालों के बीच इन पोस्टरों को लेकर चचाओं को बाजार गर्म होता हुआ जरूर दिखा। इन बैनर- पोस्टरों की बाबत सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के समक्ष जब औरैया के अछल्दा स्थित एक समारोह मे पार्टी के कुछ नेताओं की तरफ से चर्चा की गई तो उन्होने पोस्टर मुद्दे को हवा में उछालते हुए कहा कि छोड़िए इन बातों में कुछ भी नहीं रखा है । मुलायम के लोग संगठन के प्रवक्ता के इटावा जिला पंचायत सदस्य दिलीप यादव बबलू ने यहां बताया कि इन होर्डिंग-बैनर और पोस्टरों के माध्यम से मुलायम सिंह यादव और शिवपाल सिंह यादव में आस्था रखने वालो मे ऊर्जा भरने का काम किया जा रहा है । इस तरह के इटावा शहर में फिलहाल दो दर्जन के आसपास पोस्टर- होर्डिंग और बैनर लगाए गए हंै। उन्होंने बताया कि इन पोस्टरों को लगाए जाने का निर्णय मुलायम के लोग संगठन को संचालित करने वाले पदाधिकारियों ने खुद-ब-खुद लिया हुआ है। इनमें किसी भी तरह से शिवपाल सिंह यादव की कोई भी रजामंदी या फिर सहमति नहीं है। फिलहाल इस संगठन का गठन तो दूर संगठन को विधिवत रजिर्स्टड भी नहीं कराया गया है। लेकिन आगे आने वाले वक्त में शिवपाल की सहमति के बाद विधिवत इसका रजिस्ट्रेशन भी कराया जा सकता है ।

दूसरी ओर समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष गोपाल यादव का दावा है कि इस तरह के होर्डिंग-बैनर और पोस्टरों से कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि पार्टी के लोग जानते हैं कि समाजवादी पार्टी को नेता सिर्फ अखिलेश यादव हैं। रही बात बैनरों और पोस्टरों में लिखे हुए शब्दो की, उस पर हंसी इसलिए आती है कि नारे लिखने भर से कोई नेता नहीं बन जाता है। नारों मे अपने आप का गांधी की तरह पेश करने वाले गांधी की तौहीन कर रहे हैं।यह पहला मौका नहीं है जब मुलायम के लोग नामक संगठन की कोई गतिविधि सामने आई हुई है। इससे पहले भी हाल में ही बीते विधानसभा चुनाव के दौरान इस संगठन की गतिविधि बड़े स्तर पर सामने आई थीं। वैसे इस संगठन के पदाधिकारियों को बडेÞ स्तर पर शिवपाल सिंह यादव की ओर से समर्थन मिला हुआ रहा है विधानसभा चुनाव के दरम्यान इस संगठन का कार्यालय भी शिवपाल सिंह यादव के चौगुर्जी आवास के करीब एक बिल्डर्स कंपनी के मकान मे खोला गया था। लेकिन चुनाव खत्म होने से पहले ही इस कार्यालय को ना केवल बंद कर दिया गया, बल्कि मुलायम के लोग नाम की तख्ती भी उखाड़ ली थी। उसके बाद अब नए सिरे से मुलायम के लोग की एंट्री पोस्टरो-बैनरों के जरिए होती हुई दिख रही है।

मुलायम के लोग नामक संगठन की तरफ से जो होर्डिंग और बैनर इटावा शहर के विभिन्न इलाकों में लगाए गए हैं, उनमें शिवपाल सिंह यादव को उत्तर प्रदेश का बड़ा और अहम नेता बताते हुए नारे लिखे गए। एक बैनर में लिखा गया है- गूंजे धरती और पाताल प्रदेश के नेता है शिवपाल, दूसरे में- मंदिर मस्जिद गुरुद्वारों से आती आवाज यही, शिवपाल लाओ प्रदेश बचाओ करते हैं सब बात यही।तीसरे बैनर में लिखा गया है: आई परिवर्तन की आंधी है, शिवपाल हमारे गांधी हैं। इटावा में तीसरे चरण मे 19 फरवरी को चुनाव हो हुआ था। लेकिन उससे पहले ही मुलायम के लोग कार्यालय में तालाबंदी ने हर किसी को सन्न कर दिया क्योंकि इस संगठन के पदाधिकारियों का दावा था कि यह कार्यालय मुलायम समर्थकों का सम्मान करने के लिए खोला गया है।खुद मुख्यमंत्री रहते हुए अखिलेश यादव ने भी इस कार्यालय के औचित्य पर 16 फरवरी को इटावा मे हुई अपनी चुनावी रैली मे सवाल उठाया था ।
ऐसा कहा जा रहा है कि जितनी चर्चा मुलायम के लोग कार्यालय खोलने के बाद इटावा में नहीं हुई उससे कहीं ज्यादा चर्चा अब इस कार्यालय के बंद होने के बाद शुरू हो चुकी है, क्योंकि इस कार्यालय में कहने के लिए तो मुलायम के लोग बैठ रहे थे। लेकिन हकीकत में वे सभी के सभी शिवपाल सिंह यादव के लोग थे जिनके बारे में एक जनचर्चा यह भी कही और सुनी जाती रही है कि वे सभी के सभी समाजवादी पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवारों को हराने की दिशा में काम करने में जुटे हुए थे और उनकी मंशा और उद्देश्य चुनाव पूरा होते ही पूरा हो गया है।

 

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