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गोरखपुर कांड: योगी के आदेश पर डॉ कफील खान समेत 9 लोगों के खिलाफ केस दर्ज

मामले में प्रथम दृष्टया गोरखपुर मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य पर प्रशासनिक लापरवाही, भ्रष्टाचार और अनदेखी के आरोप पाए गए हैं।
Author August 24, 2017 15:26 pm
गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण करने पहुंचे मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यना‍थ। (Photo: PTI)

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में पिछली 10-11 अगस्त की रात को बड़ी संख्या में भर्ती मरीज बच्चों की संदिग्ध हालात में मौत के मामले में मेडिकल कॉलेज के तत्कालीन प्राचार्य समेत नौ लोगों के खिलाफ विभिन्न आरोपों में मुकदमा दर्ज किया गया है। लखनऊ जोन के अपर पुलिस महानिदेशक अभय प्रसाद ने गुरुवार को यहां बताया कि चिकित्सा शिक्षा विभाग के महानिदेशक के. के. गुप्ता की तहरीर पर गोरखपुर मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉक्टर आर. के. मिश्रा, इंसेफेलाइटिस वार्ड के नोडल अफसर डॉक्टर कफील खान, मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की आपूर्तिकर्ता कंपनी पुष्पा सेल्स समेत नौ लोगों के खिलाफ धारा 120 बी (साजिश करने), 308 (गैर इरादतन हत्या) तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की सम्बन्धित धारा के तहत कल रात हजरतगंज कोतवाली में मुकदमा दर्ज करवाया गया।

मालूम हो कि पिछली 10-11 अगस्त की रात को गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में संदिग्ध हालात में कम से कम 30 बच्चों की मौत हो गयी थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 12 अगस्त को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक समिति गठित की थी। समिति ने गत 20 अगस्त को सरकार को सौंपी गई अपनी रिपोर्ट में गोरखपुर मेडिकल कॉलेज के तत्कालीन प्रधानाचार्य डॉक्टर राजीव मिश्रा, ऑक्सीजन प्रभारी, एनेस्थिसिया बाल रोग विभाग के अध्यक्ष डॉक्टर सतीश तथा एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम बोर्ड के तत्कालीन नोडल अधिकारी डॉक्टर कफील खान तथा मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की आपूर्तिकर्ता कंपनी पुष्पा सेल्स के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की सिफारिश की थी।

इसके अलावा समिति ने डॉक्टर राजीव मिश्रा और उनकी पत्नी डॉक्टर पूर्णिमा शुक्ला, मेडिकल कॉलेज के लेखा विभाग के कर्मचारियों तथा चीफ फार्मासिस्ट गजानन जायसवाल के खिलाफ भ्रष्टाचार उन्मूलन अधिनियम के तहत कार्रवाई की संस्तुति की है। समिति ने गैर-जिम्मेदाराना आचरण, कर्तव्यहीनता और कर्मचारी आचरण नियमावली के प्रतिकूल रवैया अपनाने के लिए डॉक्टर राजीव मिश्रा, डॉक्टर सतीश, डॉक्टर कफील खान, गजानन जायसवाल एवं सहायक लेखाकार के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश भी की है।

इसके अलावा मेडिकल कॉलेज में औषधि तथा रसायनों की आपूर्ति की पिछले तीन वर्षों की कैग से विशेष आॅडिट कराने, डॉक्टर कफील खान द्वारा गोरखपुर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी के समक्ष तथ्यों को छुपा कर शपथ पत्र दाखिल करने और इंडियन मेडिकल काउंसिल के नियमों के विपरीत काम करने के लिए आपराधिक कार्रवाई किए जाने की सिफारिश भी की गई है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित जांच समिति की रिपोर्ट को स्वीकार करते हुए सभी दोषी अधिकारियों तथा कर्मचारियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने के आदेश देते हुए कहा है कि दोषी अधिकारियों तथा कर्मचारियों को किसी भी दशा में बख्शा न जाए और उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। समिति ने इस प्रकरण में दोषी अधिकारियों तथा कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई प्रस्तावित करते हुए भविष्य में इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति ना होने देने तथा व्यवस्था में सुधार के लिए भी सुझाव दिए हैं। मुख्यमंत्री द्वारा गठित इस समिति में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के सचिव आलोक कुमार, वित्त विभाग के सचिव मुकेश मित्तल तथा संजय गांधी परास्रातक आयुर्विज्ञान संस्थान लखनऊ के चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर हेमचंद्र भी शामिल थे।

देखिए वीडियो - गोरखपुर दंगा केस: हाईकोर्ट ने रोका क्लोजर रिपोर्ट पर फैसला, योगी सरकार ने नहीं दी थी केस पर इजाजत

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  1. J
    jameel shafakhana
    Aug 24, 2017 at 10:39 am
    i). Is desi nuskhe ke sevan se Kuch hi dino me ho jayega aap ka lamba, mota or tight. ii). Nill skhukranu ki problem se pareshan hai to jyada sochiye mat khaye ye desi dawai. iii). 30 mint se pahle sambhog me nahi jhad sakte aap rukavat ka achook desi nuskha. : jameelshafakhana /
    (0)(0)
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    सबरंग