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गोरखपुर कांड: BRD मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल और पत्‍नी को 14 दिन की जुडिशियल रिमांड, भेजे गए जेल

वहीं आरोपी दंपति की ओर से अदालत में पेश अधिवक्ताओं ने पुलिस रिमांड पर दिए जाने के खिलाफ अपना पक्षा रखा। उनका तर्क था कि डॉ. दंपति एक जिम्मेदार और संभ्रांत नागरिक हैं।
Author August 31, 2017 20:54 pm
गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कलेज में अगस्त के दूसरे हफ्ते में छह दिनों में 63 लोगों की मौत हो गई थी। (PTI)

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के बाबा राघवदास (बीआरडी) मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की आपूर्ति रुकने से 60 से ज्यादा बच्चों की मौत के मामले के आरोपी निलंबित प्राचार्य डॉ. राजीव मिश्रा और उनकी पत्नी डॉ. पूर्णिमा को गुरुवार को अदालत में पेश किया गया, जहां से दोनों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। डॉ. मिश्रा और उनकी पत्नी डॉ. पूर्णिमा शुक्ला (सीनियर होमियोपैथी मेडिकल ऑफिसर) को गुरुवार को कड़ी सुरक्षा में अपर जिला सत्र न्यायाधीश शिवानंद सिंह की अदालत नंबर आठ में पुलिस ने पेश किया, जहां से पुलिस ने न्यायालय से मांग की कि इस गंभीर मामले में उन्हें काफी तथ्य जुटाने हैं और इसलिए दोनों को पुलिस रिमांड पर भेज दिया जाए, ताकि एफआईआर में उन पर लगाए गए आरोपों की पड़ताल कर जरूरी साक्ष्य जुटाए जा सकें।

वहीं आरोपी दंपति की ओर से अदालत में पेश अधिवक्ताओं ने पुलिस रिमांड पर दिए जाने के खिलाफ अपना पक्षा रखा। उनका तर्क था कि डॉ. दंपति एक जिम्मेदार और संभ्रांत नागरिक हैं। पुलिस की जांच में वे हर संभव सहयोग के लिए तत्पर हैं, इसलिए उन्हें पुलिस रिमांड पर दिए जाने के बजाय न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जाए।

यह संभ्रांत दंपति कानपुर में एक वकील के यहां छुपे हुआ था, जहां से दोनों को मंगलवार को पुलिस ने हिरासत में लिया था। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद डॉ. राजीव मिश्रा और उनकी पत्नी डॉ. पूर्णिमा शुक्ला को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

जेल में डॉ. राजीव मिश्र को नेहरू भवन के सामने नेहरू कक्ष में दस आदर्श कैदियों के साथ रखा गया है तथा डॉ. पूर्णिमा शुक्ला को महिला बैरक में रखा गया है। डॉ. राजीव मिश्र की सघन तलाशी पुरुष आरक्षी व डॉ. पूर्णिमा शुक्ला की महिला आरक्षियों ने ली। गोरखपुर के वरिष्ठ जेल अधीक्षक ने कहा कि डॉक्टर दंपति की सुरक्षा पर विशेष ध्यान रखा गया है। एफआईआर लखनऊ के हजरतगंज थाने में दर्ज कराई गई थी और बाद में मामले को गोरखपुर स्थानांतरित कर दिया गया था।

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