May 24, 2017

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यूपी में लगातार हो रहीं बड़ी वारदात, मुख्‍यमंत्री न‍िवास से खुद नजर रखेंगे योगी आद‍ित्‍य नाथ

यूपी विधान सभा चुनाव में कानून-व्यवस्था एक अहम मुद्दा था। लोगों ने सपा सरकार में बिगड़ती कानून व्यवस्था से अंसतुष्ट होकर भाजपा सरकार को चुना था।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ। (File Photo)

उत्तर प्रदेश को अपराधमुक्त प्रदेश बनाने की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की घोषणा उनके सत्ता संभालने के करीब दो महीने बाद भी फिलहाल जमीन पर उतरती हुई नहीं दिख रही है। राज्य में दो महीने के योगी राज में अब तक करीब दर्जन भर बड़े अपराध की घटनाएं हो चुकी हैं। शायद यही वजह है कि अब मुख्यमंत्री आदित्यनाथ खुद अपराध की घटनाओं पर नजर रखेंगे। आज तक पर भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा कि प्रदेश में अपराध की घटनाओं पर निगरानी के लिए मुख्यमंत्री खुद उस पर नजर रखेंगे। उन्होंने बताया कि इसके लिए सीएम आवास में विशेष तरह की निगरानी व्यवस्था स्थापित की जा रही है। इसके तहत सभी जिलों के पुलिस कप्तान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सीधे सीएम आवास से जुड़े होंगे। उन्होंने कहा कि सुधार के क्रम में ही सरकार ने 626 दागी पुलिस अफसरों का तबादला किया है।

चैनल पर बहस के दौरान समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता और बीजेपी प्रवक्ता के बीच खूब तीखी नोकझोक हुई। चर्चा में शामिल पूर्व डीजीपी विक्रम सिंह ने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था को पटरी पर आने में करीब तीन महीने का वक्त लेगा। इस पर कांग्रेस प्रवक्ता पी एल पुनिया ने विक्रम सिंह पर भाजपा प्रवक्ता की तरह बयान देने का आरोप लगाया। लगे हाथ उन्होंने कहा कि जब तक सरकार अधिकारियों को काम करने की छूट नहीं देगी तबतक अपराध पर लगाम लगाना मुश्किल होगा।

गौरतलब है कि सत्ता संभालते ही सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि अपराधी यूपी छोड़ दें या अपराध छोड़ दें लेकिन न तो अपराधियों ने यूपी छोड़ी और न ही उनलोगों ने अपराध छोड़ी। सोमावार (17 मई) को 8 नकाबपोश अपराधियों ने मथुरा में एक ज्वैलरी शॉप में पिस्टल की नोक पर न केवल 4 करोड़ की ज्वैलरी लूटपाट को अंजाम दिया बल्कि विरोध करने पर दो लोगों की हत्या कर दी और दो लोगों को गोली मारकर घायल भी कर दिया। विधानसभा में जब विपक्षी नेताओं ने इस पर सरकार को घेरा तो सीएम ने डीजीपी को फटकार लगाते हुए तुरंत मामले की जांच करने का निर्देश दिया।

दरअसल, यूपी विधान सभा चुनाव में कानून-व्यवस्था एक अहम मुद्दा था। लोगों ने सपा सरकार में बिगड़ती कानून व्यवस्था से अंसतुष्ट होकर भाजपा सरकार को चुना था लेकिन पिछले कुछ हफ्ते में यूपी में अपराध की घटनाओं पर रोक लगने की बजाय उसमें इजाफा ही हुआ है।

योगी आदित्यनाथ सरकार में घटी बड़ी वारदातें:
17 मई, 2017: लखनऊ में कर्नाटक कैडर के आईएएस अफसर का मर्डर
15 मई, 2017: मथुरा के ज्वेलरी शॉप में आठ नकाबपोश बदमाशों द्वारा 4 करोड़ की लूट एंड मर्डर
15 मई, 2017: मुजफ्फरनगर में किसान की हत्या से हड़कंप
13 मई, 2017: कौशांबी में नवविवाहिता की रेप के बाद हत्या
12 मई, 2017: अलीगढ़ में गोकशी के आरोप में 6 लोगों की पीट-पीटकर हत्या
9 मई, 2017: लखनऊ में रिटायर्ड सूबेदार की दो बेटियों की हत्या
5 मई, 2017: ग्रेटर नोएडा में गोकशी के आरोप में 2 लोगों की पिटाई
24 अप्रैल, 2017: इलाहाबाद में माता-पिता और दो बेटियों की हत्या
5 अप्रैल, 2017: मुजफ्फरनगर में बीजेपी नेता की गोली मारकर हत्या

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First Published on May 17, 2017 9:05 pm

  1. S
    Singh
    May 18, 2017 at 1:41 am
    Saharanpur case nhi pta hai kya
    Reply

    सबरंग