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राहुल गांधी को पप्पू कहने वाले कांग्रेसी नेता पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित

पिछले महीने प्रधान को पार्टी के सभी पदों से निलंबित किया गया था। उन्होंने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर पार्टी के व्हाट्स एप ग्रुप पर कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणी की थी।
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी (Photo-PTI)

उत्तर प्रदेश कांग्रेस ने मेरठ जिला इकाई के अध्यक्ष विनय प्रधान को आज पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया। कांग्रेस प्रवक्ता द्विजेन्द्र त्रिपाठी ने बताया कि प्रधान को उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अनुशासन समिति के अध्यक्ष रामकृष्ण द्विवेदी ने पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के लिए छह साल के लिए निष्कासित कर दिया है। पिछले महीने प्रधान को पार्टी के सभी पदों से निलंबित किया गया था। उन्होंने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर पार्टी के व्हाट्स एप ग्रुप पर कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणी की थी।

द्विवेदी ने उसी समय कहा था कि प्रधान का दोष साबित हो गया है और उन्हें कांग्रेस पार्टी के संविधान के उल्लंघन का दोषी पाया गया है। त्रिपाठी ने बताया कि प्रधान के अलावा मेरठ इकाई के उपाध्यक्ष सरताज गाजी और गिरधारी लाल मौर्य, महासचिव अंकुर त्यागी, सचिव अनुराम शामी और इरशान पुथी को भी पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए सभी पदों से निलंबित किया गया था। खबरों के मुताबिक व्हाट्स एप ग्रुप पर कथित तौर पर अपमानजनक मैसेज में उन्होंने राहुल गांधी की तारीफ की थी लेकिन तारीफ करते हुए राहुल गांधी को कई बार पप्पू कहा था। यह बात जब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर को पता चली तो उन्होंने इस पर तुरंत कार्रवाई करने के लिए कहा और प्रधान को सस्पेंड कर दिया गया था। प्रधान को पार्टी के जिलाध्यक्ष पद समेत सभी पदों से हटा दिया गया था। बता दें मनसौर की घटना को लेकर विनय प्रधान ने व्हॉट्सऐप ग्रुप में मैसेज में उन्होंने राहुल गांधी को कई बार पप्पू कहते हुए उनकी तारीफ की थी।

विनय प्रधान ने कथित तौर पर लिखा था, “राहुल गांधी जिसे देश का एक हिस्सा पप्पू के नाम से भी जानता है। आज आप बताएं कि क्या पप्पू ने कभी महंगी गाड़ियों का शौक पाला? जबकि वो पाल सकते थे। कभी अंबानी, अडानी, माल्या की पार्टी में शामिल नहीं हुआ न, जबकि शामिल हो सकते थे। पप्पू ने कभी शान-शौकत का प्रदर्शन किया? नहीं परंतु कर सकता था। पप्पू मंत्री और प्रधानमंत्री भी बन सकता था पर बना? नहीं।”

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  1. A
    AK
    Jul 2, 2017 at 3:34 pm
    िष्णु पार्टी में बोलने की कितनी आजादी है, यह उसका उदाहरण है ।
    (0)(0)
    Reply
    सबरंग