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सीएम योगी आदित्य नाथ ने अफसरों को दिया 100 दिन का अल्टीमेटम, कहा – ये काम करके दिखाओ…

निजी स्कूलों द्वारा मनमानी फीस लिए जाने पर गंभीरता दिखाते हुए योगी ने कहा कि इन स्कूलों के लिए अलग से नियम बनाए जाएंगे।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ (File Photo)

उत्तर प्रदेश में बीजेपी सरकार बनते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ एक के बाद एक बड़े फैसले ले रहे हैंं। एक तरफ कैबिनेट की पहली बैठक से पहले ही योगी आदित्य नाथ ने यह घोषणा की कि शिक्षकों की भर्ती के लिए बुनियादी शिक्षा चयन बोर्ड का गठन किया जाएगा। वहीं दूसरी तरफ योगी सरकार ने उन निजी स्कूलों पर नकेल कसने की तैयारी कर ली है जो कि मनमानी फीस ऐठते हैं। इस मामले पर गंभीरता दिखाते हुए योगी ने कहा कि इन स्कूलों के लिए अलग से नियम बनाए जाएंगे। जिससे कि ये स्कूल छात्रों की पढ़ाई के लिए अपने मन मुताबिक फीस न ऐठ सकें। लोकभवन में शिक्षा विभाग के साथ की गई बैठक के बाद योगी आदित्य नाथ ने  कहा कि सभी अफसरों को 100 दिन का अल्टीमेटम दिया गया है। उनसे कहा गया है कि इन 100 दिनों में प्रदेश की शिक्षा नीति में बदलाव नजर आना चाहिए।

योगी आदित्य नाथ द्वारा अफसरों को बताए गए कार्यो की सूची इस प्रकार है:

बुनियादी शिक्षा विभाग

1 से 10 जुलाई के बीच छात्रों को पोशाक, पुस्तकें और बैग का वितरण पूरा हो जाना चाहिए।

1 से 8 तक कक्षा के छात्रों को पोशाक के साथ दो जोड़े मोजे और सर्दी में एक स्वेटर अवश्य देना होगा।

विभाग को छात्रों की उपस्थिति शत-प्रतिशत अनिवार्य करवानी होगी।

स्कूलों में न आने वाले बच्चों के लिए डूर-टू-डूर सर्वे करना होगा।

100 दिनों में शिक्षा व्यवस्था में बदलाव नजर आना चाहिए।

राष्ट्रीय अविष्कार अभियान के तहत 1760 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में विज्ञान और गणित लैब का निर्माण करना होगा।

पेयजल के साथ-साथ विद्यालयों में शौचालय की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी।

कम्प्यूटर सहायतित शिक्षा कार्यक्रम के तहत 8628 विद्यालयों में सुविधाएं देनी होंगी।

शिक्षकों के चयन के लिए बुनियादी शिक्षा चयन बोर्ड का गठन किया जाना चाहिए।

इन 100 दिनों में प्रदेश के 45,809 परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों का विद्युतीकरण करना होगा।

उच्च शिक्षा विभाग

स्कूलों में चल रही शिक्षकों की कमी की समस्या को जल्द से जल्द दूर करना होगा।

शिक्षकों की भर्ती में पारदर्शिता होनी चाहिए।

शिक्षकों की भर्ती से जुड़े पुराने वादों का जल्द निपटारा होना चाहिए।

सभी विश्वविद्यालयों में एक प्रकार का ही पाठ्यक्रम होना चाहिए।

विश्वविद्यालय के सेशन को नियमित रूप से सुचारु ढंग से चलाया जाए।

माध्यमिक शिक्षा

परीक्षाओं में होने वाली नकल पर लगाम कसी जाए।

नकल करवाने वाले लोगों और परीक्षा केंद्रों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।

जिन केंद्रों से हर बार नकल की शिकायत आती है, उनको ब्लैकलिस्ट में डालकर, उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाए।

निजी स्कूलों के नए नियम तैयार किए जाएं ताकि ये स्कूल छात्रों से मनमानी फीस न ऐठ सकें।

छात्राओं के लिए रानी लक्ष्मी बाई आत्मरक्षा कार्यक्रम और योग शिक्षा कार्यक्रम अनिवार्य किए जाएं।

उन सरकारी शिक्षकों पर कानूनी कार्रवाई की जाए जो कि कोचिंग सेंटर चला रहा हैं।

विद्यालयों में कोई भी कोर्स ज्यादा से ज्यादा 200 दिनों के भीतर पूरा किया जाए।

स्कूलों और कॉलेजों में बायो​मैट्रिक्स लगवाई जाए, जिससे कि शिक्षकों और छात्रों की नियमित उपस्थिति दर्ज की जाए।

व्यावसायिक शिक्षा

आईटीआई संस्थानों में पुराने ट्रेड खत्म किए जाएं, जैसे कि रैडियो मैकेनिक आदि।

छात्रों को विदेशों में रोजगार दिलाने के लिए एनआरआई विभाग से बात कर योजना बनाएं.

इन संस्थानों को दो शिफ्ट में चलाया जाए, जिससे कि ज्यादा से ज्यादा बच्चे यहां आकर पढ़ाई कर सकें।

देखिए वीडियो - उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने कहा- "सूर्य नमस्कार और नमाज एक समान"

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