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गौहत्या के खिलाफ अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी का छात्र संघ, कहा- हिन्दुओं की भावना को ठेस पहुंचाने वाले हर बैन का करेंगे समर्थन

अक्सर आए दिन गौरक्षक हाईवे पर कानून अपने हाथों में लिए नजर आते हैं और भैंसों को भी बूचड़खाने ले जाने पर मारपीट करते हैं।
विरोध-प्रदर्शन करते अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के स्टूडेन्ट्स। (एक्सप्रेस फोटो)

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के छात्र यूनियन के अध्यक्ष ने केन्द्र की नरेंद्र मोदी सरकार से देशभर में गौहत्या पर बैन लगाने की मांग की है। अलीगढ़ जिला कलेक्ट्रेट पर आयोजित विरोध-प्रदर्शन को संबोधित करते हुए एएमयू छात्र संघ के अध्यक्ष फैजुल हसन ने कहा, “हम केन्द्र सरकार द्वारा ऐसे किसी भी प्रतिबंध का समर्थन करने के लिए तैयार हैं जिससे हिन्दू समुदाय की भावना आहत होने से बचती हो।” हसन ने कहा कि वो देशभर के सभी बूचड़खानों पर पूर्ण प्रतिबंध के हिमायती हैं। उन्होंने कहा कि वो मांस निर्यात के लिए चलाए जा रहे ऐसे सभी बूचड़खानों पर पूर्ण प्रतिबंध की मांग करते हैं जो समाज में दो समुदायों के बीच नफरत फैलाने का काम करते हों।

उन्होंने कहा कि अक्सर आए दिन गौरक्षक हाईवे पर कानून अपने हाथों में लिए नजर आते हैं और भैंसों को भी बूचड़खाने ले जाने पर मारपीट करते हैं। इस वजह से समाज में बेवजह तनाव पैदा होता रहता है। इसलिए भैंसों के मांस पर भी बैन लगाया जाना चाहिए।

इसके साथ ही अलीगढ़ मुस्लिम छात्र संगठन ने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के नाम एक ज्ञापन एडिशनल सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा, जिसमें फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाकर गौरक्षकों द्वारा की गई मारपीट के मुकदमों का ट्रायल चलाने की मांग की गई है। ज्ञापन में कहा गया है कि सरकार अतिशीघ्र ऐसे असामाजिक तत्वों के खिलाफ संज्ञान ले जो समाज और देश की शांति के लिए खतरनाक हैं और गौरक्षा के नाम पर आतंक फैलाते हैं। ज्ञापन में छात्रों ने अल्पसंख्यकों और गरीब तबके के लोगों के प्रति हो रही हिंसा पर रोक लगाने के लिए भी एक नए कानून लाने की मांग की गई है।

गौरतलब है कि हाल की कुछ घटनाओं में गौरक्षकों ने देशभर में खासकर भाजपा शासित राज्यों में गौतस्करी के आरोप में कई लोगों की पिटाई की है। पिछले दिनों राजस्थान के अलवर में भी गौरक्षकों ने गौतस्करी के आरोप में कुछ लोगों की पिटाई कर दी थी जिनमें से एक घायल की मौत हो गई थी। बाद में पता चला कि वे लोग गौ तस्कर नहीं थे। बता दें कि कुछ दिन पहले संघ प्रमुख मोहन भागवत ने गौहत्‍या के खिलाफ पूरे देश में कड़ा कानून बनाने की मांग की थी।  उन्‍होंने कहा था कि कई राज्यों में जहां संघ कार्यकर्ता (संघ की पृष्ठभूमि वाले भाजपा नेता) सत्ता में हैं उन्होंने ऐसा कानून बनाया है। उन्होंने उम्मीद जतायी कि दूसरी सरकारें भी स्थानीय ‘‘जटिलताओं’’ से निपटते हुये ऐसा कानून बनायेंगी।

वीडियो: शिया पर्सनल लॉ बोर्ड ने तीन तलाक, गो-हत्या पर बैन लगाने की मांग की

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