ताज़ा खबर
 

गोरखपुर: BRD मेडिकल कॉलेज में 48 घंटे में 42 बच्चों की मौत

इसी अस्पताल में 10 और 11 अगस्त को 35 बच्चों की मौत हुई थी। इसकी वजह आॅक्सीजन की कमी को बताया गया। इस घटना के बाद गोरखपुर में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक समिति खुद मुख्यमंत्री ने गठित की।
Author लखनऊ | August 30, 2017 11:37 am
गोरखपुर के बीआरडी अस्पताल में ज्यादातर बच्चों को इंसेफलाइटिस की वजह से भर्ती कराया गया था। (Express photo by Vishal Srivastav 12.08.2017)

गोरखपुर के बाबा राघवदास मेडिकल कालेज में पिछले 48 घंटों में 36 बच्चों की मौत की खबर है। मेडिकल कॉलेज के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) पीके शुक्ल ने इन मौतों की पुष्टि की। लेकिन उनका कहना है कि जापानी इंसेफलाइटिस से 27 और 28 अगस्त को केवल सात बच्चों की मौत हुई। बाकी बच्चों की मौत दूसरी बीमारियों से हुई। जापानी इंसेफलाइटिस से मरने वाले बच्चों की संख्या सात है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि मेडिकल कालेज परिसर में बच्चों के तीमारदार चारों तरफ हैं। अस्पताल के गलियारों, वार्ड के बाहार के बारमदों में तीमारदार जमीन पर बैठे थके हारे सुस्ता रहे हैं। तीमारदारों की यह संख्या यह बताने के लिए काफी है कि बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज में इस वक्त कितनी बड़ी संख्या में बच्चों की शक्ल में मरीज भर्ती हैं।

इसी अस्पताल में 10 और 11 अगस्त को 35 बच्चों की मौत हुई थी। इसकी वजह आॅक्सीजन की कमी को बताया गया। इस घटना के बाद गोरखपुर में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक समिति खुद मुख्यमंत्री ने गठित की। जिसमें उन्होंने मीडिया के सामने कहा कि यह समिति एक सप्ताह के भीतर गोरखपुर में हुई बच्चों की मौत के कारणों पर रपट सौंपेगी। मुख्य सचिव की रपट, मुख्यमंत्री के पास पहुंच जाने के बावजूद बीते 48 घंटों में फिर 36 बच्चों की मौत से योगी सरकार की कार्यप्रणालि सवालों के घेरे में है। मुख्य सचिव की रिपोर्ट को पढ़कर कार्रवाई तो कर्मचारियों पर की गई, लेकिन उसमें दिए गए सुझावों पर कोई खास गौर नहीं किया गया। यदि गौर किया गया होता तो 36 बच्चों की मौत के आंकड़े को कम किया जा सकता था।

गोरखपुर मेडिकल कॉजेल में मौजूद सूत्रों का कहना है कि इस वक्त अस्पताल परिसर में सख्ती कर दी गई है। हर आने-जाने वाले पर अस्पताल में तैनात गार्ड और कर्मचारी पैनी नजर रख रहे हैं। किसी को वार्ड के आसपास मोबाइल फोन लेकर जाने से मना किया जा रहा है। ऐसा इसलिए है ताकि कोई मोबाइल फोन से पूरे मामले की फुटेज बनाकर अस्पताल को फिर से कटघरे में खड़ा न करे। इस अस्पताल में बीते 48 घंटों में हुई 36 बच्चों की मौत पर सरकार की अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. J
    jameel shafakhana
    Aug 30, 2017 at 12:03 pm
    इन्द्री में जोश तनाव रुकावट की कमी हो, या शीघ्रपतन और निल शुक्राणुओं की तो आज ही फोन करेें। जमील शफाखाना संपर्क सूत्र 9456088812 : jameelshafakhana /
    (0)(0)
    Reply
    सबरंग