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अलीगढ़ में नोट बदलने में नाकाम रहे दो लोगों की मौत, तीन दिन से काट रहे थे बैंकों के चक्कर

सपा के स्थानीय विधायक जमीरूल्ला खान ने कहा कि दोनों ही मामलों में सदमे से मौत हुई है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने की मांग की।
Author अलीगढ़ (उप्र) | November 19, 2016 16:44 pm
अलीगढ़ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विमुद्रीकरण की नीति के खिलाफ प्रदर्शन करती महिलाएं। (PTI Photo/16 Nov, 2016)

पुराने नोट बदलने में विफल दो व्यक्तियों की कथित तौर पर सदमे से मौत हो गयी। नागला मानसिंह इलाके के निवासी बाबू लाल (50) की मौत दिल का दौरा पड़ने से हो गयी। परिवार वालों का कहना है कि वह तीन दिन से बैंकों के चक्कर काट रहे थे लेकिन पुराने नोट नहीं बदल पाये। बाबू लाल की बेटी की 26 नवंबर को शादी तय थी। उन्होंने इसके लिए धन जमा किया था। नोटबंदी के फैसले के बाद से ही वह तनाव में रहते थे। शुक्रवार (18 नवंबर) को बैंक से लौटने के बाद उन्होंने सीने में दर्द की शिकायत की। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। दूसरी घटना सिविल लाइन्स थाने के जमालपुर इलाके की है, जहां मोहम्मद इदरीस (45) की भी शुक्रवार (18 नवंबर) को दिल का दौरा पडने से मौत हो गयी। परिवार वालों ने बताया कि इदरीस का बैंक खाता नहीं था लेकिन चार दिन से वह एक स्थानीय बैंक के चक्कर इस उम्मीद में काट रहा था कि उसके पुराने नोट बदल जाएंगे। भारी भीड़ के कारण वह नोट बदल नहीं पाया। सपा के स्थानीय विधायक जमीरूल्ला खान ने कहा कि दोनों ही मामलों में सदमे से मौत हुई है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने की मांग की।

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