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यूपी-बिहार एक समान? विषय तक की जानकारी नहीं यूपी के टॉपर को

बीते दिनों टॉपर्स घोटाले के पर्दाफाश के बाद बिहार की शिक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान लग गया था मगर उत्तर प्रदेश की स्थिति भी इससे अलग नहीं है।
Author गोंडा | July 7, 2016 03:05 am
रूबी राय ने पॉलिटिकल साइंस को प्रोडिकल साइंस कहा था।

बीते दिनों टॉपर्स घोटाले के पर्दाफाश के बाद बिहार की शिक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान लग गया था मगर उत्तर प्रदेश की स्थिति भी इससे अलग नहीं है। माध्यमिक शिक्षा परिषद उप्र. इलाहाबाद लारा संचालित हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा में सम्मानजनक अंकों के साथ प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण होने वाले मेधावियों को भी विषय के नामों की जानकारी नहीं है। कई छात्र तो प्राथमिक कक्षाओं की मौखिक गणित का सवाल भी नहीं हल कर पाते हैं। उल्लेखनीय है कि एक जुलाई को नया शिक्षण सत्र प्रारंभ होने के बाद जनपद मुख्यालयों के प्रतिष्ठित कॉलेजों में इन दिनों कक्षा 11 में प्रवेश के लिए ग्रामीण अंचल के छात्रों की भीड़ जुट रही है। मंगलवार को मुख्यालय के प्रतिष्ठित शहीदे आजम सरदार भगत सिंह इंटर कॉलेज में कक्षा 11 में प्रवेश के लिए छात्रों व उनके अभिभावकों का तांता लगा रहा। कॉलेज के प्रधानाचार्य एसएन चतुर्वेदी प्रवेश के इच्छुक छात्रों से उनका अंक पत्र देखने के उपरांत कुछ मौखिक सवाल पूछकर संतुष्ट होने पर प्रवेश फॉर्म दे रहे थे।

इस दौरान उनका सामना कई ऐसे छात्रों से हुआ जो हाईस्कूल की परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण करने के बावजूद अपने विषय का नाम नहीं बता पाए। गायत्री इंटर कॉलेज बालपुर से 75 फीसद अंक प्राप्त कर हाईस्कूल की परीक्षा उत्तीर्ण करने वाला छात्र ‘बायो’ की हिंदी नहीं बता सका। जबकि उसने स्वयं प्रधानाचार्य से ‘बायो’ विषय के साथ इंटर मीडिएट की पढ़ाई करने की इच्छा व्यक्त की थी। इतना ही नहीं, वह न तो रसायन के किसी एक अम्ल का नाम, न ही पानी का रासायनिक नाम बता पाया। वह 249 को 17 से भाग भी नहीं कर सका। सिटी मांटेसरी इंटर कॉलेज गोंडा से प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण राकेश कुमार कार्य और बल की परिभाषा नहीं बता सके। उन्हें न्यूटन के तीसरे नियम, प्रकाश की किरणों के परावर्तन के सिद्धान्त और दर्पण के प्रकार के बारे भी जानकारी नहीं थी। जीव विज्ञान विषय के साथ इंटर की पढ़ाई करने के इच्छुक आनंद कश्यप को पौंधों के भोजन बनाने की प्रक्रिया की जानकारी नहीं थी। मेढ़क के पानी में आसानी से तैर पाने का उचित कारण भी उसे नहीं पता था।

गणित विषय से इंटर करने के इच्छुक श्रीप्रकाश शुक्ला दशमलव एक को दशमलव एक से गुणा नहीं कर सके। उन्हें भी हाईस्कूल की परीक्षा में 83.6 फीसद अंक मिले हैं। भैया हरिभान दत्त इंटर कॉलेज धानेपुर से 79 फीसद अंकों के साथ हाईस्कूल की परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले तथा वाणिज्य विषय से इंटर करने के इच्छुक वेद प्रकाश वर्मा कामर्स की हिंदी नहीं जानते थे। जिले के हाईस्कूल व इंटरमीडिएट के टॉपर्स की स्थिति भी बहुत अच्छी नहीं है। पिछले दिनों जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन ने हाईस्कूल व इंटर मीडिएट की परीक्षा में जनपद स्तर पर टॉप टेन करने वाले छात्र छात्राओं को अपने कैम्प कार्यालय पर बुलाकर सम्मानित किया था और रात्रिभोज भी दिया था। इस मौके पर ‘जनसत्ता’ ने इन मेधावियों से बातचीत की जिसमें काफी चौंकाने वाली स्थिति सामने आई थी।

इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले आधा दर्जन टॉपर्स को गोस्वामी तुलसीदास की जन्मस्थली के बारे में सही जानकारी नहीं थी। उन्हें यह भी पता नहीं था कि हिंदी का कौन सा कवि वीर योद्धा भी था। हाईस्कूल टॉप करने वाली दो लड़कियों को दांत का बहुबचन नहीं पता था।

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  1. A
    akki
    Jul 7, 2016 at 2:09 am
    Sb chor h
    (0)(0)
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