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रामगोपाल यादव का मुलायम को पत्र- अखिलेश नहीं बने CM उम्मीदवार तो पार्टी के पतन के वही होंगे जिम्मेदार

जैसे-जैसे उत्तर प्रदेश चुनावों के दिन नजदीक आ रहे हैं वैसे-वैसे समाजवादी पार्टी के बीच उम्मीदवारी को लेकर घमासान मचा हुआ है।
Author नई दिल्ली | October 16, 2016 05:10 am
सपा पार्टी के सांसद रामगोपाल यादव

जैसे-जैसे उत्तर प्रदेश चुनावों के दिन नजदीक आ रहे हैं वैसे-वैसे समाजवादी पार्टी के बीच उम्मीदवारी को लेकर घमासान मचा हुआ है। भले ही सपा मुखिया नेताजी ये कहते नजर आ रहे हों कि उनके परिवार के बीच किसी तरह का मनमुटाव नहीं चल रहा है लेकिन अब इस मामले पर पार्टी के एक और वरिष्ठ नेता कूद पड़े हैं, जिससे सपा परिवार के सियासी घमासान अब खुलकर सामने आ गया है। दरअसल, शुक्रवार को समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह यादव ने कहा था कि यूपी में अगला सीएम विधायक तय करेंगे। इसके बाद शनिवार को सपा सांसद रामगोपाल यादव नेताजी को तल्ख लहजे में एक पत्र लिखा। इस पत्र में रामगोपाल ने अखिलेश को सीएम केंडिडेट बनाने की बकालत की हैै। उन्होंने लिखा कि आगामी चुनाव में अखिलेश को मुख्यमंत्री का उम्मीदवार नहीं बनाना पार्टी के लिए गलत साबित हो सकता है। उन्होंने कहा आगामी चुनाव में अखिलेश को सीएम उम्मीदवार का चेहरा बनाया जाए। क्योंकि वही प्रदेश के सबसे लोकप्रिय नेता हैं। गौरतलब है कि अब तक पार्टी के बीच जो कुछ भी हुआ उससे मतदाता भी काफी नाराज हैं।

रामगोपाल यादव मुलायम सिंह यादव के चचेरे भाई हैं। उन्होंने अखिलेश की तरफदारी करते हुए मुलायम सिंह को पत्र लिखकर कहा कि अगर उन्होंने अपने बेटे के नाम सीएम पद के लिए आगे नहीं बढ़ाया तो समाजवादी पार्टी के पतन के लिए जिम्मेदार वही होंगे। इसके बाद मुलायम सिंह दिल्ली में रामगोपाल के घर पहुंचे जहां दोनों के बीच करीब तीन घंटे बात हुई।

इस खत में लिखा कि समाजवादी पार्टी को आपने बड़ी मेहनत से बनाया था, पार्टी चार बार सत्ता में भी पहुंची। वहीं दूसरी ओर अखिलेश ने भी अपने बयान में कहा कि सीएम कौन बनेगा यह जनता तय करेगी। नेताजी की शुक्रवार को हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस और अब अखिलेश के पक्ष में रामगोपाल की ओर से लिखे गए पत्र से जाहिर होता है कि अब पार्टी दो खेमे में बट गई है। जहां एक ओर अखिलेश और रामगोपाल तो दूसरी ओर मुलायम और शिवपाल यादव। अब 2017 में यूपी में होने वाले विधानसभा चुनाव में पार्टी एक होती या पूरी तरह से अलग थलग ये तो वक्त बताएगा।

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First Published on October 16, 2016 5:08 am

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