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सम-विषम के दायरे में नहीं होंगे दुपहिया : केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल ने कई लोगों की इस धारणा को गलत बताया कि आम आदमी पार्टी के वोट बैंक को ध्यान में रखकर दुपहिया वाहनों को बाहर रखा गया है।
Author नई दिल्ली | April 20, 2016 02:52 am
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल। (पीटीआई फाइल फोटो)

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सम-विषम योजना में दुपहिया वाहनों को शामिल करने की संभावना नकारते हुए मंगलवार को कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली में सुधार किए बिना यदि यह किया गया तो शहर की सड़कों पर पूरी तरह अराजकता और अफरातफरी मच जाएगी।

उन्होंने कई लोगों की इस धारणा को गलत बताया कि आम आदमी पार्टी के वोट बैंक को ध्यान में रखकर दुपहिया वाहनों को बाहर रखा गया है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक परिवहन प्रणाली को मजबूती देने में कम से कम दो साल लगेंगे। उन्होंने कहा, ‘दुपहिया वाहनों को इसलिए अलग नहीं रखा गया क्योंकि ये गरीबों के वाहन हैं। कारण यह है कि जब हमने सम-विषम के पहले चरण के आंकड़ों का विश्लेषण किया तो हमने देखा कि मेट्रो व बसों में चढ़ने वालों की संख्या केवल 0.7 फीसद और पांच फीसद ही बढ़ी। जिन लोगों ने अपनी कार छोड़ी वे कार पूलिंग करने लगे’।

केजरीवाल ने यहां सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट (सीएसई) में कहा, ‘बसें तो खाली तक रहीं और आम समय की तरह मेट्रो में भीड़ थी। यदि दुपहिया वाहनों को शामिल कर लिया जाए तो करीब 40 लाख लोग जो दिल्ली में प्रतिदिन चलते हें, वे बसों व मेट्रो से चलेंगे और हमारे पास पर्याप्त क्षमता नहीं है। सड़कों पर अफरातफरी और पूरी तरह से अराजकता फैल जाएगी’।

उन्होंने कहा, ‘जब तक हम बसें नहीं लाते, जिसमें युद्ध स्तर पर काम करने पर भी कम से कम डेढ़ से दो साल लगेंगे, हम दुपहिया वाहनों को शामिल नहीं कर सकते। यह वोट बैंक नहीं है क्योंकि सभी वर्गों और धर्मों के लोगों ने हमें हमें वोट दिया और हमें 67 सीटें मिलीं।

केजरीवाल के दावे को सुनीता ने नकारा

अरविंद केजरीवाल ने दावा किया कि जनवरी में लागू किया गए सम-विषम के कारण प्रदूषण में 15 फीसद की कमी आई थी। उन्होंने कहा, ‘पेट्रोल पंप मालिक भी कह रहे हैं कि बिक्री कम होने के कारण वे हड़ताल पर चले जाएंगे’। हालांकि सीएसई की महानिदेशक सुनीता नारायण ने केजरीवाल के दावे को चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि वाहनों की संख्या कम करना सिर्फ आपात कदम हो सकता है, स्थाई कदम नहीं। प्रदूषण सिर्फ व्यस्त समय में कम हुआ।

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