ताज़ा खबर
 

भाजपा सरकार ने जानबूझकर लीक की ढींगरा आयोग की रिपोर्ट: कांग्रेस

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि केंद्र और हरियाणा की भाजपा सरकार ने एसएन ढींगरा आयोग की रिपोर्ट को जानबूझ कर लीक किया।
Author नई दिल्ली | April 29, 2017 02:01 am
राबर्ट वाड्रा

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि केंद्र और हरियाणा की भाजपा सरकार ने एसएन ढींगरा आयोग की रिपोर्ट को जानबूझ कर लीक किया। इसकी मंशा राबर्ट वाड्रा को बदनाम करना था। कांग्रेस के नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि अदालत ने इस रिपोर्ट के प्रकाशन पर रोक लगा रखी है। फिर भी रिपोर्ट लीक हुई है। यह अदालत की अवमानना है।
कांग्रेस प्रवक्ता सिंघवी ने आरोप लगाया कि भाजपा नीत सरकारों की आदत है रिपोर्ट्स लीक करने की, क्योंकि वे लोग प्रतिशोध की राजनीति में भरोसा करते हैं। कई विचित्र चीजें हो रही हैं। केंद्र, राज्य सरकार व सत्तारूढ़ दल प्रतिशोध पर उतर आए हैं। जानबूझकर ढींगरा आयोग की रिपोर्ट लीक की गई है। भाजपा वाले बदले की राजनीति करने में अंधे हो गए हैं और किसी पर हमला करने के लिए गोपनीय रिपोर्ट को चुनिंदा ढंग से लीक कर रहे हैं।’

एक दिन पहले प्रियंका गांधी ने बयान जारी कर कहा था कि उनके धन का उनके पति राबर्ट वाड्रा या उनकी कंपनी स्काईलाइट होस्पिटेबिलिटी से कोई लेना-देना नहीं है। यह कंपनी रियल्टी क्षेत्र की प्रमुख कंपनी डीएलएफ के साथ अपने भूमि सौदे के कारण हरियाणा सरकार की जांच के दायरे में है। प्रियंका ने कहा था कि फरीदाबाद में उन्होंने पांच एकड़ का जो भूखंड खरीदा था, उसके बारे में कोई भी संकेत ‘गलत, निराधार और मानहानिकारक है’। उन्होंने कहा कि ऐसा करना राजनीतिक रूप से प्रेरित और दुर्भावनापूर्ण अभियान है ताकि उनकी छवि को धूमिल किया जा सके।

सिंघवी ने केंद्रीय मंत्री एम वेंकैया नायडू की इस टिप्पणी पर भी हैरत जताई कि उनकी सरकार रिपोर्ट लीक नहीं करती। उन्होंने सवाल किया कि यदि सरकार रिपोर्ट लीक नहीं कर रही तो फिर रिपोर्ट किसके पास है- स्वयं न्यायमूर्ति ढींगरा या वाड्रा के पास। कांगे्रस नेता ने कहा कि किस कानून के तहत संबंधित व्यक्ति को बुलाए या नोटिस दिए बिना कोई रिपोर्ट दबाई जा सकती है। उन्होंने दावा किया कि वाड्रा या पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को कोई नोटिस भेजा ही नहीं गया, जबकि कानून के अनुसार आठ सप्ताह का नोटिस भेजा जाना जरूरी है। हाई कोर्ट के 23 नवंबर 2016 और 26 अपै्रल 2017 के आदेशों के अनुसार कोई भी ढीगरा आयोग की रिपोर्ट प्रकाशित नहीं कर सकता। यदि कोई ऐसा करता है तो तकनीकी रूप से वह अदालत की अवमानना कर रहा है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. No Comments.