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23 परियोजनाओं के 20 हजार खरीदारों को मिल सकती है राहत

बिल्डरों से बकाया वसूली की सख्ती से घबराए खरीदारों को नोएडा प्राधिकरण ने बड़ी राहत दी है।
Author नोएडा | August 25, 2017 02:27 am

बिल्डरों से बकाया वसूली की सख्ती से घबराए खरीदारों को नोएडा प्राधिकरण ने बड़ी राहत दी है। इसके तहत प्राधिकरण ने बिल्डर परियोजनाओं के कंप्लीशन सर्टिफिकेट (अधिभोग प्रमाण पत्र) की नीति में बदलाव किया है। जिसके चलते 23 परियोजनाओं के करीब 20 हजार खरीदारों को जल्द फ्लैट का कब्जा मिलने का रास्ता खुल गया है। नई नीति का लाभ दो महीने तक उठाया जा सकता है। तैयार हो चुकी परियोजनाओं के नई नीति के तहत अधिभोग प्रमाण पत्र के लिए बिल्डर कंपनियां 1 सितंबर से 30 नवंबर तक आवेदन कर सकती हैं।

नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि बिल्डरों पर प्राधिकरण की जो वर्तमान में देयता है, उसका 10 फीसद बिल्डर यदि तत्काल प्रभाव से जमा करता है, तो बिल्डर को अस्थायी अधिभोग प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। हालांकि प्रमाण पत्र जारी करने से पहले नियोजन विभाग तय मानकों की जांच करेगा। साथ ही सुनिश्चित करेगा कि परियोजना के उक्त भाग में पानी, सीवर, पार्किंग, अग्निशमन व्यवस्थाएं समेत एनओसी है या नहीं। मलसन, यदि कोई बिल्डर कंपनी 10 टॉवर के लिए अधिभोग प्रमाण पत्र का आवेदन करता है। तब उसे इसके 50 फीसद यानी 5 टॉवरों का अस्थायी प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाएगा। जबकि रजिस्ट्री कराने के लिए कुल बकाया का 65 फीसद जमा करना होगा।

इसी कड़ी में यदि 10 टॉवर के अधिभोग प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करने वाले बिल्डर पर यदि प्राधिकरण का 100 करोड़ रुपए बकाया है। तब उसे 10 फीसद यानी 10 करोड़ रुपए तुरंत देना होगा। इसके बाद प्राधिकरण बिल्डर को क्रमवार 5 टॉवरों का अधिभोग प्रमाण पत्र जारी करेगा। यदि इन 5 टॉवरों में 400 फ्लैट हैं तो वर्तमान में वसूले जाने वाली 65 फीसद धनराशि (65 करोड़ रुपए) कुल 400 फ्लैटों पर समान रूप से बांट दी जाएगी। इस प्रकार प्रति फ्लैट पर 16.25 लाख रुपए की देयता बनेगी। इस रकम के भुगतान पर फ्लैट की सब लीज यानी रजिस्ट्री की जा सकेगी। अधिकारियों के मुताबिक नई नीति से 20 हजार खरीदारों को राहत मिलेगी। शहर में कुल 76 परियोजना चल रही हैं। इनमें से काफी परियोजनाओं के अधिभोग प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया गया था। रेरा की वजह से इनके आवेदन ठप हो गए थे। अब नई नीति लागू होने के बाद खरीदारों के अलावा बिल्डरों को भी बड़ी राहत मिलने की उम्मीद बंधी है।

मजदूरों को 10 रुपए में मिलेगा अच्छा खाना
सेक्टर-155 में प्राधिकरण की तरफ से निकाली गई औद्योगिक भूखंड योजना के बाद वहां काम करने वालों के लिए प्राधिकरण ने कैंटीन बनाने की योजना तय की है। जहां मजदूरों को महज 10 रुपए में मजदूरों अच्छा भोजन मिलेगा। इसके अलावा मजदूरों के छोटे बच्चों के लिए शेल्टर की भी व्यवस्था की जाएगी। बताया गया है इस कवायद के पीछे भूखंड आवंटन के बाद जल्द फैक्ट्रियों का निर्माण कर रोजगार देने की योजना है। सेक्टर-155 में पहले चरण में 5 एकड़ तक के भूखंडों की योजना निकाली गई है। दूसरे चरण में 5 एकड़ से बड़े भूखंडों की योजना निकाली जानी है। इस श्रेणी में 15-20 भूखंड होंगे। सीईओ के मुताबिक भूखंड आवंटन के बाद इकाइयों की स्थापना के लिए सैकड़ों की संख्या में मजदूर काम करेंगे।
मजदूरों को अच्छा भोजन उपलब्ध कराने के लिए श्रम विभाग ने नोएडा प्राधिकरण को निर्माण स्थलों पर कैंटीन बनाने का अनुमोदन किया था। इसके अलावा नई स्थापित होने वाली फैक्ट्रियों से निकलने वाले गंदे पानी की जांच के लिए एक प्रयोगशाला भी बनाई जाएगी। यह प्रयोगशाला कंपनियों के शोधन संयंत्रों से निकलने वाले पानी की गुणवत्ता की जांच करेंगे। तय मात्रा से ज्यादा प्रदूषण होने पर कंपनियों को नोटिस जारी किया जाएगा।

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