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एक महीने से लापता पिता की तलाश में हैदराबाद आई NRI बेटी, फ्लैट पहुंची तो मिली सड़ चुकी लाश

करीब एक महीने बाद पिता को खोजने के लिए हैदराबाद आई महिला उस वक्त दंग रह गई जब उसे फ्लैट में पिता की लाश मिली।
इस तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीक के तौर पर किया गया है।

करीब एक महीने बाद पिता को खोजने के लिए हैदराबाद आई महिला उस वक्त दंग रह गई जब उसे फ्लैट में पिता की लाश मिली। करीब एक महीने तक पिता से बातचीत ना होने के बाद महिला अपनी मां के साथ एलबी नगर में पिता से मिलने आई थी। महिला के पिता पी लक्ष्मीनारायण मूर्ति रिटायर्ड सरकारी कर्मचारी थे जो कि पिछले कई दिनों से बेटी के फोन कॉल्स का जवाब नहीं दे रहे थे। घटना में हैरान कर देने वाली बात तब सामने आई जब फ्लैट के अंदर से बदबू आने पर भी किसी ने ध्यान नहीं दिया। मूर्ति मूल रूप से आंध्र प्रदेश के राजामहेंद्रवरम जिले के निवासी थे। उनकी दो बेटियां है जो अमेरिकी में ही रह रही थीं। उनकी पत्नी लक्ष्मी हाल के दिनों में अपने बेटियों के साथ अमेरिका गईं थीं।

खबर के अनुसार मूर्ति इस साल अगस्त में नजदीकी रिश्तेदार की शादी में हैदराबाद पहुंचे थे। जहां वो नागोल के साई मारुति अपार्टमेंट स्थित बेटी के फ्लैट में रुके थे। हैदराबाद पहुंचने के कुछ दिन तक उनकी बातचीत बेटी और पत्नी से होती रही। बाद में उन्होंने फोन कॉल्स का जवाब देना बंद कर दिया। इससे परिजन काफी चिंतित हो गए। जिसके बाद अन्य रिश्तेदारों की मदद से पिता की स्थिति जानने की कोशिश की गई लेकिन किसी से कोई जानकारी हासिल नहीं हो सकी। करीब 40 दिन बाद पति से जुड़ी कोई जानकारी नहीं मिलने के बाद लक्ष्मी अपनी बेटी सौजन्य के साथ हैदराबाद लौटीं। अपार्टमेंट पहुंचकर कई बार दरवाजा खटखटाया लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। बाद में एक कारपेंटर की मदद से दरवाजे को तोड़ा गया।

फ्लैट में अंदर देखकर पत्नी-बेटी दंग रह गए। पिता का शव पूल में पड़ा था जबकि बाथरूम के आसपास सूख चुका खून पड़ा था। उनके शरीर पर सिर्फ तौलिया था। जबकि पैर के पास एक मरी हुई छिपकली भी पड़ी थी। माना जा रहा है कि लक्ष्मीनारायण जब नहाकर बाथरूम से बाहर निकले तो छिपकली से बचने की कोशिश में वो फर्श पर गिर पड़े जिससे उनके सिर में गंभीर चोट लग गई। और समय से उपचार ना मिलने पर उनकी मौत हो गई। वहीं अपार्टमेंट के स्टाफ का कहना है कि उन्हें जानकारी नहीं थी कि लक्ष्मीनारायण फ्लैट में हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि वो बहुत ही कम बेटी के फ्लैट में आते थे।

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