January 22, 2017

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सर्जिकल हमलों पर भाकपा ने कहा- जो हुआ, उसे दुनिया के सामने साबित कीजिए

रेड्डी ने बताया, ‘अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वह (पाकिस्तान) उलझाव पैदा कर रहा है। हम (लक्षित हमले पर) संदेह नहीं करते।’

Author हैदराबाद | October 7, 2016 17:05 pm
भाकपा के महासचिव एस सुधाकर रेड्डी। (पीटीआई फाइल फोटो)

भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी ने कहा है कि केंद्र को लक्षित हमलों (सर्जिकल स्ट्राइक) के ‘सबूत’ इसलिए उपलब्ध करवाने चाहिए ताकि पाकिस्तान द्वारा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह साबित करने की कोशिश नाकाम की जा सके कि ऐसी कोई सैन्य कार्रवाई हुई ही नहीं। भाकपा के महासचिव एस सुधाकर रेड्डी ने कहा कि भारत की जनता ने सेना की कार्रवाई पर कभी संदेह नहीं किया। उन्होंने कहा, ‘सबसे पहली बात यह है कि हमारे लोगों को संदेह क्यों करना चाहिए? हमारे लोग स्वाभाविक तौर पर इसपर यकीन करते हैं।’ पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय तौर पर यह छाप बनाई है कि कोई लक्षित हमला हुआ ही नहीं है।

रेड्डी ने बताया, ‘अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वह (पाकिस्तान) उलझाव पैदा कर रहा है। हम (लक्षित हमले पर) संदेह नहीं करते लेकिन हमें दुनिया के सामने यह साबित करना है कि आखिर हुआ क्या था।’ उन्होंने कहा, ‘जब उन्होंने (सेना ने) पाकिस्तान पर (लक्षित हमला) किया, जब खबर आई, वह (भाजपा) इसका श्रेय (प्रधानमंत्री) नरेंद्र मोदी को देना चाहती थी। जब इसपर सवाल उठ रहे हैं (सबूत देने के लिए कहा जा रहा है) तब वे कहते हैं कि सेना का अपमान किया जा रहा है। तो, जिस व्यक्ति को श्रेय लेना है, उसे जिम्मेदारी भी लेनी चाहिए।’

रेड्डी ने कहा, ‘जब (लक्षित हमलों) को साबित करने की बात कही जा रही है तो वह (भाजपा) सवाल उठाने वाले लोगों की देशभक्ति पर सवाल उठा रही है।’ उन्होंने कहा, ‘भाजपा के नेताओं की गैरजिम्मेदाराना बातें समस्याओं को बढ़ाती है। इस समय भाजपा में लगभग हर व्यक्ति यह सोचता है कि वह देश का प्रधानमंत्री है और वह इस किस्म की बातें कहता है- ‘हम ऐसा करके दिखाएंगे और हम उन्हें (पाकिस्तान को) सबक सिखाएंगे।’ ’ उन्होंने कहा, ‘आम तौर पर छोटे पदों पर तैनात लोगों की ओर से भी जारी नकारात्मक बयानों को पाकिस्तान में भारी प्रचार मिल जाता है। इसलिए, इससे ज्यादा समस्याएं पैदा होंगी।’

रेड्डी ने कहा, ‘कुछ ऐसे लोग हैं, जो कहते हैं कि कोई हमला नहीं हुआ। हमले जरूर हुए होंगे लेकिन जिस तरह आक्रमक तरीके से भाजपा के नेता प्रतिक्रिया दे रहे हैं, उससे कई लोगों के दिमाग में शक पैदा हो रहा है।’ भारत और पाकिस्तान को अब निश्चित तौर पर तनाव कम करने की कोशिश करनी चाहिए लेकिन तत्काल वार्ताएं नहीं हो सकतीं। उन्होंने कहा, ‘हम स्थायी रूप से झगड़ा जारी नहीं रख सकते। पड़ोसियों के तौर पर हमें हमेशा ही यहां रहना है। लेकिन पाकिस्तान की बात करें तो, दुर्भाग्यवश वहां असैन्य सरकार का सेना पर कोई नियंत्रण नहीं है और यह एक पक्ष है।’

भाकपा के नेता ने कहा, ‘यह तनाव कम होना चाहिए और तनाव कम हो जाने के बाद हम स्वाभाविक तौर पर वार्ताओं की कोशिश कर सकते हैं। सबसे पहले, हमें यह देखना होगा कि आतंकी सीमा पार न कर पाएं। वहां हमें हर संभव उपाय करना चाहिए।’ उन्होंने यह भी कहा कि आतंकियों जैसे राज्येत्तर तत्वों, सेना और सरकार और पाकिस्तान की जनता के बीच अंतर करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता को यह संदेश मिलना चाहिए कि शांति के लिए ईमानदारी से प्रयास हो रहा हैं।

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First Published on October 7, 2016 5:05 pm

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