December 08, 2016

ताज़ा खबर

 

सुप्रीम कोर्ट से तमिलनाडु सरकार को झटका, जल्लीकट्टू पर पुनर्विचार याचिका खारिज

शीर्ष अदालत ने 2014 के फैसले पर पुनर्विचार के लिए दायर एक अन्य याचिका 21 जनवरी को खारिज कर दी थी।

Author नई दिल्ली | November 16, 2016 20:56 pm
जल्लीकट्टू तमिलनाडु में पोंगल के त्योहार के हिस्से के तौर पर मट्टू पोंगल के दिन आयोजित किया जाता है (फाइल फोटो)

उच्चतम न्यायालय ने तमिलनाडु में जल्लीकट्टू के आयोजन में बैलों के इस्तेमाल और देश भर में बैलगाड़ियों की दौड़ पर प्रतिबंध लगाने संबंधी अपने 2014 के फैसले पर पुनर्विचार के लिए राज्य सरकार की याचिका बुधवार (16 नवंबर) को खारिज कर दी। न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा और न्यायमूर्ति आर एफ नरीमन ने 2014 में ही तमिलनाडु सरकार के मुख्य सचिव के माध्यम से दायर की गयी पुनर्विचार याचिका खारिज करते हुए कहा कि यह गैरकानूनी और असंवैधानिक है क्योंकि ऐसे आयोजनों के लिये बैलों को वश में करना ‘क्रूरता’ के समान है। राज्य सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता शेखर नफडे ने सुनवाई के दौरान कहा कि जल्लीकट्टू पूरी तरह से क्रूर नहीं है और पशु को यातना देने की एकाध घटना ही होती है।

शीर्ष अदालत ने 2014 के फैसले पर पुनर्विचार के लिए दायर एक अन्य याचिका 21 जनवरी को खारिज कर दी थी। न्यायमूर्ति गोपाल गौडा और न्यायमूर्ति पी सी घोष की पीठ ने चैंबर में कार्यवाही के दौरान बैलों को वश में करने के इस विवादास्पद आयोजन पर प्रतिबंध लगाने के फैसले पर पुनर्विचार के लिए तमिलनाडु के कुछ निवासियों की याचिका खारिज कर दी थी। केन्द्र सरकार ने आठ जनवरी को तमिलनाडु में कुछ प्रतिबंधों के साथ जल्लीकट्टू के आयोजन पर लगी रोक हटाने की अधिसूचना जारी की थी जिसे पशु कल्याण बोर्ड ने शीर्ष अदालत में चुनौती दी थी। शीर्ष अदालत ने इस अधिसूचना पर रोक लगा दी थी।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

First Published on November 16, 2016 8:56 pm

सबरंग