June 29, 2017

ताज़ा खबर
 

तमिलनाडु: ओ पन्‍नीरसेल्‍वम के नेतृत्‍व में अन्‍नाद्रमुक के धड़ों में विलय की चर्चा, शशिकला-दिनाकरण की हो सकती है छुट्टी

विधायकों का कहना है कि शशिकला और उनके भतीजे टीटीवी दिनाकरण को पार्टी के सभी पदों को छोड़ देना चाहिए।

तमिलनाडु में अन्‍नाद्रमुक के दो विरोधी खेमों में सुलह के आसार बनते दिखाई दिए हैं।

तमिलनाडु में सोमवार (17 अप्रैल) रात को अन्‍नाद्रमुक के दो विरोधी खेमों में सुलह के आसार बनते दिखाई दिए हैं। शशिकला कैंप के कई विधायकों ने ओ पन्‍नीरसेल्‍वम वाले दल के साथ सुलह के प्रस्‍ताव को समर्थन किया। मंत्रियों ने विरोधी गुट के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री ओ पनीरसेल्वम के विलय संबंधी प्रस्ताव का स्वागत किया और इस प्रस्ताव पर आगे बढ़ने का फैसला किया। यह बैठक बिजली मंत्री के. थंगामणि के आधिकारिक आवास पर हुई।

बैठक से बाहर आते हुए वित्त मंत्री डी जयकुमार ने कहा कि दीनाकरन और पनीरसेल्वम के नेतृत्व वाले धड़ों के विलय का रास्ता का साफ करने करने के तौर-तरीकों को लेकर काम चल रहा है। पार्टी सूत्रों ने कहा कि बैठक में स्वास्थ्य मंत्री यी विजय भास्कर भी शामिल हुए जो आयकर विभाग की जांच के घेरे में हैं। मुख्यमंत्री के. पलानीस्वामी इस बैठक में शामिल नहीं हुए। विजय भास्कर का इस बैठक में शामिल होना महत्वपूर्ण है क्योंकि इसकी अटकल थी कि कुछ वरिष्ठ मंत्रियों ने उनके इस्तीफे की मांग की है।

पन्‍नीरसेल्‍वम की ओर से भी कहा गया कि जल्‍द ही दोनों खेमे एक हो सकते हैं। विधायकों का कहना है कि शशिकला और उनके भतीजे टीटीवी दिनाकरण को पार्टी के सभी पदों को छोड़ देना चाहिए। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार शशिकला और दिनाकरण को पार्टी से बाहर किया जा सकता है। 17 अप्रैल की रात को 25 मंत्रियों और विधायकों के बीच पन्‍नीरसेल्‍वम के गुट के साथ मिलने को लेकर चर्चा हुर्इ। दिनाकरण अन्‍नाद्रमुक के चुनाव चिह्न को लेकर चुनाव आयोग के अधिकारियों को घूस की पेशकश के मामले में घिरते दिख रहे हैं। पुलिस ने उन पर मामला दर्ज किया है। इस मामले में एक बिचौलिए सुकेश चंद्रशेखरन की गिरफ्तारी के बाद दिनाकरण का नाम आया है।

बता दें कि अन्‍नाद्रमुक के दो धड़ों में बंटने के बाद आरके नगर उपचुनाव से पहले चुनाव आयोग ने इस निशान को जब्‍त कर लिया था। हालांकि उपुचनाव से पहले मतदाताओं को पैसे बांटे जाने की खबरें सामने आने के बाद आयोग ने यहां पर चुनाव भी रद्द कर दिया था। जयललिता के निधन के बाद उनकी करीबी शशिकला ने मुख्‍यमंत्री पद पर दावेदारी जताई थी। इसका ओ पन्‍नीरसेल्‍वम ने विरोध किया। जयललिता के पद छोड़ने पर पन्‍नीरसेल्‍वम ही मुख्‍यमंत्री बनते रहे थे। दावेदारी को लेकर अन्‍नाद्रमुक में दो धड़े बन गए।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

First Published on April 18, 2017 10:42 am

  1. No Comments.
सबरंग