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वड़ा बेचने वाले दुकानदार की सर्जरी के लिए ग्राहकों ने इकट्ठा किए डेढ़ लाख रुपए

जावेद और उनकी बीवी फैरोज़ा बहुत ही प्यारे स्वभाव वाले हैं, जो एक बार उनकी दुकान पर आ जाए वह बार-बार उनकी दुकान पर जाता है।
Author कोयंबटूर | June 12, 2017 16:57 pm
अरविंद ने बताया कि जावेद के लिए केवल भारतीय लोगों ने ही नहीं विदेश के लोगों ने भी मदद पहुंचाई।

कई लोग कहते हैं कि आज के समय में कोई अपना ही मदद नहीं करता ऐसे में बाहरी लोगों और अजनबियों से मदद की क्या उम्मीद की जा सकती है। इस बात का खंडन करते हुए देश के ही नहीं विदेश के भी कई लोगों ने आगे बढ़कर तमिलनाडू के कोयंबटूर में 50 वर्षीय एक वड़ा बेचने वाले की सहायता की। कोटयीमेडू के एमजी कालोनी में जावेद एक वड़ा की दुकान लगाते हैं। रोजाना उनके पास कई ग्राहक वड़ा खाने के लिए पहुंचते है। जावेद और उनकी बीवी फैरोज़ा बहुत ही प्यारे स्वभाव वाले हैं, जो एक बार उनकी दुकान पर आ जाए वह बार-बार उनकी दुकान पर जाता है। फिल्ममेकर अरविंद कोयंबटूर बोम्ब ब्लास्ट पर एक फिल्म बना रहे हैं और इसके लिए कोटयीमेडू और उक्कडम में कई सीन शूट किए गए हैं।

अरविंद और उनकी टीम के सदस्य अक्सर जावेद की दुकान पर वड़ा खाने के लिए जाते रहते थे। दो हफ्ते पहले अरविंद और उनकी टीम के कुछ सदस्य जावेद की दुकान पर एक पार्टी का ऑर्डर देने के लिए गए लेकिन जावेद की दुकान बंद पड़ी थी। यह देखकर अरविंद ने आसपस के लोगों से दुकान बंद होने का कारण पूछा, तो लोगों ने बताया कि जावेद को डायबिटीज़ थी, जिसके कारण एक महीने पहले सर्जरी के बाद उनका बायां पैर काट दिया गया। यह जानकर अरविंद और उनके साथी काफी दुखी हुए और उनसे मिलने की इच्छा जाहिर की। अरविंद ने बताया कि पिछले हफ्ते हमने जावेद और उनकी बीवी से मुलाकात की और उनका अकाउंट नंबर ले लिया। हमने जावेद की मदद करने के लिए उनका अकाउंट नबंर एक पोस्ट के साथ सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक पर डाल दिया।

अरविंद ने बताया कि जावेद के लिए केवल भारतीय लोगों ने ही नहीं विदेश के लोगों ने भी मदद पहुंचाई। चार हजार से भी ज्यादा लोगों ने अरविंद द्वारा फेसबुक पर डाले गए पोस्ट को शेयर किया। वहीं दुबई के रहने वाले एक व्यक्ति ने जावेद के बच्चों की पढ़ाई का खर्चा उठाने की इच्छा जाहिर की। लोगों द्वारा मदद किए जाने पर फैरोज़ा ने कहा कि हम बहुत भाग्यशाली हैं कि धर्म और राष्ट्रीय सीमाओं को लांघकर लोगों ने हमें प्यार और इतनी मदद की। मेरे पास शब्द ही नहीं है कि मैं सभी लोगों का कैसा शुक्रियादा करूं। जावेद के इलाज के लिए एक लाख रुपए की जरुरत थी लेकिन हमारे पास इतना पैसा नहीं था और हमारे परिजनों ने भी हमारी मदद नहीं की, लेकिन देश-दुनिया से मिले इतने प्यार से हम काफी खुश हैं। इसके बाद अरविंद ने कहा कि जावेद के इलाज का एक लाख रुपए बिल हुआ था लेकिन लोगों के योगदान के जरिए करीब डेढ़ लाख की सहायता मिली।

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