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बेरोजगारी से त्राह‍िमाम: पहली बार छंटनी से परेशान आईटी कर्मचार‍ियों ने की यून‍ियन बनाने की पहल

हाल ही में आईटी फर्म कॉग्निजेंट ने कई लोगों की छटनी की थी जिसके बाद यह फैसला लिया गया है।
प्रतीकात्मक फोटो (फाइल)

तमिल नाडु में आईटी सेक्टर के कर्मचारियों ने यूनियन बनाने का फैसला किया है। हाल ही में आईटी फर्म कॉग्निजेंट ने कई लोगों की छंटनी की थी। ऐसे में कर्मचारियों ने यूनियन बनाने का फैसला किया है। वहीं अगर यह यूनियन बन जाती है तो यह देश की पहली आईटी यूनियन होगी। खबरों के मुताबिक लगभग 100 से ज्यादा लोग यूनियन का सदस्य बनने के लिए तैयार भी हो गए हैं। बता दें इसी महीने कॉग्निजेंट ने अपने 2 लाख 60 हजार कर्मचारियों में से लगभग 5 फीसदी लोगों की छंटनी की थी, जिसके बाद कंपनी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया था। बर्खास्त किए गए कर्माचारियों ने तमिल नाडु राज्य सरकार को शिकायत में कहा था कंपनी ने उन्हें गलत तरीके से निकाला है।

गौरतलब है कि तमिल नाडु में आईटी सेक्टर में काम करने वाले लोगों की संख्या लगभग 4.5 लाख है।वहीं तमिल नाडु ने पिछले साल राज्य में आईटी सेक्टर में ट्रेड यूनियन बनाने की इजाजत दे दी थी। राज्य में 2015 में टीसीएस ने कई कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया था जिसके बाद यह फैसला लिया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक राज्य में कई आटी कंपनियों में बड़ी संख्या में लोग काम करते हैं। इंफोसिस में लगभग 17 हजार से ज्यादा, विप्रो में 25 हजार से ज्यादा और टीसीएस में 60 हजार से ज्यादा कर्मचारी काम करते हैं। इसके अलावा तमिल नाडु, कर्नाटक और आंध प्रदेश जैसे राज्यों से बड़ी संख्या में आईटी सेक्टर में लोग काम करते हैं। जहां तमिल नाडु ने ट्रेड यूनियन बनाने की इजाजत दी है, वहीं कर्नाटक ने इस सेक्टर में यूनियन बनाने के लिए अभी तक कोई इजाजत नहीं दी है।

गौरतलब है आईटी सेक्टर की नौकरियों में छंटनी होने या छंटनी पर विचार करने को लेकर कई खबरें सामने आ रही हैं। विप्रो, इंफोसिस, टेक महिंद्रा और कॉग्निजेंट जैसी 7 बड़ी आईटी कंपनियां भारत में काम कर रहीं हैं। इनमें इंफोसिस, विप्रो, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, यूएस बेस्ड कॉग्निजेंट टेक्नोलॉजी सॉल्यूशन, डीएक्ससी टेक्नोलॉजी और फ्रांस बेस्ड कैप जैमिनि कंपनी शामिल हैं। एक अंग्रेजी अखबार मिंट की रिपोर्ट के मुताबिक इन सभी कंपनियों ने छंटनी के लिए पहले ही जमीन तैयार कर ली है।

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