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स्टालिन के हाथ में द्रमुक की कमान, नियुक्त किए गए कार्यकारी अध्यक्ष

पिछले 50 साल में यह पहला मौका था जब करुणानिधि बीमारी के कारण आम परिषद की बैठक में शामिल नहीं हो सके।
Author चेन्नई | January 4, 2017 17:19 pm
गुरुवार (18 अगस्त) को चेन्नई में निलंबन के खिलाफ तमिलनाडू विस के बाहर नेता प्रतिपक्ष एम के स्टालिन द्रमुक के अन्य विधायकों के साथ प्रदर्शन करते हुए। (पीटीआई फाइल फोटो)

द्रमुक नेतृत्व की कमान बुधवार (4 जनवरी) को नई पीढ़ी को सौंप दी गयी तथा पार्टी सुप्रीमो एम करुणानिधि के पुत्र एम के स्टालिन को द्रमुक का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया। इस पद के तहत उन्हें सभी अधिकार प्राप्त होंगे। पार्टी की आम परिषद की यहां हुयी बैठक में 63 वर्षीय स्टालिन को शीर्ष पद पर नियुक्त किया गया। उनकी यह नियुक्ति 93 वर्षीय करुणानिधि के गिरते स्वास्थ्य की पृष्ठभूमि में हुयी है। करुणानिधि को हाल ही में दो बार अस्पताल में भर्ती कराया गया था और वह अब स्वास्थ्य लाभ कर रहे हैं। करुणानिधि पार्टी अध्यक्ष बने रहेंगे। पिछले 50 साल में यह पहला मौका था जब करुणानिधि बीमारी के कारण आम परिषद की बैठक में शामिल नहीं हो सके। द्रमुक की स्थापना के 60 साल से ज्यादा हो गए हैं और यह पहला मौका है जब कार्यकारी अध्यक्ष का पद सृजित किया गया है।

पूर्व उप-मुख्यमंत्री स्टालिन की नियुक्ति का मार्ग प्रशस्त करने के लिए बैठक में नियमों में संशोधन किए गए। द्रमुक में पिछले कई वर्षों से कार्यकर्ताओं को पूरी उम्मीद थी कि स्टालिन ही करूणानिधि के उत्तराधिकारी होंगे। करुणानिधि ने इस संबंध में कई बार संकेत भी दिए थे। पार्टी के वरिष्ठ नेता और महासचिव के अंबाझगन ने बैठक में इस पद के लिए स्टालिन के नाम का प्रस्ताव करते हुए कहा कि वह कोषाध्यक्ष के मौजूदा पद पर बने रहने के साथ ही कार्यकारी अध्यक्ष का काम भी करेंगे। स्टालिन को कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किए जाने के बाद द्रमुक मुख्यालय ‘अन्ना अरिवालयम’ तथा उनके निवास के बाहर कार्यकर्ता जश्न मनाने लगे। कार्यकर्ताओं ने पटाखे चलाए और मिठाइयां भी बांटी। नियुक्ति के बाद अपने संबोधन के समय स्टालिन अपने पिता के गिरते स्वास्थ्य का जिक्र करते हुए भावुक हो गए

स्टालिन ने कहा कि अपने पिता के गिरते स्वास्थ्य को देखते हुए उन्होंने भारी मन से नयी जिम्मेदारी स्वीकार की है। उन्होंने कहा कि अतीत में नयी जिम्मेदारियां मिलने पर उन्होंने गर्व और खुशी होती थी। लेकिन ‘आज मैं उस तरह की स्थिति (कार्यकारी अध्यक्ष बनने की खुशी) में नहीं हूं।’ यह कहते हुए वह भावुक हो गए। उन्होंने कहा, ‘पार्टी प्रमुख के स्वास्थ्य को देखते हुये, मैंने भारी मन से यह जिम्मेदारी स्वीकार की है।’ उन्होंने कहा कि कार्यकारी प्रमुख के रूप में उनका कार्य पार्टी प्रमुख की सहायता करना होगा। स्टालिन ने कहा, ‘हमारे अध्यक्ष हों, महासचिव हों, या अन्य वरिष्ठ नेतागण हों, मैं उनके द्वारा दिखाये गये रास्ते पर ही चलूंगा और मैं सभी के समर्थन से पार्टी की गतिविधियां संचालित करने के लिए तैयार हूं।’

उन्होंने कहा कि कार्यकारी प्रमुख के रूप में नए पद को वह जिम्मेदारी के रूप में देखते हैं। उन्होंने कहा, ‘मैं संकल्प लेता हूं कि मैं जिम्मेदारी से काम करूंगा।’ स्टालिन ने नयी जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए दिए गए संक्षिप्त भाषण में कहा कि उन्हें अचानक ही पदोन्नति नहीं दी गयी है। उन्होंने कहा, ‘इस मुद्दे पर पर्याप्त रूप से विचार किया गया और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने इस पर भलीभांति चर्चा की।’ उन्होंने एक नेता के रूप में करुणानिधि की प्रशंसा करते हुये कहा, ‘वह ऐसे नेता हैं जिन्होंने कभी आराम नहीं किया।’ अब उन्हें कुछ आराम की जरूरत है।

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