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हाई कोर्ट ने भी जताया जयललिता की मौत पर संदेह, कहा उनके शव को बाहर क्यों नहीं निकाला जा सकता

जयललिता का चेन्नई के अपोलो अस्पताल में पांच दिंसबर को देहांत हो गया था।
चेन्नई के राजाजी हॉल में अंतिम दर्शन के लिए रखे गए तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता के शव के पास खड़ी शशिकला। (PTI Photo by R Senthil Kumar/6 Dec, 2016)

तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जे जयललिता की मृत्यु पर मद्रास हाई कोर्ट  ने भी संदेह जताया है। हाई कोर्ट ने पूछा है कि उनके शव को बाहर क्यों नहीं निकाला जा सकता। तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जे जयललिता की पांच दिंसबर को चेन्नई के अपोलो अस्पताल में मृत्यु हुई थी। हाई कोर्ट के जज जस्टिस वैद्यलिंगम ने कहा, “मीडिया ने उनकी मौत पर काफी शक जाया, निजी तौर पर मुझे भी जयललिता की मृत्यु पर संदेह है।” हाई कोर्ट जयललिता की मौत की जांच कराए जाने से जुड़ी याचिका पर सुनवाई कर रहा था।

,समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार जस्टिस वैद्यलिंगम ने कहा, “जब वो अस्पताल में भर्ती कराई गई थीं तो कहा गया कि वो नियमित आहार ले रही हैं। अब कम से कम उनकी मृत्यु के बाद सच सामने आना चाहिए।” अदालत ने अस्पताल से जयललिता की पूरी हेल्थ रिपोर्ट मांगी है।

मृत्यु से पहले जयललिता करीब दो महीने तक अपोलो अस्पताल में भर्ती रही थीं। पांच बार तमिलनाडु की मुख्यमंत्री रहीं जयललिता को कई प्रमुख द्रविड़ नेताओं की तरह चेन्नई के मरीना बीच समुद्र तट पर दफनाया गया। जयललिता को उनके फिल्मी और राजनीतिक गुरु माने जाने वाले एमजी रामचंद्रन के निकट ही दफनाया गया।

मृत्यु से एक दिन पहले जयललिता की हृदय गति रुक गई थी जबकि उसी दिन दोपहर में पार्टी ने कहा था कि वो स्वस्थ हो चुकी हैं और अस्पताल से घर जाने के लिए तैयार हैं। जयललिता की मृत्यु की घोषणा को लेकर भी काफी गफलत बनी रही थी। मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि जयललिता की मृत्यु पांच दिसंबर को दोपहर में ही हो गई थी लेकिन पार्टी ने रात को 11.30 बजे इसकी घोषणा की।

जयललिता की करीबी शशिकला नटराजन पर आरोप लगे हैं कि उन्होंने राजनीतिक कारणों से जयललिता की बीमारी को लेकर कोई सूचना बाहर नहीं आने दी। जयललिता जब अस्पताल में थी तो किसी को उनसे मिलने नहीं दिया जा रहा था। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह तक को अस्पताल जाने पर उनसे निजी तौर पर नहीं मिलने दिया गया था।

मद्रास हाईकोर्ट ने जयललिता की मृत्यु पर संदेह जताया; कहा- “सच सामने आना चाहिए”

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First Published on December 29, 2016 12:12 pm

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