April 27, 2017

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जयललिता की मौत की सही जांच हो तो चार साल की सजा पाने वालों को उम्रकैद होगी: डीएमके नेता स्‍टालिन

डीएमके नेता स्टालिन का यह निशाना शशिकला के ऊपर माना जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में लोवर कोर्ट के फैसले को बरकार रखते हुए को शशिकला को चार साल की सजा सुनाई थी।

Author चेन्नई। | February 22, 2017 19:45 pm
डीएमके पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष एमके स्टालिन। ( Photo Source: PTI)

तमिलनाडु में पलानीस्वामी को राज्य के मुख्यमंत्री बनाए जाने का डीएमके विरोध कर रही है। बुधवार को डीएमके के कार्यकारी अध्यक्ष एमके स्टालिन के नेतृत्व में एक दिन की राज्यव्यापी भूख हड़ताल की गई है। डीएमके पलानीस्वामी को दोबारा शक्ति परीक्षण के लिए कहे जाने की मांग कर रही है। भूख हड़ताल पर बैठे स्टालिन ने एआईएडीएमके की राष्ट्रीय महासचिव शशिकला पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु की पूर्व सीएम जयललिता की मौत की जांच हो जाए तो जिनको 4 चार साल की सजा हुई है उन्हें आजीवन कारावास की सजा हो जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि आज रखी गई भूख हड़ताल हमारे लिए नहीं है। यह उस बेनामी राज के खिलाफ है जो तमिलनाडु में स्थापित हो गया है।

डीएमके नेता स्टालिन का यह निशाना शशिकला के ऊपर माना जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में लोवर कोर्ट के फैसले को बरकार रखते हुए को शशिकला को चार साल की सजा सुनाई थी। इससे पहले हाई कोर्ट ने इस मामले में तमिलनाडु की पूर्व सीएम जयललिता, उनकी सहयोगी शशिकाल को बरी कर दिया था। जिसके विरोध में कर्नाटक सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। सुप्रीम कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को सही ठहराते हुए शशिकला और उनके दो रिश्तेदारों को 4-4 साल की कैद और 10 करोड़ रुपए जुर्माने का फैसला सुनाया था। शशिकला अगर जुर्माने की रकम नहीं चुकाती हैं तो उन्हें 13 महीने और जेल में गुजारने होंगे। फिलहाल शशिकला कर्नाटक की जेल में अपनी सजा काट रही हैं।

बीते हफ्ते विधानसभा में काफी हंगामे के बाद मुख्यमंत्री ई पलानीस्वामी ने 122-11 के अंतर से विश्वास मत हासिल कर लिया था। हालांकि, डीएमके इसे गैर-कानूनी और अलोकतांत्रिक बताकर रद्द करने की मांग कर रहा है। डीएमके के विधायकों ने सदन के स्पीकर से मांग की थी कि विश्वासमत साबित करवाने के लिए इतनी जल्दबाजी क्यों की जा रही है, जब राज्यपाल ने 15 दिन का वक्त दिया है। लेकिन स्पीकर ने डीएमके विधायकों की मांग को खारिज कर दिया। डीएमके विधायकों ने सदन में काफी हंगामा किया। सदन में विधायकों ने टेबल तोड़ी, कुर्सियां फेंकी, एक-दूसरे के कपड़े फाड़ दिए। हंगामे के बाद सदन के स्पीकर ने डीएमके नेताओं को विधानसभा से बाहर कर दिया था। जिसके बाद पलानीस्वामी ने बहुमत हासिल किया था। डीएमके नेता स्टालिन ने कहा था कि इस राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मुलाकात करने की कोशिश कर रहे हैं। हम लोगों ने विधानसभा में जो भी कुछ हुआ, उसके बारे में जानकारी देने के लिए राष्ट्रपति से समय मांगा है। इसके साथ ही डीएमके ने पूरे राज्य में भूख हड़ताल की घोषणा की थी।

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First Published on February 22, 2017 7:28 pm

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