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तमिलनाडु की पलानीसामी सरकार में बगावत, 19 विधायकों ने लिया समर्थन वापस

इन विधायकों ने गवर्नर से इस मामले में हस्तक्षेप करने को कहा है और मुख्यमंत्री पलानीसामी को हटाने की मांग की।
मुख्यमंत्री पलानीसामी

तमिलनाडु में चल रही सियासी गहमागहमी के बीच मंगलवार को 19 विधायकों ने पलानीसामी सरकार से समर्थन वापस ले लिया है। बागवत कर टीटीवी दिनाकरन के खेमे में शामिल हुए इन विधायकों ने गवर्नर विद्यासागर राव से मुलाकात की और बताया कि वो सरकार से समर्थन वापस लेते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब 19 में से 16 विधायकों को चेन्नई से बाहर किसी रिसॉर्ट में ले जाया जा रहा है, ताकि उनपर किसी प्रकार का दबाव ना बनाया जा सके।

इन विधायकों ने गवर्नर से इस मामले में हस्तक्षेप करने को कहा है और मुख्यमंत्री पलानीसामी को हटाने की मांग की। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री उनका विश्वास खो चुके हैं। इन विधायकों के समर्थन वापस ले लेने के बाद पलानीसामी सरकार खतरे में है। बता दें कि तमिलनाडु की 234 सदस्यीय विधानसभा में अन्नाद्रमुक के 134 विधायक हैं। इसमें विधानसभा अध्यक्ष शामिल नहीं हैं। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री जे. जयललिता की आरके नगर विधानसभा सीट उनके निधन के बाद अभी तक रिक्त है। विपक्षी दल द्रमुक के पास 89 विधायक हैं, जबकि कांग्रेस के पास आठ और आईयूएमएल के पास एक विधायक हैं।

गौरतलब है कि इस घटनाक्रम से एक दिन पहले सोमवार को पलानीस्वामी और ओ. पनीरसेल्वम के नेतृत्व वाले धड़ों ने विलय कर लिया। इसके साथ ही पिछले सात महीने से पार्टी में चल रहा गतिरोध खत्म हो गया और बागी खेमे के नेता को उपमुख्यमंत्री का पद दे दिया गया।
राज्यपाल से मिलने वाले समूह में शामिल एक विधायक ने पहचान गुप्त रखने का अनुरोध करते हुए कहा, ‘‘हमारा मुख्यमंत्री में विश्वास नहीं है। इस सरकार के खिलाफ पहले भ्रष्टाचार का आरोप लगा चुके पनीरसेल्वम को उपमुख्यमंत्री का पद देने की क्या जरूरत है।’’

उन्होंने कहा कि 18 फरवरी को हुए विश्वासमत के दिन पार्टी प्रमुख वी. के. शशिकला की ओर से अन्नाद्रमुक के 122 विधायकों ने पलानीस्वामी का समर्थन किया, जबकि पनीरसेल्वम ने सरकार के खिलाफ वोट दिया था। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को दोनों धड़ों के विलय से पहले सभी विधायकों के साथ परामर्श करना चाहिए था। राजभवन के सूत्रों ने विधायकों और राज्यपाल के बीच हुई बैठक की पुष्टि की है। लेकिन उन्होंने इसपर कुछ नहीं कहा कि समूह में कितने लोग शामिल थे और क्या बातचीत हुई।

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