December 10, 2016

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एहतियात के बाद भी घेर रहा है डोपिंग का डंक

खेलों से डोपिंग को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने के बावजूद साल-दर-साल इसमें बढ़ोतरी देखी जा रही है। इस बात का खुलासा विश्व डोपिंग रोधी एजंसी (वाडा) की ताजा रिपोर्ट से हुआ है।

Author नई दिल्ली | November 25, 2016 01:27 am

संदीप भूषण

खेलों से डोपिंग को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने के बावजूद साल-दर-साल इसमें बढ़ोतरी देखी जा रही है। इस बात का खुलासा विश्व डोपिंग रोधी एजंसी (वाडा) की ताजा रिपोर्ट से हुआ है। 2015 में संशोधित डोपिंगरोधी कोड बनने के बाद वाडा ने पहली बार अपनी रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट में उसने बताया है कि जहां कुल नमूनों की संख्या में 7.1 फीसद वृद्धि दर्ज की गई है, वहीं समग्र विश्लेषण नमूनों में से प्रतिकूल निष्कर्ष विश्लेषणात्मक (एएएफ) नमूनों की संख्या में 1.26 फीसद की बढ़ोतरी हुई है। इसका मतलब है कि 30, 3369 नमूनों में से 3,809 नमूनों में प्रतिबंधित दवाओं की मात्रा पाई गई।

23 नवंबर को मॉन्ट्रियल (कनाडा) में हुई बैठक के दौरान वाडा प्रशासन ने दुनियाभर में अपने अधिकृत जांच केद्रों से प्राप्त नमूनों की जांच रिपोर्ट जारी की। इसमें साफ तौर पर कहा गया है कि डोपिंग को लेकर सालाना जुटाए गए नमूनों में पॉजिटिव नमूनों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। 247 पन्ने की इस रिपोर्ट में 2011 से लेकर 2013 तक के आंकड़ों का उल्लेख है। वाडा का कहना है कि 2014 के मुकाबले एएएफ (पॉजिटिव) नमूनों की संख्या में करीब 20 फीसद की बढ़ोतरी हुई है। इस दौरान वाडा और उसके अधिकृत जांच केंद्रों ने जांच के लिए एथलीटों के खून व पेशाब के नमूने एकत्र किए थे।

बता दें कि 2015 में पहली बार डोपिंग को खत्म करने के लिहाज से प्रत्येक खेल के लिए अलग-अलग डाटा जारी करने का निर्देश वाडा की ओर से दुनिया में उनके सभी अधिकृत जांच केंद्रों को दिया गया। इसमें कहा गया कि डोपिंग के नमूनों की जांच के बाद इसे निषेधित पदार्थों के तीन विशेष समूहों में शामिल किया जाए। इसके बाद जो रिपोर्ट जारी की गई उसमें आश्चर्यजनक तथ्य सामने आए। इस फैसले के बाद देखा गया कि 2014 के मुकाबले ग्रोथ हार्मोन इंसोफॉम टेस्टिंग के मामलों में 82 फीसद की बढ़ोतरी हुई। वहीं पेशाब में एरिथ्रोपोएसिस उत्तेजक एजंटों की जांच में 14.5 फीसद और खून की जांच में 84 फीसद की बढ़ोतरी दर्ज हुई है।

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First Published on November 25, 2016 1:24 am

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