December 05, 2016

ताज़ा खबर

 

श्रीगनर में लोगों ने अलगाववादियों के बंद को बताया धता, कश्मीर घाटी में धारा 144 लागू

बुरहान वानी के एक मुठभेड़ में मारे जाने के बाद से जारी अशांति के कारण दो पुलिसकर्मी सहित 85 लोगों की मौत हो गई और हजारों अन्य लोग घायल हो गए हैं।

Author श्रीनगर | November 1, 2016 13:19 pm
श्रीनगर में कर्फ्यू के दौरान तैनात पुलिस। (पीटीआई फाइल फोटो)

शहर के कई इलाकों में मंगलवार (1 नवंबर) को दैनिक गतिविधियां एक बार फिर बहाल हो गयीं लेकिन अलगाववादियों के बंद के आह्वान के कारण 116 वें दिन घाटी में जनजीवन प्रभावित है। अलगाववादियों के बंद के आह्वान को बड़ी संख्या में लोगों ने धता बताया जिसके कारण यहां शहर में ऑटोरिक्शा और अंतर-जिला कैब सड़कों पर अधिक संख्या में नजर आए। निजी कारों की संख्या में भी बढ़ोतरी देखी गयी है। अधिकारियों ने बताया कि सिविल लाइन्स के कुछ इलाकों और शहर के बाहरी हिस्सों में भी कुछ दुकानें खुली हुई हैं। कई जगहों पर सड़कों पर कई खोमचे वाले भी नजर आए हैं। हालांकि, शहर के शेष हिस्सों और कश्मीर के अन्य हिस्सों में अधिकांश दुकानें, व्यापारिक प्रतिष्ठान और पेट्रोल पंप बंद है और इनके शाम पांच बजे के बाद खुलने का अनुमान है जब अलगाववादी हड़ताल में 14 घंटे की छूट देंगे।

हिज्बुल मुजाहिदीन के आतंकवादी बुरहान वानी के आठ जुलाई को एक मुठभेड़ में मारे जाने के बाद से अलगाववादियों ने आंदोलन शुरू किया था। उन्होंने लोगों के आवश्यक सामग्री की खरीद के लिए कुछ दिन शाम पांच बजे से 14 घंटों के छूट की घोषणा की है। कश्मीर में कहीं भी लोगों की आवाजाही पर कोई पाबंदी नहीं है। अधिकारियों ने बताया कि पूरे घाटी में कहीं भी लोगों के एकत्र होने पर सीआरपीसी की धारा 144 के तहत प्रतिबंध जारी है। घाटी में आठ जुलाई को हिजबुल मुजाहिदीन बुरहान वानी के एक मुठभेड़ में मारे जाने के बाद से जारी अशांति के कारण दो पुलिसकर्मी सहित 85 लोगों की मौत हो गई और हजारों अन्य लोग घायल हो गए हैं। झड़पों में करीब 5000 सुरक्षाकर्मी भी घायल हुए हैं।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

First Published on November 1, 2016 1:19 pm

सबरंग