December 10, 2016

ताज़ा खबर

 

पाकिस्तान की गोलीबारी के बाद खाली कराए गए सीमावर्ती गांव, बुलेट प्रुफ गाड़ियों में भेजे गए सुरक्षित जगह

लोगों को हीरानगर के राजकीय उच्चतर माध्यमिक स्कूल और छान खत्रियान के अन्य स्कूल में जिला प्रशासन द्वारा बनाए गए शिविरों में रखा गया है।

Author हीरानगर सीमा (कठुआ) | October 22, 2016 20:29 pm
जम्मू के राजौरी जिले के मांजाकोट सेक्टर में नियंत्रण रेखा के पार से हुए भारी मोर्टार हमले के हिस्से। (पीटीआई फोटो/22 अक्टूबर, 2016)

सीमावर्ती बस्तियों में पाकिस्तान की ओर से की जा रही गोलीबारी और मोर्टार बम दागे जाने से परेशान और डरे हुए करीब 400 लोगों को निकालने के लिए शुक्रवार (21 अक्टूबर) रात बुलेट प्रुफ वाहनों को काम में लगाया गया। पाकिस्तानी रेंजरों द्वारा 20 और 21 अक्तूबर को भारी गोलीबारी करने और मोर्टार बम दागने से कठुआ जिले के हीरानगर सेक्टर के सीमावर्ती इलाकों बोबिया और सटी हुई बस्तियों में रातों की नींद मुश्किल हो गयी थी। पुलिस ने शुक्रवार (21 अक्टूबर) रात बुलेट प्रुफ वाहनों की सहायता से प्रभावित बस्तियों के भयभीत लोगों को हटाया। लोगों को हीरानगर के राजकीय उच्चतर माध्यमिक स्कूल और छान खत्रियान के अन्य स्कूल में जिला प्रशासन द्वारा बनाए गए शिविरों में रखा गया है।

कठुआ के उपायुक्त रमेश कुमार ने बताया, ‘दो दिन तक भारी गोलबारी और मोर्टार बम दागे जाने से एवं सीमा के निकट रहने वाले लोगों में भय के वातारवरण के कारण हम लोगों ने उन्हें निकालने के लिए बुलेट प्रुफ वाहन लगाए।’ उपायुक्त ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सीमा के निकट की बस्तियों से करीब 400 लोगों को निकाला गया और उन्हें सरकार द्वारा बनाए गए सुरक्षित शिविरों में ले जाया गया है। जम्मू फ्रंटियर में बीएसएफ के आईजी डी के उपाध्याय ने कहा, ‘हम लोगों ने अधिकारियों को लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कहा है क्योंकि गोलीबारी और मोर्टार दागे जाने की घटनाओं में वृद्धि हुई है।’ कठुआ के उपायुक्त रमेश कुमार और एसएसपी पवन परिहार भी 232 लोगों को निकालने के इस अभियान में शामिल रहे।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

First Published on October 22, 2016 8:29 pm

सबरंग