December 04, 2016

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जम्मू यूनिवर्सिटी के वीसी ने कहा- बुरहान को मारने की बजाय पकड़कर जेल में डाल देते तो अच्छा होता

हिजबुल मुजाहिद्दीन के कमांडर बुरहान वानी को सुरक्षाबलों ने एक मुठभेड़ में मार गिराया गया था।

Author November 9, 2016 20:17 pm
हिजबुल मुजाहिदीन कमांडर बुरहान वानी। (फाइल फोटो)

जम्मू यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रोफेसर आरडी शर्मा ने बुधवार को कहा कि अगर हिजबुल मुजाहिद्दीन के कमांडर बुरहान वानी को पकड़कर हमेशा के लिए जेल में डाल दिया जाता तो अच्छा रहता। शर्मा ने कहा कि वानी की मौत से घाटी में अशांति फैली है, जिससे हमारे बच्चों का काफी नुकसान हुआ है। पिछले चार महीनों से घाटी में अव्यवस्था फैलने का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, ‘एक आंतकी के मारे जाने से हमारे बच्चों का काफी नुकसान हुआ है।’ उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, ‘अब हमारी रणनीति बदलने का समय आ गया है।’ शर्मा संवाददाताओं से जम्मू यूनिवर्सिटी को एनएएसी द्वारा मिली ए ग्रेड पर बातचीत कर रहे थे। शर्मा ने जम्मू यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर का पद साल 2014 में संभाला था। इससे पहले वे बोर्ड ऑफ प्रोफेशनल एंट्रेंस एग्जामिनेशन (बीओपीईई) के चेयरमैन थे।

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उन्होंने बीओपीईई के चेयरमैन रहते हुए कश्मीरी बच्चों से बातचीत का जिक्र करते हुए कहा कि कश्मीर के बच्चे मेहनती, कैरियर के प्रति सजग और बहुत ही प्रबुद्ध हैं। उन्होंने कहा कि मेरे लिए यह थोड़ा चौकाने वाला है कि बच्चे अपने स्कूल और कॉलेज नहीं जाना चाहते। साथ ही उन्होंने कहा, ‘एक टीचर के नाते मुझे लगता है कि कश्मीर मुद्दा बहुत ही संवेदनशील है, जो कि पिछले 70 वर्षों में नहीं सुलझाया जा सका। हमें पिछले 70 वर्षों में कश्मीर मुद्दे को सुलझाने में मिली असफलता से सीखना चाहिए।’

प्रोफेसर शर्मा ने कहा, ‘एक आतंकी के मारे जाने के बाद चार महीनों से ऐसी स्थिति बनी हुई है कि परिजन और बच्चे जब तक कश्मीर मुद्दा सुलझ नहीं जाता, स्कूल और कॉलेज जाने के लिए राजी नहीं हो रहे हैं। यह हमारे लिए आंखें खोल देने जैसा है। हमें हमारी रणनीति बदलनी होगी। हमें आतंकियों से जमीनी तौर पर जुड़े लोगों का ख्याल रखना होगा।’

उन्होंने कहा, ‘मैं समझ नहीं पा रहा हूं कि कश्मीर में लोग काफी लंबे समय से आतंकियों को सपोर्ट कर रहे हैं। यह समझना बहुत ही जरूरी है। जम्मू-कश्मीर का बंटवारा हो गया था। लोगों के एलओसी पार रिश्ते हैं, यहां तक कि लोग अभी भी आपस में शादी कर रहे हैं। कश्मीर के बच्चे भी हमारे हैं, अगर हमारा कोई बच्चा बिगड़ जाता है तो एक शैक्षणिक संस्थान के तौर पर हम इस तरह से सजा देते हैं कि उसका करियर खराब ना हो।’

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शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा कदम उठाए जाने के बाद घाटी में स्थिति सुधरना शुरू हो गई है। कश्मीर यूनिवर्सिटी के बच्चों के साथ भी बातचीत शुरू हो गई है। बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन स्टूडी स्कूल नहीं जाने वाले बच्चों के लिए मैटेरियल तैयार कर रहा है, जिसे वेबसाइट पर डाला जाएगा। समय पर एग्जाम कराने के लिए सैलेब्स कम करने पर बातचीत शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि घाटी में शांति बनाने के लिए राज्य सरकार काफी काम कर रही है।

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First Published on November 9, 2016 8:17 pm

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