ताज़ा खबर
 

रामनवमी 2017: सोनिया गांधी ने दी बधाई, कहा- हर भारतीय को करना चाहिए भगवान राम के आदर्शों का पालन

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने रामनवमी की बधाई देते हुए कहा कि भगवान राम की लाइफ स्टाइल को लेकर बयान दिया।
Author नई दिल्ली | April 5, 2017 13:27 pm
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने रामनवमी की बधाई देते हुए कहा कि भगवान राम ने मर्यादाओं का निर्वहन करते हुए एक आदर्श जीवन जीने की पद्धति को हमारे सामने रखा। सोनिया ने अपने शुभकामना संदेश में कहा,‘‘भगवान श्रीराम ने मर्यादाओं का निर्वहन करते हुए हम सबके सामने एक आदर्श जीवन जीने की पद्धति को रखा जिसका प्रत्येक भारतीय को पालन करना चाहिए।’ उन्होंने कहा कि आज ही के दिन देवी के नौ रूपों की पूजा भी सम्पन्न होती है, देवी के नौ व्रतों से हमें मन वृत्तियों पर संयम करने की शक्ति मिलती है। सोनिया ने कहा कि कन्या पूजन सम्पन्न करके नारी शक्ति की आराधना करने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने इस अवसर पर पूरे देश में सुख समृद्धि की कामना की।

बता दें कि आज देशभर में नवरात्री का त्योहार बड़ी ही धूम-धाम से मनाया जा रहा है। इसमें मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। कई लोग सात दिनों तक मां दुर्गा की पूजा अर्चना कर आठवें दिन छोटी कन्याओं को भोजन कराकर अपना उपवास तोड़ते हैं। साथ ही कई लोग आठ दिनों तक व्रत रखने के बाद नौवे दिन उपवास तोड़ते हैं। लोग राम नवमी के दिन ब्राहमणों को भी भोजन करवाते हैं। नौवे दिन को ही राम नवमी कहा जाता है। हिन्दु धर्म के अनुसार इस दिन भगवान श्री राम जी का जन्म हुआ था। श्री राम भगवान विष्णु के सातवें अवतार हैं। इस त्योहार को चैत्र मास के शुक्ल पक्ष में मनाया जाता है।

राम नवमी का इतिहास

महाकाव्य रामायण के अनुसार अयोध्या के राजा दशरथ की तीन बीवीयां थी। कौशल्या, सुमित्रा और कैकयी। शादी को काफी समय बीत जाने के बाद भी राजा दशरथ के घर किसी बालक की किलकारी नहीं गूंजी थी। इसके उपचार के लिए ऋषि वशिष्ट ने राजा दशरथ से पुत्र प्राप्ति के लिए कमेश्टी यज्ञ कराने के लिए कहा। जिसे सुनकर दशरथ खुश हो गए और उन्होंने महर्षि रुशया शरुंगा से यज्ञ करने की विन्नती की। महर्षी ने दशरथ की विन्नती स्वीकार कर ली। यज्ञ के दौरान महर्षी ने तीनों रानियों को प्रसाद के रूप में खाने के लिए खीर दी। इसके कुछ दिनों बाद ही तीनों रानियां गर्भवती हो गईं। नौ माह बाद चैत्र मास में राजा दशरथ की बड़ी रानी कौशल्या ने राम को जन्म दिया, कैकयी ने भरत को और सुमित्रा ने दो जुड़वा बच्चे लक्ष्मण और शत्रुघन को जन्म दिया। भगवान विष्णु ने श्री राम के रूप में धरती पर जन्म इसलिए लिया ताकि वे दुष्ट प्राणियों का नरसंहार कर सके।

राम नवमी भारत में मनाया जाने वाला बहुत ही प्राचीन त्योहार है। यह केवल भारत में ही विदेशों में रह रहें भारतीयों द्वारा भी मनाया जाता है। ऐसी मान्यता है कि जब देश में छोटी जातियों को कुछ समझा नहीं जाता था, तब रामनवमी ही ऐसा त्योहार था जिसे शुद्र जैसी जातियां भी सबके साथ मिलकर मनाती थी।

राम नवमी का महत्व

यह त्योहार हिन्दु धर्म से जुड़े लोगों के लिए काफी महत्वपूर्ण है। इस त्योहार के साथ ही मां दुर्गा के नवरात्री महोत्व का समापन भी जुड़ा हुआ है। पुराणिक कथाओं की बात करें तो भगवान राम ने भी मां दुर्गा की पूजा की थी, जिससे कि उन्हें युद्ध के समय विजय दिलाई थी। इन दोनों पर्व का एक साथ मनाए जाना इन त्योहारों की महत्ता को और बढ़ावा देता है। इसी के साथ यह भी कहा जाता है कि इसी दिन गोस्वामी तुलसीदास जी ने रामचरित मानसे की रचना का आरंभ किया। राम नवमी का व्रत जो भी करता है वह व्यक्ति पापों से मुक्त होता है और साथ ही उसे शुभ फल प्रदान होता है।

 

Also read: रामनवमी पूजा विधि: अगर इस शुभ मुहूर्त में करेंगे पूजा तो घर में आएगी सुख शांति और खुशहाली

Happy Ram Navami 2017: अपने दोस्तों और परिवारवालों को ऐसे दें राम जन्म की शुभकामनाएं

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. No Comments.