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सौर घोटाला: परियोजना के लिए चांडी के मुख्य सहायक को दिए थे 1.90 करोड़ रुपए

कोच्चि में इस घोटाले की जांच कर रहे न्यायमूर्ति शिवराजन आयोग के समक्ष गवाही देते हुए आरोपी सरिता एस नायर ने कहा कि चांडी के मुख्य सहायक को राज्य में विशाल सौर परियोजना स्थापित करने के लिए 1.90 करोड़ रुपए दिए गए थे।
Author कोच्चि/तिरुवनंतपुरम | January 27, 2016 23:00 pm
गवाही देते हुए आरोपी सरिता एस नायर ने कहा कि चांडी के मुख्य सहायक को राज्य में विशाल सौर परियोजना स्थापित करने के लिए 1.90 करोड़ रुपए दिए गए थे।

सौर घोटाले में नया मोड़ देते हुए मामले में मुख्य आरोपी केरल के मुख्यमंत्री ओमन चांडी और उनके मंत्रिमंडल के सहयोगी अरायादान मोहम्मद पर बुधवार को रिश्वत स्वीकार करने का आरोप लगाया। दोनों आरोपियों ने इस आरोप का दोनों ने खंडन किया है। कोच्चि में इस घोटाले की जांच कर रहे न्यायमूर्ति शिवराजन आयोग के समक्ष गवाही देते हुए आरोपी सरिता एस नायर ने कहा कि चांडी के मुख्य सहायक को राज्य में विशाल सौर परियोजना स्थापित करने के लिए 1.90 करोड़ रुपए दिए गए थे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने बिजली मंत्री अरायादान मोहम्मद के पीए को रिश्वत के तौर पर 40 लाख रुपए दिए थे। चांडी ने आरोपों का खंडन किया। उन्होंने कहा कि यह सरिता का मामले से बच निकलने का प्रयास है।

चांडी ने तिरुवनंतपुरम में संवाददाताओं से कहा-‘उसे बताने दें कि हमें रिश्वत देने से उसे क्या फायदा मिला।’ उन्होंने कहा कि राहत कोष के लिए सरिता ने जो चेक दिया था वह भी बाउंस हो गया था। चांडी ने कहा कि मैंने किसी भी तरीके से मदद नहीं की। आयोग सच्चाई के साथ सामने आएगा। सरिता को अपना पक्ष रखने के लिए काफी वक्त दिया गया।
चांडी ने 25 जनवरी को तिरुवनंतपुरम में 14 घंटे तक आयोग के समक्ष गवाही दी थी।

सरिता ने आरोप लगाया कि चांडी के पूर्व पीए जिक्कुमन ने सात करोड़ रुपए की रिश्वत मांगी थी। उन्होंने जोर दिया था कि चांडी के लिए पैसे दिल्ली में थॉमस कुरच्च्विल्ला को सौंपा जाए। कुरुविल्ला के चांडी के अनधिकारिक सहायक होने का दावा किया गया।

सरिता ने आयोग से कहा-‘मैंने चांदनी चौक में एक शॉपिंग मॉल के पार्किंग स्थल में कुरुविल्ला को 1.10 करोड़ रुपए सौंपे।’ सरिता ने चांडी के गवाही देने के दो दिन बाद गवाही दी है। सरिता ने कहा कि उन्होंने विज्ञान भवन में 27 दिसंबर, 2012 को मुख्यमंत्री से मुलाकात की थी जब वे राष्ट्रीय विकास परिषद की बैठक में हिस्सा लेने के बाद हवाई अड्डे के लिए रवाना होने वाले थे।

सरिता ने आयोग से कहा कि कुरुविल्ला ने ही विज्ञान भवन के बाहर मुख्यमंत्री से मुलाकात कराई थी। सरिता ने दावा किया-‘उन्होंने मुझसे पूछा कि चीजें कैसी हैं। मैंने कहा कि धन मेरे साथ है। उन्होंने मुझसे कुरुविल्ला से संपर्क करने को कहा और वह एनडीसी बैठक के समाप्त होने का इंतजार नहीं करेंगे और उड़ान पकड़ने के लिए थोड़ा जल्दी हवाई अड्डे के लिए रवाना होंगे।’

सरिता ने कहा कि मुख्यमंत्री को विदा करने के लिए हवाई अड्डे रवाना होने से पहले कुरुविल्ला ने उनसे चांदनी चौक में एक शॉपिंग मॉल की कार पार्किंग में इंतजार करने को कहा था। उन्होंने आयोग से कहा-‘कुरुविल्ला मुख्यमंत्री को विदा करने के दो घंटे बाद कार पार्किंग में आया। मैं धीरज के साथ कार में सवार होकर मॉल पहुंची थी। मैं कुरुविल्ला के साथ कार में बैठी। मैंने कुरुविल्ला को 1.10 करोड़ रुपए सौंपे। जब वह पार्किंग ग्राउंड से निकले तो उन्होंने मुझे चाय के लिए आमंत्रित किया। हमने एक साथ चाय पी।’

सरिता ने यह आरोप लगाया कि कुरुविल्ला ने तिरुवनंतपुरम में इडप्पाझांजी में उनके मकान से 80 लाख रुपए लिए। उन्होंने कहा-‘यह मेरी गिरफ्तारी से तकरीबन 12 से 14 दिन पहले की बात है।’ सरिता ने कहा कि चांडी ने मुझसे एएनईआरटी के सहयोग से सौर परियोजना शुरू करने के लिए उनसे अरायादान मुहम्मद से मुलाकात करने को कहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि काफी मोल-भाव के बाद तिरुवनंतपुरम में मंत्री के मनमोहन के बंगले में उनके पीए ने उनसे 25 लाख रुपए लिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कोट्टायम में एक हॉल में बिजली पर सम्मेलन के दौरान उनके पीए को 15 लाख रुपए दिए थे।

चांडी ने कहा-‘क्या कोई मानेगा कि सरिता ने करोड़ों रुपए दिए थे। सरिता के आरोपों का खंडन करते हुए अरायादान मुहम्मद ने कहा-‘आरोप निराधार हैं।’ केरल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष वीएम सुधीरन ने सरिता के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि यह चुनाव से पूर्व के हथकंडे हैं।

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