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हर लोकसभा क्षेत्र में केंद्रीय विद्यालय खोलने की योजना: स्मृति ईरानी

मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने सोमवार को लोकसभा में कहा कि मंत्रालय की देश के सभी लोकसभा क्षेत्रों में केंद्रीय विद्यालय खोलने की योजना है और इसके लिए पर्याप्त बजटीय समर्थन हासिल करने के प्रयास किए जा रहे हैं..
Author नई दिल्ली | December 21, 2015 23:54 pm
संसद में मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी। (फाइल फोटो)

मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने सोमवार को लोकसभा में कहा कि मंत्रालय की देश के सभी लोकसभा क्षेत्रों में केंद्रीय विद्यालय खोलने की योजना है और इसके लिए पर्याप्त बजटीय समर्थन हासिल करने के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रश्नकाल के दौरान ईरानी ने सदन में कहा कि वे इस बात से भलीभांति परिचित हैं कि सभी सांसद अपने क्षेत्र में कम से कम एक केंद्रीय विद्यालय चाहते हैं। उन्होंने कहा कि मंत्रालय अगले बजट में केंद्रीय विद्यालयों की स्थापना के लिए अतिरिक्त बजट प्राप्त करने के प्रयास कर रहा है ताकि और ऐसे विद्यालय खोले जा सकें। उन्होंने एक अन्य प्रश्न के उत्तर में कहा कि एनसीटीई अधिनियम, 1993 के तहत स्थापित संस्था ‘राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षण परिषद’ का उद्देश्य देश में शिक्षक प्रशिक्षण प्रणाली का सुनियोजित और समन्वित विकास करना है।

एक अन्य सवाल के जलाब में उन्होंने कहा कि स्कूली स्तर पर छात्रों के प्रतिभा पोषण की पहल को आगे बढ़ाते हुए सरकार ने 11वीं एवं 12वीं कक्षा के छात्रों की छात्रवृत्ति की राशि को साल 2014-15 से 1250 रुपया प्रति माह कर दिया है। नागेंद्र कुमार प्रधान के पूरक प्रश्न के उत्तर में मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि स्नातक व स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के छात्रों की छात्रवृत्ति को 2000 रुपए प्रति माह कर दिया गया है। मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय प्रतिभा खोज योजना के तहत प्रति वर्ष 1000 छात्रवृत्तियां दी जाती है। मान्यता प्राप्त स्कूलों में पढ़ने वाले 10वीं कक्षा के छात्र इस परीक्षा में उपस्थित होने के पात्र हैं। इसके तहत दो स्तरीय परीक्षा ली जाती है। इसमें अनुसूचिज जाति, जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग आरक्षण का प्रावधान है। स्मृति ने कहा कि युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए एनसीईआरटी इस बारे में आइआइटी, आइआइएसईआर, एनआइटी जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं के साथ गठजोड़ कर रही है।

एक सवाल के जवाब में ईरानी ने बताया कि शैक्षणिक सत्र 2014-15 के दौरान 63 छात्र छह भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आइआइटी) के न्यूनतम ग्रेड को हासिल करने में विफल रहे। उनसे पूछा गया था कि क्या खराब प्रदर्शन के आधार पर देश के विभिन्न आइआइटी से छात्रों को निष्काषित किया गया है। उन्होंंने कहा कि आइआइटी में विस्तृत व सुविचारित अकादमिक प्रणाली है और छात्रों को इसके तहत पेश न्यूनतम ग्रेड प्राप्त करने होते हैं। मंत्री ने कहा कि शैक्षणिक सत्र 2014-15 में छह आइआइटी में स्नातक संकाय में 63 छात्र न्यूनतम ग्रेड हासिल करने में विफल रहे।

एक सवाल के जवाब में ईरानी ने बताया कि सूचना और संचार प्रौद्योगिकी के माध्यम से राष्ट्रीय शिक्षा मिशन (एनएमईआइसीटी) के तहत सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों को वाई-फाई कनेक्टिविटी प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि दो केंद्रीय विश्वविद्यालय-इलाहाबाद विश्वविद्यालय और नॉर्थ ईस्टर्न हिल विश्वविद्यालय पहले ही इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के इस कार्यक्रम के दायरे में हैं। उन्होंने बताया कि बाकी 38 केंद्रीय विश्वविद्यालयों के लिए एनएमईआइसीटी के परियोजना मंजूरी बोर्ड ने अपनी 31वीं बैठक में 335.85 करोड़ रुपए की लागत से वाई-फाई कनेक्टिविटी की सुविधा देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

उन्होंने एक सवाल के जवाब में यह भी बताया कहा कि छत्रपति शिवाजी के बारे में एनसीईआरटी की किताब में कथित तौर पर काफी कम और अधूरी जानकारी होने की शिकायत मिली है। ईरानी ने कहा कि इस बारे में उपयुक्त कार्रवाई करने के लिए शिकायत को एनसीईआरटी को अग्र्रेसित किया गया है। उन्होंने कहा कि हिंदू जागृति समिति से दिसंबर 2015 को शिकायत प्राप्त हुई है जिसमें राष्ट्रीय शिक्षा अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद की पुस्तक में छत्रपति शिवाजी के बारे में काफी कम और अधूरी जानकारी देने का आरोप लगाया गया है। स्मृति ने कहा कि शिकायत को एनसीईआरटी को भेज दिया गया है।

मानव संसाधन विकास मंत्री ने कहा कि सरकारी प्राथमिक स्कूलों में 2014-15 में छात्रों के नामांकन में मामूली कमी आई है जबकि निजी स्कूलों में नामंकन दर बढ़ी है। एक प्रश्न के लिखित जवाब में मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि आंकड़ों के मुताबिक सरकारी प्राथमिक स्कूलों में नामांकन दर 2011-12 के 65.01 प्रतिशत से 2013-14 में घटकर 61.32 प्रतिशत रह गई। उन्होंने बताया कि निजी स्कूलों में प्राथमिक स्तर पर 2011-12 में नामांकन दर 32.59 प्रतिशत थी जो 2013-14 में बढ़कर 35.81 प्रतिशत हो गई।

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