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26 सालों से अपने बच्चों को जंजीरों में बांधकर रखने को मजबूर है ये मां, जानिए क्या है वजह

सिमरजीत कहती हैं कि शुरुआती दिनों में मैंने ये सब नजरअंदाज किया। लेकिन थोड़े ही दिनों बाद बच्चे स्थानीय बच्चों को जान से मारने और खुद आत्महत्या की धमकी देने लगे।
तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीकात्मक रूप से किया गया है। (फोटो सोर्स ट्विटर)

पंजाब के तरनतारन जिले में एक 60 साल की वृद्ध महिला ने अपने दो बच्चों को पिछले करीब 26 सालों से एक घर में नजरबंद कर रखा है। दरअसल साल 1991 में विद्रोह की आग में जल रहे पंजाब में उस दौरान आतंकियों ने घर में घुसकर महिला के पति की हत्या कर दी। इस घटना से पीड़िता महिला का परिवार इतना आहत हुआ की उनकी मानसिक हालत बिगड़ गई। जिले से करीब 40 किलोमीटर की दूरी पर बसा बालेहर गांव में रहने वाली सिमरजीत कौर ने बताया, ’24 अगस्त 1991 में पति की हत्या के बाद से ही मुझे अपने बच्चों को एक कमरे में जंजीर से बांधकर रखना पड़ता है।’ सिमरजीत कौर कहती हैं कि आतंकियों ने पति की हत्या के बाद बेटे गुरसाहिब सिंह और बेटी कुलदीप के सिर पर राइफल की बट से मारा। उस दौरान दोनों की महज पांच और छह साल थी। लेकिन अब दोनों की उम्र 30 साल से ऊपर हैं। मेरी एक बेटी की मौत 2003 में हो गई। हालांकि सिमरजीत मानती है कि उनके बच्चों की ऐसी हालत के लिए वो आतंकी ही जिम्मेदार हैं।

हिंदुस्तान टाइम्स की खबर के अनुसार आंतकी हमले की कुछ दिनों बाद ही मिमरजीत के बच्चों की दिमागी हालत बिगड़ने लगी थी। बच्चे बिना की वजह अन्य लोगों से झगड़ने लगते थे। हिंसक हो जाते थे। सिमरजीत कहती हैं कि शुरुआती दिनों में मैंने ये सब नजरअंदाज किया। लेकिन थोड़े ही दिनों बाद बच्चे स्थानीय बच्चों को जान से मारने और खुद आत्महत्या की धमकी देने लगे। इससे घबराईं सिमरजीत ने बच्चों को जंजीर में बांधकर रखना शुरू कर दिया। 26 साल बाद भी ये सिलसिला यू हीं जारी है। सिमरजीत कहती हैं कि जब उन्हें कहीं बाहर जाना होता है तो वो बच्चों को कमरे में बंद कर देती है।

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