December 09, 2016

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मीडिया रिपोर्ट में दावा- अखिलेश यादव के मंत्रिमंडल में शिवपाल यादव समेत सभी चार निकाले गए मंत्रियों की हो सकती है वापसी

सीएम अखिलेश यादव ने रविवार को राज्यपाल को शिवपाल यादव, नारद राय, ओम प्रकाश सिंह और शादाब फातिमा की बर्खास्तगी की चिट्ठी राज्यपाल को भेजी थी।

यूपी के सीएम अखिलेश यादव (बाएं) और सपा के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव अपने चाचा शिवपाल यादव समेत उन सभी चार मंत्रियों को मंत्रिमंडल में दोबारा शामिल कर सकते हैं जिन्हें उन्होंने रविवार (23 अक्टूबर) को बर्खास्त किया था। अखिलेश ने शिवपाल यादव के अलावा नारद राय, ओम प्रकाश सिंह और शादाब फातिमा को बर्खास्तगती की चिट्ठी राज्यपाल राम नाईक को भेजी थी। अखिलेश ने जयाप्रदा को भी यूपी फिल्म विकास परिषद की उपाध्यक्ष पद से हटा दिया था। सोमवार को सपा के लखनऊ स्थित मुख्यालय में अखिलेश यादव, सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव और सपा के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव के बीच सार्वजनिक मंच पर तकरार हो गई थी।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अखिलेश ने कहा था कि जब तक अमर सिंह का पार्टी से नहीं निकाला जाता इन लोगों की वापसी नहीं हो सकती। लेकिन सोमवार को मुलायम ने सपा मुख्यालय में साफ कह दिया कि अमर सिंह उनके भाई जैसे हैं और वो उन्हें पार्टी से नहीं निकालेंगे। मुलायम ने अमर सिंह की पक्ष लेते हुए कहा कि अमर ने उन्हें जेल जाने से बचाया था। वहीं अखिलेश ने सपा विधायक आशु मलिक पर अमर सिंह के इशारे पर उनके खिलाफ एक अंग्रेजी दैनिक में खबर छपवाने का आरोप लगाया।

वीडियो: समाजवादी परिवार की घमासान का विश्लेषण-

मंत्रियों को बर्खास्त करने से पहले अखिलेश यादव ने अपने सरकारी आवास पर विधायकों की बैठक बुलाई थी। बैठक में शिवपाल सर्मथकों को नहीं बुलाया गया था। इस बैठक में किसी को भी फोन ले जाने की अनुमति नहीं दी गई थी। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक अखिलेश ने बैठक में कहा था कि जो भी अमर सिंह के साथ है उन्हें हटाया जाएगा। मीडियो रिपोर्ट के अनुसार सीएम अखिलेश ने अमर सिंह को बैठक में ही दलाल कहा और कहा कि जिस व्यक्ति ने पार्टी में झगड़े पैदा किए उन्हें माफी नहीं दी जाएगी।

अखिलेश द्वारा शिवपाल एवं अन्य को कैबिनेट से निकालने के बाद मुलायम सिंह यादव ने अपने चचेरे भाई रामगोपाल यादव को पार्टी से छह साल के लिए निकाल दिया। रामगोपाल यादव ने शनिवार (22 अक्टूबर) को पार्टी कार्यकर्ताओं को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के समर्थन में एक पत्र लिखा था। न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, राम गोपाल ने पत्र में लिखा, ‘राष्ट्रीय विरोधियों के गले में फांस है, इस फांस को और शार्प करना है। अखिलेश का विरोध करने वाले विधान सभा का मुंह नहीं देख पाएंगे। जहां अखिलेश वहां विजय।’

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First Published on October 25, 2016 9:49 am

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